Home Top News मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव तो एक्टिव हुआ पाक! गृह मंत्री मोहसिन नकवी का ईरान दौरा, जानें क्या है वजह?

मध्य पूर्व में बढ़ा तनाव तो एक्टिव हुआ पाक! गृह मंत्री मोहसिन नकवी का ईरान दौरा, जानें क्या है वजह?

by Sachin Kumar 20 September 2026, 4:51 PM IST (Updated 24 September 2026, 12:47 PM IST)
20 September 2026, 4:51 PM IST (Updated 24 September 2026, 12:47 PM IST)
Pak minister Naqvi to visit Tehran

Middle East Tension: अमेरिका-ईरान जंग एक ऐसे मोड़ पर पहुंच चुकी है, जहां इसका अंत नजर नहीं आ रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायल के साथ मिलकर जिस जीत का दावा करते हुए ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने की बात कही थी, उसके बावजूद संघर्ष जारी है. इसके उलट ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दबाव के एक अहम हथियार के तौर पर इस्तेमाल करते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित किया है.

होर्मुज में बढ़ते संकट के बीच दुनिया के कई देशों ने लाल सागर के रास्ते से माल की आवाजाही बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन अब यमन के हूतियों ने लाल सागर के तट और बाब अल-मंदेब के आसपास अपना नियंत्रण मजबूत कर लिया है. इससे अहम समुद्री मार्ग से होने वाले वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है. इन्हीं दो अहम समुद्री रास्तों पर बढ़ते संकट के बीच पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी रविवार को तेहरान का दौरा करने जा रहे हैं. इस दौरान वह ईरानी नेताओं से मुलाकात करेंगे और अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर बातचीत के जरिए समाधान तथा युद्धविराम की संभावनाओं पर चर्चा कर सकते हैं. पाकिस्तान इससे पहले भी तेहरान और वॉशिंगटन के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर चुका है.

पाक बना पाएगा सऊदी-हूती में सहमति?

ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शनिवार को कहा था कि नकवी का दौरा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और पहले हुई सहमतियों पर आगे की बातचीत पर केंद्रित होगा. बताया जा रहा है कि यह दौरा बहुत महत्वपूर्ण है. सऊदी अरब और ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच लड़ाई तेज हो गई है. सऊदी अरब हूती ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है, जबकि हूती समूह सऊदी क्षेत्र पर ड्रोन और मिसाइल से हमला कर रहे हैं. इससे सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे औ लाल सागर व बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य (स्ट्रेट) के आसपास शिपिंग मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं. आमतौर पर दुनिया का करीब 10 से 15 प्रतिशत व्यापार इन्हीं रास्तों से होता है.

पाक ने गारंटर के तौर पर दस्तखत किए थे

इसके अलावा पाकिस्तान की कोशिश ईरान और अमेरिका के बीच रुकी हुई बातचीत को फिर से शुरू करना है. दोनों पक्षों ने जून में एक अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिस पर इस्लामाबाद ने गारंटर के तौर पर दस्तखत किए थे. हालांकि, जुलाई में दोनों तरफ से हमले के बीच यह प्रक्रिया बाधित हो गई. होर्मुज शुरूआत से लेकर अब तक मुद्दा बना हुआ है. एक तरफ जहां अमेरिका इसको बिना शर्त खोलने की बात कह रहा है. तो दूसरी ओर ईरान इस पर टैरिफ या टोल फीस लगाने की बात कह रहा है. उसका मानना है कि जिस युद्ध को उसने शुरू नहीं किया, उसमें हुए नुकसान की भरपाई तो वह कहीं से करेगा.

क्या पाकिस्तान उठाएगा क्षेत्रीय मुद्दा

बघेई ने कहा कि नकवी इस यात्रा का इस्तेमाल क्षेत्रीय मुद्दों को उठाने के लिए कर सकता है. हालांकि, मंत्री के साथ अमेरिका का कोई खास संदेश को लेकर चर्चा नहीं हुई है. द नेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, बघेई के अनुसार इस यात्रा का मुख्य मकसद इस्लामाबाद और तेहरान के बीच पहली बनी सहमति पर आगे बढ़ना था. उम्मीद है कि नकवी रविवार की यात्रा के दौरान ईरान के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. यह यात्रा पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार की ईरान विदेश मंत्री अब्बास अरागची के साथ टेलीफोन पर बातचीत के एक दिन बाद हो रही है. बातचीत के दौरान डार ने बिना रुकावट ऊर्जा सप्लाई और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के महत्व पर जोर दिया.

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