Government Teacher: मुजफ्फरपुर में नियुक्त एक BPSC शिक्षिका को लेकर विवाद सामने आया है. शिक्षिका के पति और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान उन्होंने खुद को अविवाहित बताकर नौकरी हासिल की, जबकि उस समय उनकी शादी हो चुकी थी. इतना ही नहीं नौकरी मिलने के बाद शिक्षिका ने पति के साथ रहने से भी इनकार कर दिया. मामले को लेकर पति पक्ष ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को आवेदन देकर जांच की मांग की है. वहीं यह विवाद अब न्यायालय तक भी पहुंच चुका है.
2022 में हुई थी शादी
जानकारी के अनुसार, यह मामला जौनपुर निवासी प्रवीण कुमार विश्वकर्मा और उनकी शिक्षिका पत्नी से जुड़ा है. दोनों की शादी 2 दिसंबर 2022 को हुई थी. परिवार का कहना है कि शादी के बाद पत्नी BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थीं, जिसमें ससुराल पक्ष ने उनका आर्थिक सहयोग भी किया.
TRE-1 में मिली सफलता, 2023 में नियुक्ति
जुलाई 2023 में आयोजित TRE-1 परीक्षा में शिक्षिका सफल रहीं. इसके बाद नवंबर 2023 में उनकी नियुक्ति मुजफ्फरपुर जिले के कटरा प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय दहटोला पहसौल में हुई. पति और उनके परिजनों का आरोप है कि नौकरी मिलने के बाद शिक्षिका का व्यवहार बदल गया. उन्होंने धीरे-धीरे पति और ससुराल से दूरी बना ली. परिवार का कहना है कि पहले बातचीत कम हुई और बाद में संबंध लगभग खत्म हो गए. आरोप है कि अप्रैल 2025 में पति जब मुजफ्फरपुर पहुंचे और साथ रहने की बात कही, तो शिक्षिका ने उनके साथ रहने से इनकार कर दिया. इसके बाद दोनो के रिश्ते खराब हो गए. दोनों में बातचीत बंद है.
भर्ती में गलत जानकारी देने का आरोप
पति पक्ष का सबसे बड़ा आरोप यह है कि TRE-1 भर्ती प्रक्रिया के दौरान शिक्षिका ने अपने दस्तावेजों में वैवाहिक स्थिति गलत दर्ज कर खुद को अविवाहित बताया. परिजनों का कहना है कि यदि यह साबित होता है, तो यह विभाग को गलत सूचना देने का गंभीर मामला हो सकता है. प्रवीण विश्वकर्मा के बड़े भाई गुरु प्रसाद विश्वकर्मा ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि TRE-1 परीक्षा के दौरान बिंदु ने खुद को अविवाहित बताया था, जबकि उनकी शादी पहले ही हो चुकी थी. शिकायतकर्ता का दावा है कि यह विभाग को गुमराह करने और गलत दस्तावेज के आधार पर नौकरी पाने का मामला है. उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है.
शिक्षिका की सफाई
वहीं शिक्षिका ने इन आरोपों को लेकर अपनी अलग बात रखी है. उनका कहना है कि पति-पत्नी के बीच मतभेद को सुलझाने के लिए उन्होंने कई बार प्रयास किया, लेकिन रिश्ते को संभालने की कोशिश नहीं की गई. उन्होंने यह भी कहा कि मामला अब कोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए वे अपनी विस्तृत बात वहीं रखेंगी.फिलहाल यह मामला शिक्षा विभाग और न्यायालय दोनों के सामने है. DEO को दी गई शिकायत के बाद अब विभागीय जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह देखना अहम होगा. वहीं वैवाहिक विवाद को लेकर अंतिम फैसला न्यायालय की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा.
