Home Latest News & Updates विधानसभा में हंगामे की गूंज! सपा के विरोध से नहीं चल सकी कार्यवाही, योगी ने विपक्ष की राजनीति पर उठाए सवाल

विधानसभा में हंगामे की गूंज! सपा के विरोध से नहीं चल सकी कार्यवाही, योगी ने विपक्ष की राजनीति पर उठाए सवाल

by Dheeraj Tripathi 4 August 2026, 5:38 PM IST (Updated 4 August 2026, 6:24 PM IST)
4 August 2026, 5:38 PM IST (Updated 4 August 2026, 6:24 PM IST)
Proceedings stalled due uproar UP Assembly


UP Politics: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का दूसरा दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी टकराहट की भेंट चढ़ गया. राम मंदिर चढ़ावा चोरी, आरक्षण, शिक्षक भर्ती, पेपर लीक और दलित शोषित वर्गों के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी ने सदन के भीतर जोरदार प्रदर्शन किया. हंगामे के बीच अनुपूरक बजट पेश हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष के रवैये को असंवैधानिक और शर्मनाक बताया, जबकि विपक्ष सरकार से जवाब मांगता रहा.

प्रदर्शन के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई

विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही समाजवादी पार्टी के विधायक वेल में पहुंच गए. नारेबाजी और प्रदर्शन के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हो गई. सपा ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी, आरक्षण, 68,500 शिक्षक भर्ती, पेपर लीक और दलित-वंचितों के अधिकारों जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरा. लगातार हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना को कार्यवाही दोपहर 12 बजकर 20 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी.
इसके बाद जब दोपहर 12:20 पर सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्षी सदस्यों की तरफ से फिर हंगामा प्रदर्शन शुरू कर दिया गया. हंगामे के बीच वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 59 हजार 19 करोड़ 54 लाख रुपये का अनुपूरक बजट सदन में पेश किया. विपक्ष के विरोध के बावजूद बजट प्रस्तुति की प्रक्रिया पूरी हुई, जबकि सपा सदस्य सदन के वेल में आकर नारेबाजी प्रदर्शन करते रहे.

SIT जांच का निष्कर्ष सामने नहीं आया

सपा विधायक अतुल प्रधान ने सरकार को घेरते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने दूध का दूध और पानी का पानी करने की बात कही थी, लेकिन अब तक न तो एसआईटी जांच का निष्कर्ष सामने आया और न ही कथित बड़े आरोपियों पर कार्रवाई हुई. उन्होंने मुख्यमंत्री से सदन में दिए गए कुछ बयानों का आधार भी पूछा.

टिन्नू यादव से सवाल करें सपा

वहीं, योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि चढ़ावा चोरी मामले में सबसे पहले पकड़ा गया व्यक्ति टिन्नू यादव है. यदि समाजवादी पार्टी को इतनी चिंता है तो उसी से पूछना चाहिए कि चोरी का माल कहां है. उन्होंने कहा कि विपक्ष पर सदन के भीतर केवल राजनीतिक ड्रामा करने और सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया.

जारी हंगामे के बीच विधानसभा स्थगित

इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में अपना संबोधन शुरू किया, लेकिन विपक्ष का हंगामा लगातार जारी रहा. लगातार व्यवधान के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने सपा विधायक द्वारा सीएम योगी आदित्यनाथ की फोटो लहराकर दिखाने पर आपत्ति जताई और सचिन यादव को सदन से बाहर जाने के निर्देश दिए. अंततः लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही अगले दिन सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई. विधानसभा सचिवालय की तरफ से सपा विधायक सचिन यादव को मानसून सत्र की पूरी कार्यवाही के लिए निलंबित करने का आदेश भी जारी कर दिया.

बहुमूल्य समय को विपक्ष ने किया नष्ट

सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मानसून सत्र प्रदेश की 25 करोड़ जनता के हितों पर चर्चा का महत्वपूर्ण अवसर था, लेकिन विपक्ष ने लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी करते हुए सदन का बहुमूल्य समय नष्ट किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी. सर्वदलीय बैठक में भी सभी दलों से बातचीत हुई थी और नियमों के तहत आने वाले हर प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है. उन्होंने समाजवादी पार्टी के आचरण को असंवैधानिक और शर्मनाक बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष को न चर्चा में विश्वास है और न ही लोकतांत्रिक परंपराओं में.

योगी सरकार ने खोला खजाना, वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने पेश किया ₹59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट

हंगामे के बाद सत्ता पक्ष ने भी विपक्ष पर तीखे हमले किए. भाजपा विधायक प्रकाश द्विवेदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष विकास के मुद्दों पर चर्चा से बच रहा है और केवल सदन की कार्यवाही बाधित करने की राजनीति कर रहा है. उन्होंने दावा किया कि अयोध्या मामले में जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है.

मर्यादा भंग करना स्वीकार्य नहीं

भाजपा विधायक केतकी सिंह ने कहा कि विरोध लोकतंत्र का अधिकार है, लेकिन सदन की मर्यादा भंग करना स्वीकार्य नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक प्लेकार्ड दिखाए और मार्शलों के साथ धक्का-मुक्की कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई. वहीं योगी सरकार के मंत्री रविंद्र जायसवाल ने विपक्ष पर बहस से भागने और जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया. इसके अलावा मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने प्रश्नकाल तक बाधित कर दिया और सदन नहीं चलने दिया.

मानसून सत्र के दूसरे दिन भी सदन में शोर और सियासी आरोप-प्रत्यारोप हावी रहे. एक ओर विपक्ष सरकार से अयोध्या चढ़ावा चोरी, आरक्षण, शिक्षक भर्ती और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर जवाब मांगता रहा, तो दूसरी ओर सरकार ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ने और चर्चा से भागने का आरोप लगाया. अब सबकी नजरें अगले दिन की कार्यवाही पर हैं कि क्या सदन में बहस होगी या फिर हंगामे का सिलसिला जारी रहेगा.

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