JPSC Paper Leak: NEET पर हंगामा… संसद ठप… लेकिन झारखंड में पेपर लीक और भर्ती घोटालों पर सन्नाटा चुप्पी क्यों? भाजपा ने अब इसी सवाल को हथियार बना लिया है. आरोप है कि झारखंड में युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ हुआ, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष चुप है. पेपर लीक के मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब सियासी घमासान शुरू हो गया है. ऐसे में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर भी पेपर लीक घोटाले के गंभीर आरोप लग रहे हैं जिसको लेकर विवाद शुरू हो गया है.
झारखंड में सरकार की सहयोगी है कांग्रेस
NEET परीक्षा में पेपर लीक का मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार को घेरने वाला विपक्ष अब खुद सवालों के घेरे में है. वजह है झारखंड का JPSC और भर्ती परीक्षाओं का कथित घोटाला. रांची की सड़कों पर छात्र पिछले 11 दिनों से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष की ओर से वैसा तेवर नहीं दिख रहा, जैसा NEET के वक्त दिखा था. भाजपा का सीधा आरोप है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल युवाओं के भविष्य पर नहीं, बल्कि राजनीतिक सुविधा के हिसाब से आंदोलन करते हैं. भाजपा कहती है कि अगर यही मामला किसी भाजपा शासित राज्य का होता तो संसद से सड़क तक हंगामा मच चुका होता. लेकिन झारखंड में सरकार सहयोगी दल की है, इसलिए विपक्ष खामोश है.
CBI जांच की मांग
भाजपा ने झारखंड सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की CBI जांच की मांग की है. पार्टी का कहना है कि लाखों युवाओं का भविष्य दांव पर है और दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है. भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर परीक्षा घोटालों को लेकर “डबल स्टैंडर्ड” अपनाने का आरोप लगाया है. भाजपा ने जेपीएससी के अध्यक्ष एल ख्यात पर भी सवाल उठाया है. भाजपा का आरोप है जब जेपीएससी के अध्यक्ष अयोग्य थे तो फिर उनको जेपीएससी का अध्यक्ष क्यों बनाया गया.
कांग्रेस को पढ़ाया नैतिकता का पाठ
साफ है झारखंड में जेपीएससी पेपर लीक को बीजेपी विपक्षी दलों पर अटैक करने के लिए हथियार बना रही है. ऐसे में अब लड़ाई सिर्फ पेपर लीक की नहीं, बल्कि राजनीतिक नैतिकता की भी बन गई है. भाजपा सवाल पूछ रही है कि क्या युवाओं का भविष्य राज्य देखकर तय होगा? क्या विपक्ष का गुस्सा सिर्फ भाजपा शासित राज्यों के लिए है? और अगर पेपर लीक हर जगह अपराध है, तो झारखंड पर यह खामोशी क्यों? झारखंड में छात्रों का आंदोलन जारी है. अब निगाहें इस बात पर हैं कि झरखंड सरकार जांच के सवालों का जवाब कैसे देती है और विपक्ष भाजपा के इन आरोपों का क्या जवाब देता है. गौरतलब है कि झारखंड में हाल के वर्षों में कई प्रमुख प्रतियोगी और बोर्ड परीक्षाओं के पेपर लीक और गंभीर गड़बड़ियों के मामले सामने आए हैं. झारखंड में अब हाल ही में कई पेपर लिक हुए हैं. झारखंड में 6 से ज्यादा परीक्षाएं प्रभावित हुई हैं. इनमें JPSC, JSCC परीक्षाओं में धांधली के आरोप लगे हैं.
झारखंड में कौन-कौन से पेपर हुए लीक हुए
JSSC CGL परीक्षा
2023 में आयोजित JSSC Combined Graduate Level परीक्षा के बाद पेपर लीक के आरोप लगे. मामला हाईकोर्ट पहुंचा, जिसके बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित की गई. मामले की CID जांच भी हुई.
JPSC सिविल सेवा परीक्षा
JPSC की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्र की सुरक्षा और पेपर लीक के आरोप लगे. इन आरोपों की जांच के लिए CID की SIT जांच कर रही है.
JSSC उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा
उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में परीक्षा माफिया और सॉल्वर गैंग के जरिए धांधली और पेपर लीक के आरोप सामने आए. मामले में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया.
JAC 10वीं बोर्ड परीक्षा
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की 10वीं बोर्ड परीक्षा में हिंदी और विज्ञान विषय के प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद खड़ा हुआ. जांच के बाद परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई गई. इधर राष्ट्रीय स्तर की NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले की जांच में झारखंड के हजारीबाग और देवघर का नाम सामने आया था. CBI जांच में राज्य से जुड़े कई अहम सुराग मिले. झारखंड में JPSC की कई परीक्षाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं.
इसमें 14वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा, फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती, सहायक वन संरक्षक भर्ती, झारखंड पात्रता परीक्षा, परियोजना प्रबंधक भर्ती, सिविल जज (जूनियर डिवीजन, मेडिकल कॉलेज असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती, एपीपी भर्ती शामिल हैं. हाल के दिनों में इन भर्तियों और परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं के आरोपों और जांच के बीच JPSC ने कुल 9 भर्ती परीक्षाएं अगले आदेश तक स्थगित कर दी थीं. आयोग ने स्थगन का कारण अपरिहार्य कारण बताया, जबकि यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच के बीच लिया गया है.
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