Prashant Kishor: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के बीच जन सुराज पार्टी (JSP) ने आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के मामले में चुनाव आयोग से दखल देने की मांग की. बताया जा रहा है कि बांकीपुर उपचुनाव में JSP प्रमुख प्रशांत किशोर से सीधी चुनौती मिल रही है. इसी बीच JSP के राज्य अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि हमारे उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने इस बारे में राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है.
कर्मचारियों का रूप धारण कर घूम रहे थे लोग
मनोज भारती ने कहा कि हमारी पार्टी की तरफ से दिए गए ज्ञापन में बताया गया है कि बीजेपी कार्यकर्ता पटना की सड़कों पर नगर निगम के कर्मचारियों का रूप धरकर घूम रहे हैं. वे घरों की दीवारों से हमारे पोस्टर और बैनर को हटाकर फाड़ रहे हैं. हालांकि, हमने अपने पोस्ट लगाने से पहले घरों के मालिकों से इसकी प्रमीशन ली थी. जन सुराज पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ देर बाद उन्हीं दीवारों पर बीजेपी के पोस्टरों को लगा दिया जाता है. भारती ने आगे कहा कि जब हमने नगर निगम के कर्मचारी होने का दावा करने वाले कुछ लोगों से उनके पहचान-पत्र मांगे तो वह भाग गए. चुनाव आयोग को आदर्श आचार संहिता के इस गंभीर उल्लंघन को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए.
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उपचुनाव में है बड़ी जीत का भरोसा
उन्होंने यह भी दावा किया कि बीजेपी ने प्रशांत किशोर को निशाना बनाते हुए कई झूठे और गुमराह करने वाले भी पोस्टर जारी किए हैं. यह उपचुनाव बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के इस्तीफे देने के बाद हो रहा है. वह कुछ महीने पहले ही राज्यसभा सदस्य के रूप में चुने गए थे. इस समय नितिन पार्टी में नई जान फूंकना चाहते हैं, जिसे पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था. उन्होंने यह दावा करते हुए चुनावी मैदान में कदम रखा है कि बिहार में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार की लोकप्रियता पर एक जनमत संग्रह है. आपको बताते चलें कि 1995 से यह सीट बीजेपी के पास ही है और इस बार युवा विंग के नेता नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा है. इस बार पार्टी को बांकीपुर उपचुनाव में बड़ी जीत का भरोसा है.
बीजेपी ने JSP के नेताओं को खींचा
दूसरी तरफ बीते कुछ दिनों पहले बीजेपी ने जन सुराज पार्टी के बड़े नेताओं को अपनी ओर खींचकर हिला दिया था. इनमें से कुछ नेताओं ने तो जेएसपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ा था. वहीं, भारती ने कहा है कि हमने इलेक्शन कमीशन से आग्रह किया है कि वह इस बात को पक्का करें कि नवंबर में हुए विधानसभा चुनावों के उलट इस बार महिला स्वयं-सहायता समूहों के वॉलंटियर्स को पोलिंग बूथों पर तैनात न किया जाए.
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News Source: PTI
