Home Top News विवादों में CEC का बंगाल दौरा, CM ममता ने लगाया धमकाने का आरोप, वर्कर्स दिखा रहे काला झंडा

विवादों में CEC का बंगाल दौरा, CM ममता ने लगाया धमकाने का आरोप, वर्कर्स दिखा रहे काला झंडा

by Neha Singh 10 March 2026, 11:40 AM IST (Updated 10 March 2026, 12:05 PM IST)
10 March 2026, 11:40 AM IST (Updated 10 March 2026, 12:05 PM IST)
CEC Gyanesh Kumar

CEC Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मंगलवार सुबह दक्षिणेश्वर काली मंदिर दर्शन करने गए, जहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें काले झंडे दिखाए और गो बैक के नारे लगाए.

10 March, 2026

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव की तैयारियों को जायजा लेने के लिए तीन दिन के बंगाल दौरे पर हैं, जहां उन्हें टीएमसी द्वारा भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है. मंगलवार सुबह ज्ञानेश कुमार दक्षिणेश्वर काली मंदिर दर्शन करने गए, इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और काले झंडे दिखाए. राज्य में एसआईआर के बाद मतदाता सूची में कथित मनमाने ढंग से नाम हटाने को लेकर इसी तरह का एक विरोध प्रदर्शन रविवार रात को कोलकाता पहुंचने पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बाहर आयोजित किया गया था.

हिंसा मुक्त चुनाव कराने का वादा

सोमवार सुबह जब वह शहर के दक्षिणी हिस्से में कालीघाट मंदिर गए तो उन्हें ‘वापस जाओ’ के नारों का सामना करना पड़ा और उन्हें काले झंडे दिखाए गए. दक्षिणेश्वर काली मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन के बावजूद, कुमार ने राज्य में अपने निर्धारित कार्यक्रम जारी रखे. सीईसी ने आज सुबह हावड़ा जिले के बेलूर मठ का भी दौरा किया और कहा कि चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में हिंसा मुक्त चुनाव के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि आयोग यह सुनिश्चित करने का प्रयास करेगा कि उत्सवी माहौल में मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें. बेलूर मठ की अपनी यात्रा के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए कुमार ने कहा, “चुनाव आयोग यह सुनिश्चित करना चाहेगा कि चुनाव हिंसा-मुक्त या भय-मुक्त होंगे.”

‘अधिकारियों को चेतावनी’

सीईसी चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए राज्य के दौरे पर हैं और उन्होंने विधानसभा चुनाव से पहले सोमवार को राजनीतिक दलों और अधिकारियों के साथ बैठकें कीं. सोमवार को बैठकों के दौरान, कुमार ने चेतावनी दी कि चुनाव से पहले कानून व्यवस्था बनाए रखने में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी की आवश्यकता पर बल दिया. इस पर भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ज्ञानेश कुमार पर अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया. उन्होंने चेतावनी दी थी कि संवैधानिक अधिकारियों द्वारा “झूठी शेखी बघारना” स्वीकार्य नहीं है.

वोटर लिस्ट से कटे 63.66 लाख नाम

28 फरवरी को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद से 63.66 लाख नाम, यानी मतदाताओं का लगभग 8.3 प्रतिशत, हटा दिए गए हैं, जिससे मतदाता आधार लगभग 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गया है. इसके अलावा, 60.06 लाख से अधिक मतदाताओं को “निर्णयन के तहत” श्रेणी के तहत रखा गया है, जिसका अर्थ है कि उनकी पात्रता आने वाले हफ्तों में कानूनी जांच के माध्यम से निर्धारित की जाएगी. फिलहाल पश्चिम बंगाल में राज्य सरकार और चुनाव आयोग के बीज तकरार जारी है. ममता बनर्जी कोर्ट में भी चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा संभाल रही हैं.

News Source: PTI

यह भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटों पर फैसला: निर्विरोध चुनी गईं लक्ष्मी वर्मा और फूलो देवी नेताम

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?