Home Top News बाढ़ में जीवन रक्षक बनी भारतीय सेना, गुजरात-दादरा नगर हवेली में 800 लोगों की बचाई जान

बाढ़ में जीवन रक्षक बनी भारतीय सेना, गुजरात-दादरा नगर हवेली में 800 लोगों की बचाई जान

by Nikul Patel 26 July 2026, 4:27 PM IST
26 July 2026, 4:27 PM IST
Gujarat Flood Rescue Operation

Gujarat Flood Rescue Operation: गुजरात और दादरा एवं नगर हवेली में लगातार हुई मूसलाधार बारिश और बाढ़ जैसे हालात के बीच भारतीय सेना ने तीन दिनों तक चले बड़े राहत एवं बचाव अभियान को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. दक्षिणी कमान के नेतृत्व में 23 जुलाई 2026 की शाम शुरू किए गए इस मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभियान के दौरान सेना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और जरूरतमंदों तक राहत सामग्री पहुंचाई.

इन जगहों पर चलाया गया रेस्क्यू ऑपरेशन

भारतीय सेना ने इस अभियान के दौरान गुजरात के नवसारी, वलसाड, वापी, अहमदाबाद, धोलका और राजोडा तथा केंद्र शासित प्रदेश दादरा एवं नगर हवेली के सिलवासा जैसे बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए. इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त टीमों को भी स्टैंडबाय पर रखा गया था. सेना की इंजीनियरिंग और मेडिकल टीमों ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF, SDRF, राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र, स्थानीय प्रशासन और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर राहत कार्यों को अंजाम दिया.

भोजन, पानी और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं

बाढ़ से घिरे और दुर्गम इलाकों में पहुंचकर जवानों ने फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया. मेडिकल टीमों ने जरूरतमंदों को तत्काल स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराईं, जबकि राहत दलों ने भोजन, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सामग्री का वितरण किया. भारतीय सेना ने केवल लोगों को सुरक्षित निकालने तक ही अपनी जिम्मेदारी सीमित नहीं रखी, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य स्थिति बहाल करने में भी नागरिक प्रशासन की हर संभव सहायता की. राहत अभियान के दौरान सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतरीन समन्वय देखने को मिला, जिसने कठिन परिस्थितियों में भी राहत कार्यों को प्रभावी बनाया.

सैनिकों ने जान जोखिम में डालकर बचाई जिंदगियां

सेना के अनुसार, इस अभियान में कई प्रेरणादायक घटनाएं भी सामने आईं, जहां सैनिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों की मदद की. आपदा राहत एजेंसियों, प्रशासन और स्वयंसेवकों के साथ मिलकर सेना ने यह साबित किया कि संकट की घड़ी में समन्वय और त्वरित कार्रवाई से बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना किया जा सकता है. भारतीय सेना ने कहा कि इस सफल अभियान ने एक बार फिर देश और देशवासियों के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता को साबित किया है. सेना ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी किसी भी प्राकृतिक आपदा या आपात स्थिति में वह मानवीय सहायता और राहत कार्यों के लिए हमेशा तैयार रहेगी.

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