Europe Wildfires: दक्षिण-पश्चिमी यूरोप इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा की चपेट में है. फ्रांस और स्पेन के जंगलों में लगी विनाशकारी आग ने तांडव मचा रखा है, जिससे अब तक 3 लाख से अधिक लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है. इस आपदा ने दोनों देशों के बड़े हिस्से को राख में तब्दील कर दिया है. प्रशासन के लिए इसे संभालना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है.
आग कब और कहां से लगी?
यह भीषण आग जुलाई 2026 के मध्य में दक्षिणी यूरोप को अपनी चपेट में लेने वाली अत्यधिक तीव्र हीटवेव (भीषण गर्मी) के दौरान भड़की. फ्रांस के गिरोंद (Gironde) और Landes प्रांतों में कई जगहों पर एक साथ आग धधक उठी, जो तेजी से ऐतिहासिक शहर बोर्डो के बाहरी इलाकों तक पहुंच गई है. वहीं, स्पेन की राजधानी मैड्रिड (Madrid) के पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों के जंगलों में आग ने विकराल रूप ले लिया है.
आग लगने और बेकाबू होने के मुख्य कारण
जलवायु परिवर्तन के कारण यूरोप इस समय इतिहास के सबसे गर्म दौर से गुजर रहा है. आग के बेकाबू होने के ये प्रमुख कारण हैं.
- अत्यधिक तापमान और सूखा: तापमान लगातार 40°C के पार बना हुआ है. लंबे समय से बारिश न होने के कारण जंगलों की वनस्पति सूखी घास के ढेर में बदल चुकी है.
- तेज और बदलती हवाएं: तेज हवाओं ने आग की लपटों को ऑक्सीजन दी, जिससे चिंगारी तेजी से नए इलाकों में फैल गई. हवा की दिशा बार-बार बदलने से दमकलकर्मियों के लिए रणनीति बनाना मुश्किल हो रहा है.
- आग का आपस में मिलना: स्पेन में मैड्रिड के बाहर दो बड़ी आग आपस में मिलकर एक विशाल ‘सुपरफायर’ में बदल गईं, जिसने स्थानीय सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया.

जन-धन की भारी हानि
इस प्राकृतिक आपदा ने दोनों देशों में व्यापक तबाही मचाई है.
- विस्थापन: फ्रांस में अब तक 2,20,000 और स्पेन में 1,00,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. प्रसिद्ध टूर डी फ्रांस (Tour de France) साइकिल रेस का मार्ग भी बदलना पड़ा है.
- जमीन और संपत्ति का नुकसान: स्पेन में इस साल अब तक 1,50,000 हेक्टेयर और फ्रांस में लगभग 1,000,000 हेक्टेयर से अधिक वन भूमि जल चुकी है. सैकड़ों घर, टूरिस्ट कैंपसाइट्स और कृषि संपत्तियां जलकर राख हो गई हैं.
- हताहत: फ्रांस में 60 से अधिक दमकलकर्मी घायल हुए हैं. स्पेन के वालेंसिया क्षेत्र में एक बुजुर्ग नागरिक की मौत की पुष्टि हुई है. इसके अलावा वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास को क्षति पहुंची है.
रूस का यूक्रेन पर बैलिस्टिक मिसाइल से भीषण हमला, 1 की मौत और 16 गंभीर रूप से घायल
सरकारें क्या कदम उठा रही हैं?
संकट की गंभीरता को देखते हुए स्पेन सरकार ने इतिहास में पहली बार राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है. स्पेन की ‘मिलिट्री इमरजेंसी यूनिट’ (UME) के हजारों जवानों को ज़मीनी मोर्चे पर उतारा गया है. जबकि फ्रांस सरकार ने अग्निशमन अभियानों में तेज़ी लाने के लिए पहली बार Airbus A400M सैन्य विमानों का उपयोग किया है, जो आसमान से भारी मात्रा में आग बुझाने वाले केमिकल (फ्लेम रिटार्डेंट) गिरा रहे हैं. दोनों देशों ने यूरोपीय संघ (EU) से आपातकालीन सहायता मांगी है, जिसके बाद जर्मनी, ग्रीस, इटली और पुर्तगाल जैसे सहयोगी देशों ने अपनी हेलिकॉप्टर, दमकल टीमें और विमान मदद के लिए भेजे हैं. प्रशासन का पूरा ध्यान इस समय मानवीय जीवन को बचाने और बस्तियों तक आग को पहुंचने से रोकने पर केंद्रित है.
लोगों को रात में ही घर छोड़ने का आदेश
दक्षिण-पश्चिम फ्रांस में लगी भीषण आग की वजह से रविवार रात 55 हजार लोगों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाना पड़ा. इससे सिर्फ़ एक इलाके में घर छोड़ने वाले लोगों की कुल संख्या 2,20,000 तक पहुंच गई है, क्योंकि आग वाइन के लिए मशहूर शहर बोर्डो के और करीब पहुंच रही थी. पड़ोसी देश स्पेन ने भी अपने पूर्वी तट पर आग की वजह से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. तेज व बदलती हवाओं और सूखे मौसम की वजह से फ्रांस के गिरोंडे इलाके (जहां बोर्डो शहर है) में एक हफ़्ते से फैल रही आग बेकाबू होती जा रही है. अधिकारियों ने ऐतिहासिक शहर के दक्षिण-पश्चिम में पांच और इलाकों के लोगों को रात में ही घर छोड़ने का आदेश दिया है.

हालात अभी भी बहुत खराब
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने कहा कि हालात अभी भी बहुत खराब हैं. उन्होंने इसे फायर क्रू के लिए एक और मुश्किल रात बताया, जो पेरिस से चार गुना बड़े इलाके में फैली इस आग से चौबीसों घंटे लड़ रहे हैं. नुनेज़ ने कहा कि आग फिर से बहुत खतरनाक और अनियंत्रित हो गई. यह बेतरतीब ढंग से बोर्डो मेट्रोपॉलिटन इलाके की ओर बढ़ने लगी है.
प्रभावित लोगों के लिए प्रार्थना की अपील
रविवार की अपनी एंजेलस प्रार्थना के आखिर में पोप लियो XIV ने फ्रांस और स्पेन में लगी भयानक आग का ज़िक्र किया. कहा कि मैं अपना समर्थन ज़ाहिर करता हूं. सभी से अपील करता हूं कि वे प्रभावित लोगों और बचाव कार्य में लगे लोगों के लिए प्रार्थना करें. इलाके के प्रशासन ने बताया कि रविवार सुबह तक गिरोंडे में लगभग 42,000 हेक्टेयर ज़मीन जल चुकी थी. इसमें ज़्यादातर जंगल और झाड़ियां थीं जो लगातार पड़ रही गर्मी की लहरों (हीट वेव) की वजह से पूरी तरह सूख गई थीं, जिससे आग और भयंकर हो गई. यह इलाका मैनहट्टन द्वीप से सात गुना और पेरिस शहर से चार गुना बड़ा है. दमकलकर्मी ट्रकों में सवार होकर आग की लपटों पर काबू पाने के लिए तेज़ी से पहुंचे. पानी व आग बुझाने वाले केमिकल (रिटार्डेंट) गिराने वाले विमान धुएं से भरी हवा में चक्कर लगाते रहे.
आग बुझाने में लगे 2,500 दमकलकर्मी
फ्रांस के गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज़ ने बताया कि आग बुझाने के काम में लगे दमकलकर्मियों की संख्या बढ़कर 2,500 हो गई है, जिन्हें 18 विमानों और हेलीकॉप्टरों का साथ मिल रहा है. इनमें दूसरे यूरोपीय देशों के विमान और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं. सैनिकों को भी बुलाया गया है. मंत्री ने कहा कि आग बुझाने के काम के लिए तैयार किए गए एक विशाल A400M मिलिट्री कार्गो विमान का भी दोबारा इस्तेमाल किया जाएगा. शनिवार को इस विमान ने आग के खतरे वाले सूखे जंगलों के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ान भरी और गेरूए रंग के केमिकल (रिटार्डेंट) की एक लंबी धार गिराई. गिरोंडे प्रशासन ने बताया कि 75 दमकलकर्मियों का चोटों के लिए इलाज किया गया है और आग से 240 घर जलकर खाक हो गए हैं.
US Iran War: ईरान पर लगातार 11वीं रात भीषण हमला, यूएस आर्मी ने इन ठिकानों पर बरसाए बम
बोर्डो शहर की ओर बढ़ रही है आग
बोर्दो के मेयर थॉमस काज़ेनाव ने आग को मेट्रोपॉलिटन इलाके के दरवाज़े पर बताया, जो सबसे नज़दीकी बिंदु पर लगभग 15 किलोमीटर दूर है. गिरोंडे के प्रीफ़ेक्ट ने शहर में आने-जाने वाले एक बड़े हाईवे को आंशिक रूप से बंद करने का आदेश दिया है. लेकिन काज़ेनाव ने कहा कि अभी बोर्दो से लोगों को निकालने की कोई योजना नहीं है. इस शहर में 2,68,000 लोग रहते हैं. बोर्दो ने एक बड़े एग्ज़िबिशन सेंटर को सुरक्षित निकाले गए लोगों के लिए इमरजेंसी शेल्टर में बदल दिया है, जहां हज़ारों लोगों के लिए कैंप बेड और खाने की व्यवस्था की गई है, जिनमें केयर होम से निकाले गए सैकड़ों बुज़ुर्ग भी शामिल हैं.
लैंड्स इलाके में भी लगी आग
दक्षिण में लैंड्स इलाके में लगी एक दूसरी आग के कारण भी इस हफ़्ते 36,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाना पड़ा, जिससे दक्षिण-पश्चिम फ़्रांस में विस्थापित लोगों की कुल संख्या 2,50,000 से ज़्यादा हो गई है. नुनेज़ ने कहा कि रविवार को भी 550 फ़ायरफ़ाइटर उस आग को बुझाने में लगे हुए थे.
फ़ायरफ़ाइटर की टीमें दक्षिणी फ़्रांस के वार इलाके में भूमध्य सागर के पास लगी एक अलग आग से भी जूझ रही हैं. वहां से लगभग 3,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है.
स्पेन में एक व्यक्ति की मौत
स्पेन में मैड्रिड के आसपास जंगल की आग बेकाबू हो गई है. रविवार को वैलेंसिया इलाके में भी लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया. स्थानीय सरकार के मुताबिक, शनिवार को वैलेंसिया के उपनगर मैनिसिस में जंगल की आग चार घंटे तक भड़की रही, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई. हाल की आग की घटनाओं में स्पेन में यह पहली मौत है. प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने रविवार को कहा कि हमारे सामने अभी भी कुछ मुश्किल घंटे हैं, लेकिन आग पर काबू पाने के लिहाज़ से रात का समय बहुत अच्छा रहा.

चैपिनेरिया शहर में हर तरफ राख ही राख
रविवार को सरकार के नए आंकड़ों के मुताबिक, स्पेन में कुल 76,000 लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है, जबकि 30,000 लोग अपने घरों में ही रहने को मजबूर हैं. सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए लोग इस बात को लेकर परेशान थे कि जब उन्हें वापस लौटने की इजाज़त मिलेगी, तो उन्हें वहां क्या मिलेगा. मैड्रिड के पश्चिम में स्थित चैपिनेरिया शहर से अपने कुत्ते सिम्बा के साथ सुरक्षित निकलीं रोसियो डोमिंग्वेज़ ने कहा कि यह कयामत जैसा मंज़र था. कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था. हर तरफ़ राख ही राख थी. उन्होंने कहा कि हमें नहीं पता कि जब हम शहर लौटेंगे, तो क्या हमारा आधा घर जला हुआ मिलेगा या घर सही-सलामत मिलेगा या फिर घर बचेगा ही नहीं. सारे कपड़े, सारी यादें, सब कुछ बर्बाद हो जाएगा.
