Delhi Chhath Puja: बिहार का महापर्व छठ आने वाला है. दिल्ली में रहने वाले बिहारियों के लिए हर साल छठ पर खास आयोजन किया जाता है. इस साल भी दिल्ली सरकार ने तैयारियां तेज कर दी है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को आने वाले छठ त्योहार की तैयारियों का जायजा लेने के लिए संबंधित विभागों, जिला प्रशासन और अलग-अलग एजेंसियों के अधिकारियों के साथ एक डिटेल्ड रिव्यू मीटिंग की. मुख्यमंत्री ने कहा कि भक्तों की सुविधा, सुरक्षा, सफाई या छठ पूजा को आसानी से कराने के लिए इंतजामों में कोई कमी नहीं होनी चाहिए.
उषा अर्घ्य के दिन रहेगा सार्वजनिक अवकाश
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी तैयारियां तय समय में पूरी होनी चाहिए और अधिकारियों को सिर्फ प्रोग्रेस रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय हर घाट पर खुद जाकर इंतजामों का निरीक्षण करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस साल छठ पूजा के लिए पिछले साल की तुलना में ज्यादा घाट बनाए जाएंगे. इस मौके पर पब्लिक हॉलिडे भी रहेगा. 16 नवंबर को सुबह ‘उषा अर्घ्य’ के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने सोमवार 16 नवंबर को सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्देश दिया है.
दो दिन पहले काम पूरा करने के निर्देश
एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, रेखा गुप्ता ने कहा कि छठ लाखों भक्तों की आस्था से जुड़ा एक महत्वपूर्ण त्योहार है, इसलिए सरकार को यह पक्का करना चाहिए कि व्रत रखने वालों और उनके परिवारों को पूजा के लिए साफ, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिले. उन्होंने अधिकारियों को त्योहार से कम से कम दो दिन पहले सभी बड़े इंतजाम पूरे करने का निर्देश दिया. मीटिंग में कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा, छठ पूजा कमिटी के प्रतिनिधि और MLA अभय वर्मा, चंदन कुमार चौधरी और संदीप सहवत और रेवेन्यू डिपार्टमेंट, दिल्ली पुलिस, ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली जल बोर्ड, नगर निगम, नई दिल्ली म्युनिसिपल काउंसिल, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, सिंचाई और बाढ़ कंट्रोल डिपार्टमेंट, फायर सर्विस और दूसरी संबंधित एजेंसियों के अधिकारी शामिल हुए.
पूरी दिल्ली में 1,400 से ज्यादा घाट बनाए जाएंगे
इस बीच, अधिकारियों ने मीटिंग में बताया कि इस साल छठ पूजा 13 नवंबर से शुरू होगी और 16 नवंबर तक चलेगी. नवंबर में ठंड के मौसम की संभावना को ध्यान में रखते हुए, मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को खास इंतजाम करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि मौसम के हालात पिछले साल से अलग हैं. जहां भी जरूरत हो, बड़े और मीडियम साइज के घाटों पर काफी ढके हुए टेंट लगाए जाने चाहिए. स्टेज के पीछे, मुख्य पूजा वाली जगह पर और दूसरी जरूरी जगहों पर भी टेंट लगाए जाने चाहिए. अधिकारियों को जरूरत के हिसाब से बड़े मॉडल घाटों पर और टेंट लगाने का निर्देश दिया गया. संबंधित डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने मीटिंग में बताया कि इस साल छठ पूजा के लिए दिल्ली में 1,400 से ज्यादा घाट बनाए जाने की उम्मीद है, जबकि पिछले साल 1,326 घाट बनाए गए थे.
महिलाओं के लिए टॉयलेट और चेंजिंग रूम
रिलीज में आगे बताया गया कि मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि घाटों पर बेसिक तैयारियां 6 नवंबर तक पूरी कर ली जाएं और सिर्फ पानी भरने, टेंट लगाने और आखिरी सफाई जैसे काम बाद के दिनों के लिए छोड़ दिए जाएं. साथ ही, जिला प्रशासन और संबंधित डिपार्टमेंट को अपने-अपने इलाकों में घाटों का रेगुलर इंस्पेक्शन करने और किसी भी कमी को मौके पर ही ठीक करने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को महिलाओं के लिए काफी टॉयलेट और चेंजिंग रूम पक्का करने का भी निर्देश दिया, और इस बात पर जोर दिया कि यह त्योहार पवित्रता से जुड़ा है और इन सुविधाओं पर खास ध्यान देने की जरूरत है. उन्होंने संबंधित डिपार्टमेंट को घाटों और आस-पास के इलाकों में सफाई बनाए रखने का भी निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि शाम के अर्घ्य से पहले, रात में शाम की नमाज के बाद और सुबह के उषा अर्घ्य के तुरंत बाद सफाई का इंतजाम होना चाहिए.
साफ-सफाई का खास इंतजाम
15 और 16 नवंबर को भारी भीड़ होने की उम्मीद है, इसलिए सफाई कर्मचारियों और एक्स्ट्रा टीमों को चौबीसों घंटे एक्टिव रहना होगा. CM ने कहा कि काफी संख्या में बड़े डस्टबिन लगाए जाने चाहिए और कचरा जमा होने का इंतजार करने के बजाय उसे लगातार हटाया जाना चाहिए. रेखा गुप्ता ने कहा कि रास्ते गड्ढों, ढीले पत्थरों, मलबे और दूसरी रुकावटों से मुक्त होने चाहिए. सड़कों की मरम्मत की जानी चाहिए और आस-पास धूल-मिट्टी से बचाने के लिए रेगुलर पानी का छिड़काव किया जाना चाहिए. सभी उपलब्ध स्प्रिंकलर और दूसरी मशीनरी का पूरा इस्तेमाल किया जाना चाहिए. मशीनों को सिर्फ स्टैंडबाय पर रखने के बजाय, अधिकारियों को जरूरत के हिसाब से उन्हें लगातार तैनात करना चाहिए. उन्होंने कहा, बीच की सड़क के बीच और मरम्मत वाली जगहों पर पड़े पुराने पत्थर और मलबे को भी हटाया जाना चाहिए. घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर काफी रोशनी की जरूरत पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी सड़क अंधेरे में नहीं रहनी चाहिए और कोई भी डार्क स्पॉट नहीं रहना चाहिए.
CCTV कैमरों से होगी निगरानी
अधिकारियों को सभी बड़े और भीड़-भाड़ वाले घाटों पर CCTV निगरानी पक्का करने का निर्देश दिया गया है और दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को तालमेल से काम करने का निर्देश दिया गया है. बड़े और बहुत ज़्यादा भीड़ वाले घाटों के पास फायर टेंडर जरूर तैनात होने चाहिए. गुप्ता ने ट्रैफिक पुलिस से लोकल ऑर्गनाइजर के साथ कोऑर्डिनेट करने और जहां भी जरूरी हो, पार्किंग अरेंजमेंट, ट्रैफिक डायवर्जन और सड़क बंद होने के बारे में पहले से जानकारी शेयर करने को भी कहा. CM ने निर्देश दिया कि बड़े मॉडल घाटों पर LED स्क्रीन भी होनी चाहिए जिन पर लगातार छठ पूजा से जुड़ा कंटेंट दिखाया जा सके, साथ ही दिल्ली सरकार की पब्लिक वेलफेयर स्कीमों के बारे में जानकारी देने वाले वीडियो भी दिखाए जाएं.
विदेशी राजदूत को आमंत्रण
इस साल छठ पूजा समारोह में विदेशी राजदूतों और उच्चायुक्तों को भी आमंत्रित किया जाएगा. विज्ञप्ति के अनुसार, अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे ‘इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशंस’ (ICCR) के साथ मिलकर एक उपयुक्त जगह चुनें और इस कार्यक्रम को ‘सूर घाट’ या किसी अन्य उपयुक्त और अच्छी तरह से तैयार घाट पर आयोजित करने की संभावना तलाशें.
News Source: ANI
