Israel Voting: इजरायल में प्रधानमंत्री चुनने के लिए मतदान जारी है. इस चुनाव पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक किस्मत दांव पर लगी है. इस बार नेतन्याहू के सामने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट समेत कई दिग्गज नेता चुनौती पेश कर रहे हैं. हालांकि, इजरायल की चुनावी राजनीति में नेतन्याहू और इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) के पूर्व प्रमुख गादी आइजेनकोट के बीच मुकाबले को भी अहम माना जा रहा है. चुनाव के नतीजे देश की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.
इन मुद्दों पर हो रहा है चुनाव
इजरायल में किसी पार्टी को बहुमत की सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है. इस बार का चुनाव मुख्य रूप से गाजा, हमास पर एक्शन, देश की सुरक्षा, सैन्य सेवा और न्यायिक सुधार जैसे मुद्दों पर केंद्रित करके लड़ जा रहा है. वहीं, चुनाव आयोग के मुताबिक देश में दोपहर 2 बजे तक 45 प्रतिशत तक वोटिंग हो चुकी है और यह इजरायल के इतिहास में यह सबसे ज्यादा मतदान है. इजरायल में अभी तक के इतिहास में सबसे ज्यादा वोटिंग 79.9 प्रतिशत हुई है और विशेषज्ञ बता रहे हैं कि इस बार यह रिकॉर्ड्स टूट सकता है.
मुस्लिम ब्रदरहुड का बेंजामिन ने किया जिक्र
बंपर वोटिंग के बीच नेतन्याहू ने मुस्लिम महिलाओं की फोटो पोस्ट कर समर्थकों से ज्यादा से ज्यादा मतदान करने की अपील कर रहे हैं. उन्होंने अपने एक्स पर एक पोस्ट में एक फुटेज शेयर किया और उसमें उन्होंने दो बूथों की तुलना करते हुए कहा कि मुस्लिम ब्रदरहुड के समर्थक मतदान केंद्रों पर धावा बोल रहे हैं और चुनाव जीतने की पूरी कोशिश में लगे हुए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि हम अपने घर के लिए जंग लड़ रहे हैं. अरब इलाकों में मतदान केंद्रों पर भारी भीड़ है. अगर हम अभी नहीं जागे, तो हमारे ऊपर मंसूर अब्बास और अहमद तिबी की सरकार आ जाएगी. यही जागने और कुछ करने का वक्त है! अभी अपने परिवार और दोस्तों को फोन करें, उनके साथ मतदान केंद्र जाएं और ‘मचल’ को वोट दें.
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लंबी-लंबी कतारें लग रही
बेंजामिन ने अपने एक अन्य पोस्ट में लिखा कि बसें मतदान केंद्रों की ओर जा रही हैं और अरब बस्तियों में लंबी कतारें देखी जा रही हैं. वहीं दूसरी ओर दक्षिणपंथी गढ़ों में अभी भी कोई हलचल नहीं है! उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर हम अभी वोट देने नहीं निकले, तो अरब पार्टियों की सरकार बन जाएगी. हमें घर पर नहीं बैठना चाहिए. हर एक वोट मायने रखता है! आज राहत में यही हो रहा है. आपको घर पर नहीं बैठना चाहिए. तुरंत बाहर निकलें और मचल को वोट दें. यह हमारे घर को बचाने की लड़ाई है!
4 ओपिनियन पोल में पिछड़े इजरायली पीएम
इस बार नेतन्याहू के बजाय पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट के प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद लग रही है. 6 में से चार ओपिनियन पोल में आइजनकोट के गठबंधन को ज्यादा सीटें मिलती हुई दिख रही हैं. वहीं, नेतन्याहू को एक पोल में ही बढ़त हासिल होती हुई दिख रही है. बता दें कि इजरायल की संसद में 120 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है. वहीं, इजरायल के राजनीतिक इतिहास में किसी भी पार्टी ने पूर्ण बहुमत नहीं हासिल किया है.
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