Arnab Cyclone: बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भारी तबाही मचा रहा है. काकीनाडा के पास चक्रवात ‘अर्नब’ के टकराने के बाद, कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और बिजली की लाइनें टूट गईं. कई सड़कें अभी भी काफी हद तक पानी में डूबी हुई हैं. चक्रवात के कारण पूर्वी मेदिनीपुर के दीघा बीच पर समुद्र अशांत हो गया है और बहुत तेज हवाएं चल रही हैं. मोहना में सनाखेमुंडी फायर सर्विस की टीम ने चक्रवात की वजह से गिरे पेड़ों को हटाया. फायर सर्विस विभाग ने बताया कि बचाव कार्य अभी भी जारी है.
भारतीय मौसम विभाग (IMD) और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह भीषण चक्रवात 28 अक्टूबर, 2026 की तड़के (लगभग सुबह 1:23 बजे से 3:30 बजे के बीच) आंध्र प्रदेश के काकीनाडा और पुडुचेरी के यानम के बीच तट से टकराया.
150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है हवा की रफ्तार
अमरावती मौसम केंद्र की निदेशक डॉ. के. नागरत्ना ने बताया कि यह चक्रवात कल रात बापटला और यनम के बीच, विशाखापत्तनम या काकीनाडा-यनम क्षेत्र के आसपास तट से टकराया. फिलहाल, तटीय इलाकों में हवा की गति 125 से 135 किमी प्रति घंटा के बीच है. अनुमान है कि अगले तीन घंटों में हवा की गति 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. उन्होंने बताया कि तूफान की आगे बढ़ने की गति धीमी हो गई है, जिसका मतलब है कि तटीय इलाकों पर इसका असर लंबे समय तक रह सकता है. IMD ने आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है.
पेड़ उखड़े, सड़के डूबी
चक्रवात के कारण विशाखापत्तनम में तेज हवाएं चल रही हैं. इन हवाओं की वजह से एयू कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग फॉर विमेन के पास एक पेड़ उखड़ गया.वहीं विजयवाड़ा और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश हुई है, जिसके साथ आंधी-तूफान, बिजली कड़कना और तेज हवाएं भी देखी गईं. इस बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों और मुख्य सड़कों पर पानी भर गया है. मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार तक कई जगहों पर मध्यम से भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. निवासियों को सलाह दी गई है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें.
निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा
काकीनाडा और यनम के तटों पर समुद्र काफी अशांत है, जहां लहरें सामान्य स्तर से लगभग 2.5 मीटर ऊपर उठ रही हैं. मौसम विभाग ने ‘स्टॉर्म सर्ज’ (समुद्र के जलस्तर में अचानक भारी वृद्धि) की चेतावनी दी है, जिसके कारण काकीनाडा और यनम के आसपास के निचले इलाकों में समुद्र का पानी भर सकता है. बापटला, गुंटूर, कृष्णा, एनटीआर, एलुरु, पश्चिम गोदावरी, कोनासीमा, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, अल्लूरी, अनाकापल्ली, विशाखापत्तनम, विजयनगरम, श्रीकाकुलम और पार्वतीपुरम मान्यम जिलों के लिए अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) की चेतावनी जारी की गई है.
सरकार की तैयारियां
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार चक्रवात की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में 2,199 चक्रवात आश्रय स्थल (साइक्लोन शेल्टर) चिह्नित किए गए हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के इंतजाम किए गए हैं. मुख्यमंत्री के अनुसार, नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की 12 टीमें और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की 10 टीमें 14 जिलों में तैनात की गई हैं. इसके अलावा, 1,087 मेडिकल टीमें, 8,281 इमरजेंसी बेड और 1,274 एम्बुलेंस को स्टैंडबाय पर रखा गया है. एहतियात के तौर पर, गर्भवती महिलाओं को भी अस्पतालों में पहुंचा दिया गया है.
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News Source: ANI
