Delhi News : दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में करीब 650 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है. विपक्षी आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सरकार पर स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया है. पार्टी का दावा है कि एक्स-रे मशीनों, बेडशीट, ORS और दवाओं की खरीद में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया. वहीं, दिल्ली सरकार ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जहां भी अनियमितताओं की जानकारी मिली है, वहां जांच के आदेश दिए गए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
खरीद नियमों की गई अनदेखी
AAP के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में खरीद प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी की गई. उनका दावा है कि शुरुआत में केवल दो पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया गया था, लेकिन बाद में इसे बढ़ाकर 448 मशीनों तक कर दिया गया. पार्टी का आरोप है कि इन मशीनों की खरीद बाजार मूल्य से कई गुना अधिक कीमत पर की गई, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा.
FIR में कई गंभीर तथ्य सामने आए
AAP ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पतालों के लिए बेडशीट, ORS और अन्य जरूरी दवाओं की खरीद में भी आवश्यकता से अधिक मात्रा और ऊंची कीमतों पर खरीदारी की गई. पार्टी का कहना है कि इस पूरे मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) की जांच और एफआईआर में कई गंभीर तथ्य सामने आए हैं. AAP ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है. इस मुद्दे को लेकर पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ-साथ विरोध प्रदर्शन भी किया.
रिजनों से की गई बातचीत
इस मामले को लेकर जब सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने आए मरीजों और उनके परिजनों से बातचीत की गई तो कई लोगों ने अस्पतालों में मिलने वाली सुविधाओं पर चिंता जताई. मरीजों का कहना था कि कई बार अस्पतालों में जरूरी दवाएं उपलब्ध नहीं होतीं और इलाज के दौरान बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ता है. कुछ लोगों ने यह भी कहा कि दूर-दराज के इलाकों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों को सबसे ज्यादा मुश्किलों का सामना करना पड़ता है. मरीजों ने सरकार से अस्पतालों में दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की.
अनियमितताओं की शिकायत मिली
वहीं, इन आरोपों पर दिल्ली सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग में जहां भी अनियमितताओं की शिकायत मिली, वहां तत्काल जांच के निर्देश दिए गए. सरकार का कहना है कि उसकी भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. सरकार ने आम आदमी पार्टी पर पलटवार करते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal बताएं कि कथित शराब नीति और शिक्षा से जुड़े मामलों में उनकी सरकार ने कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी. सरकार का दावा है कि मौजूदा प्रशासन आरोपों को दबाने के बजाय उनकी जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाने का काम कर रहा है.
फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग में कथित 650 करोड़ रुपये की अनियमितताओं का मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है. एक ओर आम आदमी पार्टी लगातार सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है, तो दूसरी ओर सरकार निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई का भरोसा दे रही है. मामले की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों की रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएगा. ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है.
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- दिल्ली से शालिनी झा की रिपोर्ट
