Old Delhi Bulldozer Action: दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास आधी रात को अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर कार्रवाई की गई, इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया.
7 January, 2025
Old Delhi Bulldozer Action: राजधानी दिल्ली में बीती रात को बुलडोजर एक्शन से अवैध अतिक्रमण हटाया गया. 6 जनवरी की देर रात को पुरानी दिल्ली में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई. रातभर 30 बुलडोजर से अवैध निर्माण को हटाया गया, लेकिन इस दौरान भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया. भीड़ ने एमसीडी के कर्मचारियों और पुलिस पर पथराव किया, जिसमें कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. रातभर उस इलाके में बवाल होता रहा.
पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े
दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली नगर निगम (MCD) के अधिकारी तुर्कमान गेट पर सैयद फैज इलाही मस्जिद और पास के कब्रिस्तान से सटी ज़मीन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई कर रहे थे. ऑपरेशन के दौरान, कुछ लोगों ने कथित तौर पर पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पुलिस ने बाद में कहा कि स्थिति को नियंत्रित बल का इस्तेमाल करके काबू में कर लिया गया. पुलिस ने भीड़ पर आंसू गैस के गोले छोड़े. सेंट्रल रेंज के जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस, मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ इलाकों में हालात कंट्रोल में हैं. पूरे इलाके को नौ जोन में बांटा गया है और हर जोन की देखरेख ADCP रैंक का एक अधिकारी कर रहा है.
VIDEO | Delhi: MCD carries out demolition drive against illegal encroachment near Faiz-e-Elahi mosque, Turkman Gate.#DelhiNews #TurkmanGate
— Press Trust of India (@PTI_News) January 7, 2026
(Full video available on PTI Videos – https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/wXSFi4lfA9
सुबह 7 बजे तक चला बुलडोजर
पुलिस ने बताया कि मस्जिद का छूआ भी नहीं गया है. मस्जिद के आसपास के करीब 40 हजार स्क्वायर फीट की जमीन पर अवैध तरीके से पार्किंग, बारात घर और डायग्नोस्टिक सेंटर बनाए गए थे, जो असल में L&DO की जमीन है. मैनजेमेंट कमेटी जब मालिकाना हक साबित नहीं कर पाई तो दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद सभी अवैध निर्माण को हटाने का काम किया गया. अभी कुछ हिस्सा गिराने को रह गया है. आज सुबह 7 बजे तक बुलडोजर कार्रवाई की गई है. अतिक्रमण हटाने के बाद करीब 200 ट्रक मलबा निकला है, जिसे हटाने में करीब 4-5 दिन लगेंगे.
सहमति के बाद हुई कार्रवाई
याचिकाकर्ता कमेटी का दावा है कि यह जमीन वक्फ की संपत्ति है और इसके लिए वह वक्फ बोर्ड को लीज का किराया देती है. मस्जिद कमेटी ने इस ढांचे को 100 साल पुराना बताया है. हालांकि, MCD ने कहा कि अतिरिक्त जमीन के लिए ओनरशिप या कानूनी कब्जे का कोई दस्तावेज पेश नहीं किया गया. MCD के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई, जिसने मंगलवार को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया. कोर्ट में मुस्लिम कमेटी ने साफ किया कि उन्हें अतिक्रमण हटाने पर कोई आपत्ति नहीं है. यह सफाई मिलने के बाद ही कार्रवाई की गई. इसके बावजूद कार्रवाई के दैरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया.
यह भी पढ़ें- UP में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम कटे, SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, ऐसे चेक करें नाम
