Home Latest News & Updates गरीब महिलाओं की कोख का सौदा करने वाले रैकेट का भंडोफोड़, महाराष्ट्र में 25,000 में हो रही थी अंडाणु तस्करी

गरीब महिलाओं की कोख का सौदा करने वाले रैकेट का भंडोफोड़, महाराष्ट्र में 25,000 में हो रही थी अंडाणु तस्करी

by Neha Singh
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Egg Donation Racket

Egg Donation Racket: महाराष्ट्र में ठाणे में महिलाओं के अंडाणुओं की तस्करी कर रहे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है. पुलिस ने तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है.

22 February, 2026

महाराष्ट्र में ठाणे जिले में बड़े रैकेट का भंडोफोड़ हुआ है, जो गरिब महिलाओं की कोख का सौदा करके करोड़ो का धंधा कर रहा था. पुलिस अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि बदलापुर ईस्ट के जोवेली में एक रेजिडेंशियल अपार्टमेंट और एक सोनोग्राफी सेंटर से चल रहे इस गैर-कानूनी धंधे के सिलसिले में तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है. गिरफ्तार लोगों की पहचान सुलक्षणा गाडेकर (44), अश्विनी चाबुक्सवार (29), और मंजुषा वानखेड़े (46) के तौर पर हुई है.

25,000 खीरदे जा रहे थे अंडे

पीड़ितों को हर साइकिल के लिए 25,000 से 30,000 रुपये दिए जाते थे और उन्हें बार-बार एग डोनर (अंडाणु देने वाले) के तौर पर इस्तेमाल किया जाता था, जिससे उनका शारीरिक शोषण होता था. उन्होंने कहा कि उन्हें IVF सेंटर ले जाया जाता था, जहां सर्जरी करके अंडाणु निकाले जाते थे और लाखों में बेचे जाते थे उन्होंने यह भी कहा कि अब तक 20 महिलाओं के इस रैकेट का शिकार होने का अनुमान है. पुलिस ने बताया कि ठाणे सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ. ज्योत्सना सावंत को एक पीड़ित से मिली टिप के बाद नैनो सिटी बिल्डिंग में गाडेकर के घर पर रेड मारी गई. अधिकारी ने कहा, “हमें आरोपियों के मोबाइल फोन से प्रेग्नेंसी के दौरान इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन की तस्वीरें, सोनोग्राफी रिपोर्ट, गलत नामों वाले एफिडेविट, नकली डॉक्यूमेंट और फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं.”

एग प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए इंजेक्शन

आरोपियों ने जरूरतमंद महिलाओं को टारगेट किया, उन्हें हर साइकिल के लिए 25,000 से 30,000 रुपये दिए. अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों को कथित तौर पर एग प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए हार्मोनल इंजेक्शन दिए गए और उन्हें बार-बार डोनर के तौर पर इस्तेमाल किया गया, जिससे उनका फिजिकल एक्सप्लॉइटेशन हुआ. अधिकारी ने आगे कहा, “इस प्रोसेस में महिलाओं को एग प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए इंजेक्शन दिए जाते थे और उन्हें सोनोग्राफी के लिए ले जाया जाता था. जब एग तैयार हो जाते थे, तो पीड़ितों को IVF सेंटर भेजा जाता था, जहां सर्जरी करके एग निकाले जाते थे और लाखों रुपये में बेचे जाते थे.”

20 महिलाएं बनीं शिकार

उल्हासनगर के डिप्टी कमिश्नर ऑफ़ पुलिस सचिन गोर ने कहा कि अब तक 20 से ज़्यादा महिलाएं इस रैकेट का शिकार हो चुकी होंगी. गोर ने कहा, “यह रैकेट पहले वंगानी में चल रहा था, फिर हाल ही में बदलापुर में शिफ्ट हो गया. हम IVF सेंटर, डॉक्टरों और अस्पतालों के शामिल होने की जांच कर रहे हैं. इस गैर-कानूनी धंधे का टर्नओवर करोड़ों में होने का अनुमान है, इसलिए बड़े नाम सामने आ सकते हैं.” पुलिस ने आगे कहा कि भारतीय न्याय संहिता और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है.

क्या है एग डोनेशन

बता दें, एग डोनेशन में एक महिला किसी दूसरे व्यक्ति को कंसीव करने के लिए अपने अंडाणु देती है, इस प्रक्रिया को IVF (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) कहते हैं. डोनर की स्क्रीनिंग और हार्मोन ट्रीटमेंट किया जाता है, जिसके बाद उसके अंडाशय से अंडाणु निकाले जाते हैं. इसके बाद अंडाणु को फर्टिलाइज करके रिसीवर के शरीर में ट्रांसफर किया जाता है.

News Source: PTI

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