Gujarat News : गुजरात के साबरकांठा जिले में पुलिस ने बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस की जांच के मुताबिक इस नेटवर्क के तार गुजरात के साथ राजस्थान और महाराष्ट्र तक जुड़े हुए हैं. मामले में पुलिस ने मुंबई निवासी मुख्य आरोपी कविता जाधव को गिरफ्तार किया है. आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 5 दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब साबरकांठा पुलिस को सीमावर्ती इलाके में बच्चों की तस्करी से संबंधित गुप्त सूचना मिली.
कार में मिली पुलिस को एक महीने की बच्ची
सूचना के आधार पर पुलिस ने एक ईको कार को रोककर उसकी तलाशी ली. तलाशी के दौरान पुलिस को कार से महज एक महीने की नवजात बच्ची बरामद हुई. नवजात की बरामदगी के बाद पुलिस ने जब मामले की गहराई से जांच शुरू की तो कथित तौर पर बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़े बड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई. साबरकांठा के खेड़ब्रह्मा और पोशीना के साथ राजस्थान के सीमावर्ती कोटड़ा छावनी क्षेत्र से बच्चों की तस्करी को लेकर पुलिस को लगातार इनपुट मिल रहे थे. सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई की।एक ईको कार की तलाशी के दौरान जब एक महीने की बच्ची मिली तो पुलिस ने उससे जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की.
नेटवर्क की कड़ियां खंगालनी शुरू कर दी
इसके बाद जांच की दिशा सिर्फ बच्ची की बरामदगी तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिस ने पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगालनी शुरू कर दी।पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क में बच्चों को कथित तौर पर ₹1 लाख से ₹1.5 लाख तक की रकम में बेचे जाने की बात सामने आई है।पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने बच्चों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाया गया और कितने बच्चों का कथित तौर पर सौदा हुआ।जांच एजेंसियां बच्चों की पहचान, उनके परिवारों और उन्हें कथित तौर पर खरीदने वाले लोगों तक पहुंचने के लिए अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही हैं.
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कविता जाधव बताई जा रही मुख्य सूत्रधार
पुलिस के अनुसार, इस मामले में मुंबई निवासी कविता जाधव की भूमिका मुख्य सूत्रधार के तौर पर सामने आई है. जांच के मुताबिक कविता कथित तौर पर बच्चों को महाराष्ट्र की नूरी हारून शेख को सौंपती थी. इसके बाद पुलिस को कोल्हापुर के मुन्ना नाम के व्यक्ति का कनेक्शन भी मिला है. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों के बीच बच्चों की कथित खरीद-फरोख्त किस तरह होती थी और इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं. इस पूरे मामले में पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण कड़ी कथित खरीदारों तक पहुंचना है. पुलिस को जांच के दौरान ऐसे अहम सुराग मिलने की जानकारी सामने आई है, जिनके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक किन-किन बच्चों को कहां ले जाया गया और उन्हें किन लोगों के हवाले किया गया. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क में सिर्फ बच्चों को एक राज्य से दूसरे राज्य पहुंचाने वाले लोग शामिल थे या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क काम कर रहा था.
मुंबई में भी पुलिस की कार्रवाई
मुख्य आरोपी कविता जाधव की गिरफ्तारी के बाद साबरकांठा पुलिस की जांच महाराष्ट्र और मुंबई तक पहुंच गई है. पुलिस टीम मुंबई में छापेमारी कर नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है. पुलिस का फोकस अब नेटवर्क के हर स्तर को सामने लाने पर है. रिमांड के दौरान आरोपी से बच्चों की कथित तस्करी, पैसों के लेनदेन, संपर्कों और संभावित खरीदारों के बारे में पूछताछ की जा रही है. साबरकांठा पुलिस की जांच अभी जारी है. पुलिस को आशंका है कि पूछताछ और आगे की कार्रवाई में इस नेटवर्क से जुड़े कई और नाम सामने आ सकते हैं. सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब तक कितने मासूम इस कथित नेटवर्क का शिकार हुए और उन्हें कहां-कहां ले जाया गया. पुलिस उन सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी है. अगर जांच में अन्य मामलों की पुष्टि होती है तो यह कार्रवाई गुजरात में बच्चों की सुरक्षा और अंतरराज्यीय तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है. आने वाले दिनों में रिमांड के दौरान पूछताछ और मुंबई में चल रही कार्रवाई के बाद इस कथित बच्चा तस्करी नेटवर्क को लेकर और बड़े खुलासे होने की उम्मीद है.
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