Hashim Moosa Encounter: सुरक्षा बलों ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के पालमैदान इलाके में एक सर्च ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तानी लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा को मार गिराया. सेना ने युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान भी बरामद किया. मूसा के मारे जाने की पुष्टि श्रीनगर स्थित चिनार कोर्प्स ने की. उन्होंने कहा, “पालमैदान इलाके में सुबह-सुबह तलाशी के दौरान, पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) आतंकवादी मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा का शव और युद्ध में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया.”
जवाबी कार्रवाई में मारा गया आतंकी
सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने बुधवार को खास खुफिया जानकारी के आधार पर यूसमर्ग इलाके में ‘ऑपरेशन कोराग’ (OP KORAG) शुरू किया. जब सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी तो एक जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. चुनौती दिए जाने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद सेना भी जवाबी गोलीबारी की और इसी दौरान हाशिम मूसा मारा गया. सुरक्षा बलों की ओर से जारी अपडेट के मुताबिक, ऑपरेशन जारी है और जवान इलाके में तलाशी अभियान चला रहे हैं.

पहलगाम हमले में शामिल था मूसा
हाशिम मूसा का नाम पहलगाम हमले में शामिल मुख्य संदिग्धों में से मास्टरमाइंड के तौर पर सामने आया था, जिसमें 26 पर्यटक मारे गए थे. इस आतंकी हमले के बाद, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिकों और LeT आतंकवादियों – आदिल हुसैन ठोकर, अली भाई और हाशिम मूसा – की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों के मुताबिक, हाशिम मूसा पाकिस्तान के स्पेशल सर्विस ग्रुप में पैरा-कमांडो के तौर पर काम कर चुका था.
पूरे ग्रुप का खात्मा
सुरक्षा एजेंसियां 2022 से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के चार आतंकवादियों के एक समूह पर नजर रख रही थीं. इस समूह में जुनैद रमजान अहमद, अबू तलहा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे. जुनैद रमजान दिसंबर 2024 में मारा गया. सुरक्षा बलों को उसके मोबाइल फोन से उन चारों लोगों की एक तस्वीर मिली, जिससे एजेंसियों को समूह और उसके नेटवर्क के बारे में अहम जानकारी मिली. इसके बाद, अप्रैल 2025 में तलहा को मार गिराया गया और फिर सितंबर 2026 में यासिर सुलेमान और मूसा को भी खत्म कर दिया गया.

NIA की चार्जशीट
नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने इससे पहले पहलगाम आतंकी हमले के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. इनमें पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उसका सहयोगी संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (TRF) शामिल हैं. ये दोनों ही प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हैं. NIA ने पाकिस्तान की साजिश में भूमिका का ब्योरा दिया है और पहलगाम हमले की योजना बनाने, उसमें मदद करने और उसे अंजाम देने में भूमिका के लिए प्रतिबंधित संगठन LeT/TRF पर कानूनी तौर पर आरोप लगाए हैं. 1,597 पन्नों की चार्जशीट में पाकिस्तानी हैंडलर और आतंकवादी साजिद जट्ट को भी आरोपी बनाया गया है.
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News Source: ANI
