JNU Protest: सोमवार को शरजील इमाम और उमर खालिद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद जेएनयू के वामपंथी छात्रों ने कैंपस में सरकार विरोधी नारे लगाए.
6 January, 2026
JNU Protest: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी में एक बार फिर सरकार विरोधी प्रदर्शन की आग लगी है. बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे के आरोपी शरजील इमाम और उमर खालिद को बेल देने से इनकार कर दिया. इस फैसले से नाराज होकर जेएनयू के वामपंथी छात्रों ने कैंपस में सरकार विरोधी नारे लगाए. साबरमती हॉस्टर के बाहर देर रात तक ‘न्याय दो’ और ‘रिहाई दो’ जैसे नारेबाजी चलती रही. छात्रों ने प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ भी आपत्तिजनक नारे लगाए. अब भाजपा ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है.

शरजील-उमर के समर्थन में लगे नारे
बता दें, शरजील इमाम और उमर खालिद दोनों पर UAPA के तहत मुकदमा चल रहा है. उमर खालिद पर आरोप है कि 2020 में सीएए-विरोधी प्रदर्शन के दौरान दंगा भड़काने में उसकी अहम भूमिका थी. वहीं शरजील इमाम पर आरोप है कि उसने भारत के चिकन नेक को काटकर भारत से अलग करने की बात कही थी. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने दोनों की बेल याचिका खारिज कर दी, वहीं अन्य 5 आरोपी छात्रों को बले दे दी गई. सर्वोच्च न्यायलय ने माना कि शरजील इमाम और उमर खालिद दिल्ली दंगे की साजिश रचने और दिशा-निर्देश देने में शामिल थे. कोर्ट के फैसले से नाराज होकर जेएनयू छात्र संघ के छात्र और वामपंथी छात्रों ने प्रदर्शन किया और मोदी-शाह के खिलाफ नारे लगाए.
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने एक्स पर लिखा ‘सांपों के फ़न कुचले जा रहें हैं सपोलें बिलबिला रहें हैं. JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं, आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है.’ मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ‘यह बिल्कुल गलत है, पहले तो देशविरोधी काम करेंगे और फिर इस तरह क नारे लगाएंगे. देशद्रोहियों को भी सजा मिलेगी और इस तरह के नारे लगाने वालों को भी.’ दिल्ली पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा कि इस मामले में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है.
सांपों के फ़न कुचले जा रहें हैं
— Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) January 6, 2026
सपोलें बिलबिला रहें हैं
JNU में नक्सलियों, आतंकियों, दंगाइयों के समर्थन में भद्दे नारें लगाने वाले हताश हैं क्योंकि नक्सली खत्म किए जा रहें हैं, आतंकी निपटाए जा रहें हैं और दंगाइयों को कोर्ट पहचान चुका है
JNUSU प्रेसिडंट का बयान
इस प्रदर्शन को जनवरी, 2020 में हुए जएनयू हमले से भी जोड़ा जा रहा है, जब कुछ नकाबपोश हमलावरों ने छात्रों और शिक्षकों पर हमला किया था. जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन की प्रेसिडेंट अदिति मिश्रा ने कहा कि हर साल, छात्र 5 जनवरी, 2020 को कैंपस में हुई हिंसा की निंदा करने के लिए विरोध प्रदर्शन करते हैं. मिश्रा ने बताया, “विरोध प्रदर्शन में लगाए गए सभी नारे वैचारिक थे और किसी पर भी व्यक्तिगत हमला नहीं करते थे. वे किसी के लिए निर्देशित नहीं थे.”
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