Kanwar Yatra Route In Muzaffarnagar: बस कुछ ही दिनों में सावन महीने की शुरुआत होने वाली है. इसको लेकर देश भर में कई राज्यों में कांवड़ यात्रा देखने को मिलती है. बीते साल दुकानों के नेम प्लेट को लेकर विवादों में रहा यूपी का मुजफ्फरनगर, इस बार भी फिर से चर्चा में है. इसको लेकर प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा है कि किसी भी होटल, ढाबे या रेस्टोरेंट पर ऐसा नाम नहीं होना चाहिए, जिससे ग्राहकों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो.
इस बीच मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा और इसके रूट/रास्ते को लेकर प्रशासन ने हाईटेक सुरक्षा की पुख्ता तैयारी कर ली है. आइए जानते हैं पूरी खबर.
2500 सीसीटीवी और ड्रोन से निगरानी- एसएसपी
मिली जानकारी के अनुसार, जिले के अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा मार्ग पर सुरक्षित और शांतिपूर्ण तीर्थयात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस एआई-संचालित कैमरा ड्रोन को अतिरिक्त सुरक्षा उपाय के रूप में तैनात करेगी.
मालूम हो कि कांवड़ यात्रा 30 जुलाई को शुरू होने वाली है और 11 अगस्त को समाप्त होगी.
एसएसपी संजय कुमार ने बताया कि दिल्ली-हरिद्वार नेशनल हाईवे और गंगा कैनाल रोड पर यात्रा मार्ग के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. ये कैमरे वास्तविक समय में अलर्ट जारी करेंगे, जिससे पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने और तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी.
एसएसपी के अनुसार, ड्रोन कैमरे निरंतर हवाई निगरानी प्रदान करने में सहायक होंगे. उन्होंने बताया कि जिले में कांवड़ यात्रा रास्ते पर सुरक्षा की दृष्टि से 2500 सीसीटीवी, AI कैमरे और ड्रोन से निगरानी होगी.
कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए अतरिक्त कर्मियों की मांग- एसएसपी
पुलिस अधिकारी ने बताया कि अफवाह फैलाने पर रोक लगाने के लिए पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी नजर रखेगी. एसएसपी कुमार ने बताया कि कांवड़ियों की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार से अतिरिक्त कर्मियों (सुरक्षा) की मांग की गई है. सभी सेवा शिविरों और शिविरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, खासकर भंडारा क्षेत्र में. शिविर कर्मियों को पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य होगा.
मुजफ्फरनगर की पंचायत की बड़ी तैयारी
वहीं, मुजफ्फरनगर की जिला पंचायत ने तीर्थयात्रियों को पर्याप्त लाइट व्यवस्था और स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने का निर्णय लिया है. पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निरवाल ने पत्रकारों को बताया कि 55 किलोमीटर लंबी नहर सड़क पर रात के समय जनरेटरों का उपयोग करके अस्थायी लाइट की व्यवस्था की जाएगी.
स्वच्छता सुविधाओं से उन कांवड़ियों के लिए स्वच्छता बनाए रखने में मदद मिलेगी जो हर साल हरिद्वार में गंगा नदी में स्नान करने और कांवड़ में जल भरकर भगवान शिव को अर्पित करने के लिए एकत्रित होते हैं.
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News Source: PTI
