Home Latest News & Updates बस बनी अस्पताल! चलती गाड़ी में गर्भवती महिला का प्रसव, ड्राइवर की सूझ-बूझ ने बचाई मां-बच्चे की जान

बस बनी अस्पताल! चलती गाड़ी में गर्भवती महिला का प्रसव, ड्राइवर की सूझ-बूझ ने बचाई मां-बच्चे की जान

by Live Times 19 August 2026, 11:49 AM IST (Updated 19 August 2026, 2:59 PM IST)
19 August 2026, 11:49 AM IST (Updated 19 August 2026, 2:59 PM IST)
Child Birth in Bus

Child Birth in Bus: मध्य प्रदेश में छतरपुर से इंसानियत की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है. झांसी से छतरपुर आ रही एक बस में सफर कर रही गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. हालात इतने बिगड़े कि महिला ने चलती बस में ही बच्चे को जन्म दे दिया. यात्रियों ने एंबुलेंस के लिए फोन किया, लेकिन जब मदद समय पर नहीं मिली तो बस चालक और कंडक्टर ने बिना देर किए ऐसा फैसला लिया, जिसने मां और नवजात को समय पर अस्पताल पहुंचाकर दोनों की जान बचाई.

चलती बस में महिला का प्रसव

पन्ना जिले के सलेहा थाना क्षेत्र के ग्राम करकरिया निवासी 29 वर्षीय रेखा, पति देशराज चौधरी, मजदूरी के लिए परिवार के साथ ग्वालियर में रह रहे थे. गर्भवती होने के चलते परिवार गांव वापस लौट रहा था. झांसी में बस बदलने के बाद परिवार छतरपुर के लिए रवाना हुआ. लेकिन छतरपुर पहुंचने से पहले अलीपुरा के पास रेखा को अचानक असहनीय प्रसव पीड़ा होने लगी. बस में मौजूद यात्रियों ने जब महिला को दर्द से तड़पते देखा तो तत्काल एंबुलेंस के लिए फोन किया. यात्रियों के मुताबिक 108 एंबुलेंस से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन समय पर मदद नहीं पहुंच सकी. इस बीच महिला की हालत और बिगड़ गई और चलती बस में ही उसका प्रसव हो गया.

अस्पताल पहुंची बस

स्थिति को देखते हुए बस चालक अशोक मिश्रा और कंडक्टर मनोज कुमार तिवारी ने सूझबूझ दिखाई. उन्होंने रास्ते में यात्रियों को उतारने के बजाय बस को सीधे छतरपुर जिला अस्पताल की ओर मोड़ दिया, ताकि महिला और नवजात को जल्द से जल्द चिकित्सा सुविधा मिल सके.

जिला अस्पताल पहुंचने पर यात्रियों ने तत्काल डिलीवरी वार्ड के स्टाफ को सूचना दी कि बस के अंदर ही महिला का प्रसव हो चुका है. सूचना मिलते ही प्रसूति वार्ड की नर्स बिना समय गंवाए अस्पताल के गेट पर पहुंचीं और बस में चढ़कर महिला तथा नवजात की स्थिति का जायजा लिया. अस्पताल प्रबंधन ने तत्काल अस्पताल परिसर का गेट खुलवाया और बस को अंदर लाया गया. इसके बाद महिला और नवजात को स्ट्रेचर की मदद से प्रसूति वार्ड पहुंचाया गया. बताया जा रहा है कि नवजात को गंभीर स्थिति के चलते एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है. वहीं महिला रेखा की हालत फिलहाल ठीक बताई जा रही है.

सूझ-बूझ ने बचाई जिंदगियां

इस पूरे घटनाक्रम में बस चालक, कंडक्टर, यात्रियों और अस्पताल के स्टाफ की तत्परता देखने को मिली. खास तौर पर चालक और कंडक्टर ने एंबुलेंस का इंतजार करने के बजाय तत्काल निर्णय लेते हुए बस को अस्पताल पहुंचाया, जिससे महिला और नवजात को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी. यह घटना एक बार फिर बताती है कि मुश्किल वक्त में अगर लोग संवेदनशीलता और सूझबूझ से काम लें, तो किसी की जिंदगी बचाने में बड़ी भूमिका निभाई जा सकती है. फिलहाल नवजात का एसएनसीयू में उपचार जारी है और अस्पताल की निगरानी में उसकी हालत पर नजर रखी जा रही है.

– छतरपुर से प्रदीप सिंह की रिपोर्ट

अव्यवस्था ने उजाड़ी मां की गोद! एम्बुलेंस न मिलने पर ऑटो-रिक्शा में हुआ 4 बच्चों का जन्म, सभी की मौत

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?