Home Latest News & Updates अवैध कब्जे के खिलाफ यूपी सरकार का एक्शनः प्रयागराज और लखनऊ में हर बुधवार होगी नियमित सुनवाई

अवैध कब्जे के खिलाफ यूपी सरकार का एक्शनः प्रयागराज और लखनऊ में हर बुधवार होगी नियमित सुनवाई

by Sanjay Kumar Srivastava 4 July 2026, 6:27 PM IST (Updated 4 July 2026, 6:28 PM IST)
4 July 2026, 6:27 PM IST (Updated 4 July 2026, 6:28 PM IST)
अवैध कब्जे के खिलाफ यूपी सरकार का एक्शनः प्रयागराज और लखनऊ में हर बुधवार होगी नियमित सुनवाई, बनी स्पेशल बेंच

UP Land Dispute: उत्तर प्रदेश में सरकारी व सार्वजनिक जमीन पर अवैध कब्जे और विवादों को खत्म करने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज की अदालतों के लिए तीन सदस्यों वाली एक विशेष बेंच बनाई है. यह बेंच आरक्षित श्रेणी की ज़मीन, ग्राम सभा की ज़मीन, नज़ूल ज़मीन, विस्थापित लोगों और दुश्मन की संपत्ति से जुड़े मामलों की तेज़ी से सुनवाई करेगी. सभी नए और लंबित मुक़दमे इस विशेष बेंच के सामने रखे जाएंगे. सरकारी ज़मीन को भू माफ़िया से बचाने और मामलों का समय पर निपटारा सुनिश्चित करने के लिए यह विशेष बेंच हर बुधवार को नियमित सुनवाई करेगी.

तेजी से सुलझेंगे विवाद

यूपी सरकार ने शनिवार को बताया कि सरकारी ज़मीन से जुड़े विवादों को तेज़ी से सुलझाने के लिए राजस्व परिषद ने सरकारी ज़मीन, ग्राम सभा की ज़मीन, नज़ूल ज़मीन, विस्थापितों की संपत्ति और दुश्मन की संपत्ति (अगर कोई हो) से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई के लिए तीन सदस्यों वाली एक स्पेशल बेंच बनाई है. राजस्व परिषद की चेयरपर्सन अर्चना अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी और सार्वजनिक ज़मीन को कब्ज़े से मुक्त कराने, ज़मीन से जुड़े विवादों का तय समय में समाधान करने और रेवेन्यू न्याय प्रणाली को आधुनिक और टेक्नोलॉजी पर आधारित बनाने पर लगातार ज़ोर दिया है. इसी के तहत नई व्यवस्था लागू की गई है. इसका मकसद इन संवेदनशील मामलों के निपटारे में पारदर्शिता, न्यायिक गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित करना है.

तीन सदस्यों वाली बेंच करेगी सुनवाई

बयान में कहा गया है कि यह व्यवस्था तुरंत लागू हो गई है. इसके तहत लखनऊ और प्रयागराज में बोर्ड ऑफ़ रेवेन्यू की अदालतों में इन कैटेगरी के सभी पेंडिंग और नए मामलों को अब विशेष रूप से बनाई गई तीन सदस्यों वाली बेंच के सामने रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज में अपनी अदालतों के लिए अलग-अलग तीन सदस्यों वाली स्पेशल बेंच बनाई हैं. ये स्पेशल बेंच हर बुधवार को ऐसे मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी. अब बोर्ड की सिंगल बेंच या सर्किट कोर्ट सुनवाई नहीं करेगी.

न्यायिक प्रक्रिया में आएगी पारदर्शिता

अग्रवाल ने कहा कि इससे सरकारी और सार्वजनिक ज़मीन से जुड़े संवेदनशील मामलों का तय समय में निपटारा हो सकेगा और साथ ही पूरे राज्य में फ़ैसला लेने की प्रक्रिया में एकरूपता आएगी. संबंधित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे इन श्रेणियों में सभी लंबित और नए मामलों की पहचान करें और उन्हें तय स्पेशल बेंच के सामने सूचीबद्ध करवाएं. उन्होंने कहा कि इससे नई व्यवस्था का प्रभावी ढंग से कार्यान्वयन सुनिश्चित होगा और मामलों के अनावश्यक रूप से लंबित रहने की संभावना कम होगी. चेयरपर्सन ने कहा कि व्यवस्थित लिस्टिंग और नियमित सुनवाई से न्यायिक प्रक्रिया अधिक सुचारु और परिणाम उन्मुख बनेगी. उन्होंने कहा कि सामूहिक निर्णय लेने की प्रणाली को अपनाने से न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता में काफी वृद्धि होगी.

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News Source: PTI

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