Mizoram SIR: मिज़ोरम की वोटर लिस्ट में कोई विदेशी नहीं है. वोटरों की संख्या में भी कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है. यह दावा मिज़ोरम की मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) गरिमा गुप्ता ने किया है. उन्होंने शनिवार को राज्य में वोटर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया के बाद वोटर लिस्ट में विदेशी नागरिकों के शामिल होने के आरोपों को खारिज कर दिया और बताया कि वोटरों की संख्या में कोई असामान्य बढ़ोतरी नहीं हुई है. पूर्वोत्तर राज्य में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) की प्रक्रिया 20 मई को शुरू हुई थी और 28 जून को पूरी हो गई. इस प्रक्रिया में मिज़ोरम की वोटर लिस्ट से 46,000 से ज़्यादा वोटरों के नाम हटाए गए हैं.
वोटरों की संख्या में कोई बड़ी बढ़ोतरी नहीं
मिज़ोरम के प्रभावशाली छात्र संगठन मिज़ो ज़िरलाई पॉल (MZP) ने पहले मुख्य चुनाव अधिकारी से शिकायत की थी कि चकमा-बहुल इलाकों, खासकर राज्य के दक्षिणी हिस्से में वोटरों की संख्या में 121 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. संगठन ने चुनाव आयोग से यह भी मांग की थी कि ऐसे इलाकों में वोटरों का सख्ती से वेरिफिकेशन किया जाए और संदिग्ध विदेशियों के नाम राज्य की वोटर लिस्ट से हटाए जाएं.
शनिवार को गुप्ता ने कहा कि SIR प्रक्रिया के दौरान ज़िला चुनाव अधिकारियों ने वोटर लिस्ट में विदेशी नागरिकों के कथित तौर पर शामिल होने की शिकायतों की अच्छी तरह से जांच की थी. उन्होंने कहा कि हमें वोटर लिस्ट में किसी विदेशी नागरिक के शामिल होने का कोई मामला नहीं मिला है. ड्राफ़्ट लिस्ट के अनुसार, वोटरों की संख्या में कोई बड़ी बढ़ोतरी या असामान्य वृद्धि नहीं हुई है.
घर-घर जाकर हर नागरिक की जांच
गुप्ता ने बताया कि घर-घर जाकर हर वोटर की फिज़िकली जांच की गई, और राजनीतिक पार्टियों के बूथ-लेवल एजेंट भी इस प्रक्रिया में शामिल हुए ताकि यह पक्का किया जा सके कि वोटर लिस्ट में सिर्फ़ योग्य वोटर ही रहें. CEO के मुताबिक, कुल 46,163 एन्यूमरेशन फ़ॉर्म (5.28 प्रतिशत) जमा नहीं हो पाए, जिसका मतलब है कि गहन समीक्षा के बाद उन वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए. उन्होंने यह भी बताया कि 8,75,068 एन्यूमरेशन फ़ॉर्म बांटे गए थे, जिनमें से 8,28,906 जमा किए गए और उन्हें डिजिटाइज़ किया गया. इस तरह SIR के तीसरे चरण में शामिल 16 राज्यों में मिज़ोरम पहला राज्य बन गया जिसने जमा किए गए फ़ॉर्म का 100 प्रतिशत डिजिटाइज़ेशन पूरा किया.
गुप्ता ने बताया कि जमा न हो पाए फ़ॉर्म वाले मामलों में 21,295 वोटर मृत पाए गए. 13,978 लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह (शायद दूसरे राज्यों या विदेश) चले गए थे. 8,333 लोग बार-बार जाने के बावजूद नहीं मिल सके या अनुपस्थित थे. 2,248 लोग पहले से ही कहीं और रजिस्टर्ड थे. इसके अलावा, उन्होंने बताया कि 309 वोटर, जिनके नाम 2025 की वोटर लिस्ट में आए हैं, उन्होंने धार्मिक कारणों से SIR के दौरान रजिस्टर होने से इनकार कर दिया.
फाइनल वोटर लिस्ट 6 सितंबर को
उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट का ड्राफ़्ट 1 जुलाई, 2026 को क्वालिफ़ाइंग तारीख़ मानकर तैयार किया गया है. उन्होंने आगे कहा कि आइज़ॉल ज़िले में सबसे ज़्यादा यानी 2.72 लाख से ज़्यादा वोटर हैं. इसके बाद दक्षिणी ज़िले लुंगलेई में 98,808 और लॉंग्टलाई में 90,699 वोटर हैं. गुप्ता ने बताया कि दावे और आपत्तियां 4 जुलाई से 4 अगस्त तक स्वीकार की जाएंगी, जबकि दावों का निपटारा 2 सितंबर तक चलेगा. उन्होंने कहा कि फ़ाइनल वोटर लिस्ट 6 सितंबर को जारी की जाएगी.
News Source: PTI
