MP News : मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के नीलम पार्क इस वक्त एक बड़े आंदोलन का गवाह बन रहा है. शिक्षक भर्ती 2025 वर्ग-2 और वर्ग-3 में पदवृद्धि की मांग को लेकर अभ्यर्थी सड़कों पर हैं और अब यह लड़ाई एक बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच चुकी है.
चार दिन से अनशन पर बैठा अभ्यर्थी
भोपाल की हवा में घुली यह चीखें केवल नौकरियों के लिए नहीं, बल्कि अपने हक की हैं. ब्यावरा के रहने वाले नरेंद्र राजपूत पिछले चार दिनों से निर्जल अनशन पर बैठे हैं. ना अन्न का एक दाना और ना ही पानी की एक बूंद का ग्रहण कर रहे हैं. सोमवार तड़के 3 बजे अचानक नरेंद्र की हालत बिगड़ गई. उनकी शरीर में अचानक आई कमजोरी और चक्कर के बाद धरना स्थल पर हड़कंप मच गया.
अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की
पुलिस ने नरेंद्र को अस्पताल पहुंचाने की कई कोशिशें कीं, लेकिन जिद ऐसी कि अडिग खड़े हैं. नरेंद्र की सीधी चेतावनी है जब तक सरकार पदवृद्धि का लिखित आदेश नहीं देती, मैं अस्पताल नहीं जाऊंगा. जांच करनी है तो डॉक्टर यहीं आएं.
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महिलाओं भी अपने बच्चों के साथ डटी
इस आंदोलन की सबसे भावुक और गंभीर तस्वीर नीलम पार्क के उस कोने से आ रही है, जहां रात के अंधेरे और मच्छरों के आतंक के बीच मांएं अपने मासूम बच्चों के साथ डटी हैं. धरने पर बेठे अभ्यर्थियों की मांग है कि वर्ग-2 में हर विषय में सीधे 3000 पद बढ़ाए जाएं. वर्ग-3 के कुल पदों की संख्या बढ़ाकर 25000 की जाए. साथ ही सेकंड काउंसलिंग में बढ़ाए गए पदों पर तुरंत दूसरी काउंसलिंग शुरू हो.
अब सिर्फ हक की लड़ाई
बता दें कि 21 अगस्त से शुरू हुआ यह अनिश्चितकालीन धरना अब सिर्फ मांगों की लड़ाई नहीं, बल्कि जिंदगी और व्यवस्था के बीच की जंग बन चुकी है. परीक्षा में अच्छे अंक लाने के बावजूद ये युवा आज सड़कों पर हैं. अब देखना यह है कि प्रशासन और सरकार इस जलते सवाल पर कब अपनी चुप्पी तोड़ती है.
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