Home Top News सावधान! HR ने दिया एयरलाइंस में नौकरी का झांसा, फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

सावधान! HR ने दिया एयरलाइंस में नौकरी का झांसा, फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

by Sanjay Kumar Srivastava 24 August 2026, 2:03 PM IST (Updated 24 August 2026, 2:38 PM IST)
24 August 2026, 2:03 PM IST (Updated 24 August 2026, 2:38 PM IST)
सावधान! HR ने दिया एयरलाइंस में नौकरी का झांसा, ऐसे हुआ फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, तीन को किया गिरफ्तार

Fake Call Centre: दिल्ली पुलिस ने लक्ष्मी नगर में एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है. यह कॉल सेंटर नौकरी चाहने वाले लोगों को पैसे के बदले एयरलाइंस कंपनी में नौकरी देने का झांसा देता था. इस मामले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी खुद को एयरलाइंस कंपनी का HR प्रतिनिधि बताते थे और लोगों को ग्राउंड ड्यूटी की नौकरी का ऑफर देते थे. इसके बाद वे रजिस्ट्रेशन और नौकरी से जुड़े दूसरे खर्चों के नाम पर UPI से पैसे ट्रांसफर करने के लिए लोगों को राजी करते थे. पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद ज़ैद (30) और दो महिलाओं सदाफ़ (24) और तनीषा (21) के तौर पर हुई है. ये तीनों दिल्ली के रहने वाले हैं.

छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति के साथ हुई थी धोखाधड़ी

यह मामला तब सामने आया जब छत्तीसगढ़ के एक व्यक्ति ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत की. उसने आरोप लगाया कि HR प्रतिनिधि बनकर एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया और 14,000 रुपये में नौकरी का ऑफर दिया. शिकायतकर्ता ने UPI के ज़रिए 14,500 रुपये ट्रांसफर किए, लेकिन बाद में उसे पता चला कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है. डीसीपी (ईस्ट) राजीव कुमार ने कहा कि जांच के दौरान पैसों के लेन-देन का पता एक बैंक खाते से चला, जिससे पूर्वी दिल्ली में एक ATM के ज़रिए पैसे निकाले गए थे. इसके बाद 20 अगस्त को FIR दर्ज की गई. जांच में पता चला कि बैंक खाता ज़ैद के नाम पर था. इसके बाद उसकी गतिविधियों पर नज़र रखी गई और उसे लक्ष्मी नगर से पकड़ लिया गया. उससे पूछताछ के बाद पुलिस टीमें सदाफ़ और तनीषा तक पहुंचीं.

आरोपी कई मोबाइल नंबरों का करते थे इस्तेमाल

पुलिस को पता चला कि ये तीनों मिलकर लक्ष्मी नगर से एक कॉल सेंटर चला रहे थे और नौकरी चाहने वालों को निशाना बना रहे थे. अधिकारी ने बताया कि आरोपी संभावित पीड़ितों से संपर्क करने के लिए कई मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करते थे. वे एयरलाइंस कंपनी के HR कर्मचारी बनकर बात करते थे और लोगों को ग्राउंड ड्यूटी की नौकरी का ऑफ़र देते थे. उन्होंने आगे बताया कि पीड़ितों से UPI के ज़रिए अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करने को कहा जाता था. इसके बाद पास के ATM से पैसे निकालकर आरोपियों के बीच बांट दिए जाते थे. सदाफ़ कथित तौर पर पिछले तीन महीनों से यह कॉल सेंटर चला रही थी.

छह स्मार्टफोन, कई सिम कार्ड और नकद पैसे बरामद

तलाशी के दौरान सदाफ़ के पास से छह स्मार्टफ़ोन, कई सिम कार्ड वाले तीन कीपैड मोबाइल फ़ोन और नकद पैसे बरामद हुए. इस मामले में इस्तेमाल किया गया सिम कार्ड भी बरामद कर लिया गया है. पुलिस को NCRP पर दो और शिकायतें भी मिली हैं जो उन मोबाइल नंबरों से जुड़ी हैं जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर आरोपी कर रहे थे. ज़ैद ने स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी और वह बेरोज़गार था, जबकि सदाफ़ ने अपने BA कोर्स के दूसरे साल में पढ़ाई छोड़ दी थी. पुलिस ने बताया कि तनीषा 12वीं पास है और धोखाधड़ी के इस काम में शामिल होने से पहले उसने सदाफ़ के साथ काम करना शुरू किया था.

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News Source: PTI

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