Home Latest News & Updates पीएम मोदी के बचपन के दोस्त को मिली राहत, मुलाकात के बाद बीजेपी विधायक ने छोड़ा जमीन पर कब्जा

पीएम मोदी के बचपन के दोस्त को मिली राहत, मुलाकात के बाद बीजेपी विधायक ने छोड़ा जमीन पर कब्जा

by Neha Singh 16 September 2026, 11:17 AM IST (Updated 24 September 2026, 12:43 PM IST)
16 September 2026, 11:17 AM IST (Updated 24 September 2026, 12:43 PM IST)
PM Friend Land Dispute

PM Friend Land Dispute: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्कूल के दोस्त असगरअली वोहरा को बड़ी राहत मिली है. 81 साल के वोहरा ने पीएम मोदी से अपनी जमीनी विवाद को लेकर मुलाकात की थी, जिसके बाद अब उनकी जमीन पर कब्जा करने वाली फर्म पीछे हट गई है. वह फर्म BJP विधायक से जुड़ी थी और वोहरा की जमीन पर कब्जा कर रखा था. महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले असगरअली वोहरा के मुताबिक, वह PM मोदी के साथ गुजरात के वडनगर में BN स्कूल में पढ़ते थे. वह 8 सितंबर को मोदी से मिले और पालघर जिले में जमीनी विवाद की CBI जांच की अपील की.

पीछे हटी फर्म

इससे पहले, वोहरा ने कहा था कि यह मामला भायंदर ईस्ट के नवघर में 2,810 स्क्वायर मीटर के प्राइम प्लॉट से जुड़ा है, जिसे उन्होंने 1989 में खरीदा था. उन्होंने आरोप लगाया कि 2011 में दो फर्मों, स्वयं बिल्डर्स और सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन्स ने इस पर कब्जा कर लिया था. उन्होंने दावा किया था कि दोनों फर्म BJP MLA नरेंद्र मेहता से जुड़ी हैं. सेवन इलेवन कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड अब इस मामले में पूरी तरह से पीछे हट गई है.

आधिकारिक दस्तावेजों से पता चलता है कि कंपनी ने मीरा भायंदर म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन में टाउन प्लानिंग के असिस्टेंट डायरेक्टर को एक लेटर दिया, जिसमें प्लॉट के लिए अपना कमेंसमेंट सर्टिफिकेट ऑफिशियली सरेंडर कर दिया. कंपनी ने कहा कि उसने 13 जून, 2019 को एक रजिस्टर्ड डीड के जरिए प्लॉट खरीदा था और 17 अप्रैल, 2026 को कंस्ट्रक्शन की परमिशन ली थी, लेकिन चल रहे मालिकाना विवाद के कारण परमिट वापस कर रही थी. बिल्डर्स ने अपील की कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन परमिशन कैंसिल कर दे और लोकेशन पर उसके प्रोजेक्ट के लिए पहले जमा की गई सभी फीस वापस कर दे.

शिकायत वापस लेंगे विधायक

फर्म ने जमीन के मालिक पर लगाई गई कानूनी अड़चनों को भी दूर करने की कोशिश की है. सूत्रों के मुताबिक, नरेंद्र मेहता ने वोहरा के एसोसिएट, अजय धोखा के जरिए 2015 की एक पुलिस शिकायत को वापस लेने की पहल करने के लिए संपर्क किया, जिसमें वोहरा और धोखा दोनों पर क्रिमिनल ट्रेसपासिंग और धमकी देने का आरोप लगाया गया था. पुलिस शिकायत वापस लेने और कंस्ट्रक्शन परमिट सरेंडर करने की पुष्टि करने वाले आधिकारिक लेटर 16 सितंबर को होने वाली म्युनिसिपल की जरूरी सुनवाई से ठीक पहले संबंधित अधिकारियों को सौंपे गए थे.

स्कूलमेट को मिलेगा न्याय

वोहरा ने कहा था कि उनकी जानकारी के बिना नकली डॉक्यूमेंट बनाए गए थे ताकि प्लॉट को दोनों कंपनियों के बीच धोखे से बांटा जा सके और 2015 में FIR दर्ज होने के बावजूद, उन्हें न्याय नहीं मिला. 80 साल के वोहरा ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि PM के साथ उनकी मीटिंग के बाद यह मामला सुलझ जाएगा, जहां उन्होंने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से जांच की मांग की थी. उन्होंने कहा कि मामले में चीजें आगे बढ़ने लगी हैं, म्युनिसिपल अधिकारियों ने 16 सितंबर को दोनों फर्मों के मैनेजमेंट को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया था. महाराष्ट्र के ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर और सीनियर शिवसेना लीडर प्रताप सरनाइक ने तस्वीरें शेयर की थीं और भरोसा जताया था कि PM उनके “स्कूलमेट” के लिए न्याय पक्का करेंगे.

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