Home Top News बिहार-झारखंड के बीच दशकों पुराना सोन नदी जल विवाद खत्मः 8 जिलों की सिंचाई होगी मजबूत

बिहार-झारखंड के बीच दशकों पुराना सोन नदी जल विवाद खत्मः 8 जिलों की सिंचाई होगी मजबूत

by Sanjay Kumar Srivastava 13 January 2026, 7:00 PM IST (Updated 13 January 2026, 7:01 PM IST)
13 January 2026, 7:00 PM IST (Updated 13 January 2026, 7:01 PM IST)
son river

Bihar-Jharkhand Samjhauta: बिहार सरकार ने मंगलवार को झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे के समझौते को मंजूरी दे दी.

Bihar-Jharkhand Samjhauta: बिहार सरकार ने मंगलवार को झारखंड के साथ सोन नदी के जल बंटवारे के समझौते को मंजूरी दे दी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रस्ताव को स्वीकृति मिली. इसका मुख्य उद्देश्य दोनों राज्यों के बीच दशकों से चले आ रहे जल विवाद को समाप्त करना है. समझौते के अनुसार, अविभाजित बिहार को आवंटित 77.5 करोड़ एकड़-फीट (एमएएफ) जल में से 2 करोड़ एकड़-फीट झारखंड को मिलेगा. यह निर्णय दोनों राज्यों के बीच जल संसाधनों के न्यायसंगत बंटवारे की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. कैबिनेट ने सोन नदी के जल बंटवारे के मसौदा समझौते को मंजूरी दे दी है, जिस पर बिहार और झारखंड के बीच हस्ताक्षर किए जाएंगे. इस फैसले से लंबे समय से लंबित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना के कार्यान्वयन का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा.

तारों के जंजाल से मुक्त होगा पटना

इसके बाद भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद, पटना, गया और अरवल जिलों की सिंचाई में मदद मिलेगी. अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अरविंद कुमार चौधरी ने बैठक के बाद कहा कि 1973 के बाणसागर समझौते के तहत अविभाजित बिहार को 7.75 एमएएफ जल आवंटित किया गया था. विभाजन के बाद झारखंड ने भी इसमें हिस्सेदारी मांगी, जिससे बिहार की इंद्रपुरी जलाशय परियोजना पर काम में देरी हुई. जुलाई 2025 में रांची में हुई पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की बैठक में हुई चर्चा के बाद दोनों राज्य इस बात पर सहमत हुए कि 5.75 एमएएफ जल वर्तमान बिहार को और 2 एमएएफ जल झारखंड को दिया जाएगा. कैबिनेट ने पटना शहर में घरों को भूमिगत केबलों के माध्यम से बिजली पहुंचाने की परियोजना को भी मंजूरी दी.

भूमिगत केबल पर खर्च होंगे 653 करोड़ रुपये

चौधरी ने कहा कि इस परियोजना पर कुल 653 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. योजना के तहत 13 मंडलों में भूमिगत केबलों के माध्यम से बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. कैबिनेट ने 2025-26 के लिए 789 माध्यमिक और उच्च माध्यमिक सरकारी विद्यालयों के लिए 1,485 करोड़ रुपये के आवंटन को भी मंजूरी दी. अधिकारी ने कहा कि यह धनराशि केंद्र प्रायोजित पीएम श्री योजना के तहत चयनित विद्यालयों में निवेश की जाएगी. राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार आधुनिक शिक्षण कौशल, नवाचार और तकनीकी साक्षरता को बढ़ावा दिया जाएगा. कैबिनेट ने मुंबई में बिहार भवन के निर्माण के लिए 314.20 करोड़ रुपये की मंजूरी दी. मत्स्य निदेशालय के अंतर्गत कार्यालय परिचारक कैडर के 200 स्वीकृत पदों के कार्यालयवार वर्गीकरण और पुनर्गठन को भी मंजूरी दी गई. बिहार कार्यकारी (संशोधन) नियम, 2025 से संबंधित संशोधित अधिसूचना को भी बाद में मंजूरी दी गई.

ये भी पढ़ेंः घुसपैठियों में हड़कंप: बांग्लादेशियों की गिरफ्तारी के बाद जागी कर्नाटक सरकार, राज्यभर में जांच तेज

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?