UP Kanwar Camp Menu: सावन का पावन महीना चल रहा है. इस खास माह में भगवान शंकर के भक्त कावड़ यात्रा पर निकले हुए हैं. उनके लिए जगह-जगह पर कैंप भी लगाए गए हैं ताकि कावड़ियों को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो. इस बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक खास खबर सामने आई है.
यहां इस साल कांवड़ कैंप में खाने के कई ऑप्शन मौजूद हैं, जिनमें शाही पनीर और पुलाव से लेकर पास्ता, पिज्जा और मोमो भी शामिल हैं. ये सब बिना प्याज और लहसुन के तैयार किए गए हैं, जिसमें पारंपरिक और नए का मिक्सचर है. कावड़ियों के लिए यूपी की योगी सरकार ने व्यवस्था ऐसी की है कि कांवड़ियों की मौज दिख रही है.
खाने की क्वालिटी के लिए कैंपों का इंस्पेक्शन
न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, जहां कुछ कैंप रोटी बनाने वाली मशीन और सब्जियां काटने के लिए मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं कुछ ने भक्तों को साफ माहौल देने के लिए खुद को प्लास्टिक-फ़्री घोषित कर दिया है. यूपी सरकार ने शुक्रवार शाम को जारी एक बयान में कहा कि जिला अधिकारी खाने की क्वालिटी, साफ-सफाई के स्टैंडर्ड और पूरे इंतजाम पर नजर रखने के लिए प्राइवेट कैंपों का भी लगातार इंस्पेक्शन (निरीक्षण) कर रहे हैं.
कांवड़ कैंप मैन्यू में क्या-क्या?
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट, कांवड़ियों के लिए पूरे दिन के खाने का इंतजाम किया गया है. दिन की शुरुआत चाय, बिस्किट, पोहा और जलेबी से होती है. नाश्ते में समोसे, कचौड़ी, ब्रेड पकोड़े, वेजिटेबल हक्का नूडल्स और हनी चिली पोटैटो शामिल हैं.
दोपहर के खाने में शाही पनीर, कढ़ाई पनीर, पनीर लबाबदार, दाल मखनी और मिक्स सब्जियां होती हैं, जिन्हें चूर-चूर नान, बटर नान, जीरा राइस और रोटियों के साथ परोसा जाता है. रबड़ी-जलेबी, रसमलाई, रसगुल्ला और गुलाब जामुन जैसी मीठी डिश मेन कोर्स के साथ परोसी जाती हैं.
शाम को, तीर्थयात्रियों को स्प्रिंग रोल, चिली पनीर, मंचूरियन, व्हाइट और रेड सॉस पास्ता, वेजिटेबल पिज्जा, मोमोज, मैकरोनी, सूप और बर्गर परोसे जाते हैं.
डिनर में छोले-पूरी, मटर पनीर, पुलाव, दाल और रोटी के साथ खीर, हलवा, फ्रूट कस्टर्ड और गुलाब जामुन होते हैं. बयान में कहा गया है कि कैंप में लस्सी, छाछ, जूस, चाय, कॉफी और ठंडा पीने का पानी भी लगातार मिलता रहता है.
ऑटोमैटिक मशीन से बनाई जाती है रोटी
मेरठ के कंकरखेड़ा व्यापार संघ कैंप में, कोऑर्डिनेटर नीरज मित्तल और ऑपरेशन मैनेजर राजेश खन्ना ने कहा कि एक बार में 20 केजी आटा गूंथने वाली एक मशीन और एक ऑटोमैटिक रोटी बनाने वाली मशीन लगाई गई है.
मशीन हर मिनट लगभग 16 रोटियां और हर घंटे लगभग 900 रोटियां बनाती है, जिससे रोजाना 6,000 से 7,000 रोटियां बनती हैं. हजारों भक्तों के लिए कम समय में खाना बनाने में मदद के लिए सब्जियां काटने और मसाले ज्यादा मात्रा में बनाने के लिए भी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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News Source: PTI
