Home Latest News & Updates सरकारी फंड ट्रांसफर, जमीन पर कब्जा; जौहर यूनिवर्सिटी पर ED के बड़े खुलासे, 426 करोड़ की संपत्ति अटैच

सरकारी फंड ट्रांसफर, जमीन पर कब्जा; जौहर यूनिवर्सिटी पर ED के बड़े खुलासे, 426 करोड़ की संपत्ति अटैच

by Neha Singh 29 October 2026, 12:29 PM IST (Updated 29 October 2026, 12:37 PM IST)
29 October 2026, 12:29 PM IST (Updated 29 October 2026, 12:37 PM IST)
Jauhar University Property Attach

Jauhar University Property Attach: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को बताया कि उसने समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान की ‘मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी’ की जमीन और इमारतों को जब्त (अटैच) कर लिया है. इनकी बुक वैल्यू 426 करोड़ रुपये है, जबकि मौजूदा बाजार मूल्य लगभग 1,170 करोड़ रुपये आंका गया है. ED के लखनऊ जोनल ऑफिस ने ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट, 2002’ (PMLA) के तहत उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को जब्त किया है. यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले के सिलसिले में की गई है.

जबरन जमीन कब्जा करने का आरोप

रामपुर जिले के सिंघानखेड़ा गांव में जौहर नगर स्थित यूनिवर्सिटी परिसर ‘मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट’ के पास है. इस ट्रस्ट की स्थापना आजम खान ने की थी और वही इसे नियंत्रित करते हैं. आजम खान इस यूनिवर्सिटी के मानद चांसलर भी हैं. ED ने PMLA के तहत जांच शुरू की. यह जांच रामपुर के अजीम नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 FIR के आधार पर की गई, जिनमें भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 384 और अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे कि यूनिवर्सिटी के लिए किसानों की कृषि भूमि पर जबरन कब्जा कर लिया गया था.

रामपुर जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट का हवाला देते हुए ED ने बताया कि आजम खान ने यूनिवर्सिटी के लिए सिंघानखेड़ा गांव में ‘एनिमी प्रॉपर्टी’ (शत्रु संपत्ति) के 45 प्लॉटों (लगभग 34 एकड़ जमीन) पर भी अवैध रूप से कब्जा कर लिया था. जबकि, कस्टोडियन (अभिरक्षक) द्वारा इस जमीन का ट्रस्ट के साथ किया गया लीज समझौता पहले ही रद्द कर दिया गया था. एजेंसी ने एक बयान में कहा, “इस जमीन का कब्जा, रामपुर जिला प्रशासन के माध्यम से ‘एनिमी प्रॉपर्टी’ के कस्टोडियन (गृह मंत्रालय के अधीन) ने वापस ले लिया है.”

यूनिवर्सिटी के लिए इस्तेमाल हुआ सार्वजनिक फंड

जांच के दौरान, ED ने पाया कि “सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित फंड को यूनिवर्सिटी की ओर मोड़ दिया गया, यूनिवर्सिटी के निजी परिसर में सरकारी काम कराए गए और जिन ठेकेदारों को सरकारी ठेके मिले थे, उनसे प्राप्त धनराशि को दान के रूप में वापस ट्रस्ट को भेज दिया गया.” ED ने PMLA की धारा 66(2) के तहत यह जानकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ साझा की. इसके आधार पर, 13 अक्टूबर 2026 को अजीम नगर पुलिस स्टेशन में आजम खान, ट्रस्ट और अन्य लोगों के खिलाफ FIR नंबर 0224/2026 दर्ज की गई. यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धाराओं 61, 316(5) और 318(4), तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धाराओं 7 और 13 के तहत दर्ज किया गया है.

रामपुर में बुलडोजर से गिराए गए घर

ED ने रामपुर पुलिस द्वारा आजम खान और अन्य लोगों के खिलाफ दर्ज की गई 28 अन्य FIR की भी जांच शुरू की है, जिनमें से ज्यादातर मामलों में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है. इन FIR और चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि 2016 में, रामपुर शहर में कई परिवारों के घरों को बुलडोजर से गिरा दिया गया था. इनमें से कई परिवार वक्फ संपत्ति में किराएदार थे. आरोप है कि यह कार्रवाई आजम खान के निर्देश पर की गई थी, जिसका नेतृत्व कथित तौर पर तत्कालीन सर्कल ऑफिसर और अन्य लोगों ने किया था.

ED ने बताया कि वहां रहने वालों के साथ मारपीट की गई, उन्हें झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने की धमकी दी गई और उनसे नकदी, गहने व मवेशी लूट लिए गए. तोड़े गए घरों का मलबा यूनिवर्सिटी ले जाया गया. FIR और चार्जशीट में यह भी आरोप लगाया गया है कि रामपुर नगर पालिका के लिए खरीदी गई सफाई मशीनरी को यूनिवर्सिटी परिसर में भेज दिया गया था.

सरकारी विभागों के जरिए से निजी परिसरों में काम

PMLA के तहत हुई जांच से पता चला है कि मुख्य रूप से रामपुर के रहने वाले ठेकेदारों ने सरकारी ठेकों से मिले फंड और निर्माण सामग्री को यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्य में लगा दिया. ED के अनुसार, ऐसी ही एक कंपनी के प्रबंध निदेशक (जिन्हें लगभग 186 करोड़ रुपये के PWD ठेके मिले थे) ने स्वीकार किया कि ठेके की कुल रकम का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा यूनिवर्सिटी के लिए निर्माण सामग्री खरीदने में इस्तेमाल किया गया था. एक अन्य फर्म के साझेदारों ने भी माना कि वे आजम खान के प्रभाव में काम करते थे और उनकी फर्म ने ट्रस्ट को 40 लाख रुपये दान किए थे.” आगे यह भी पता चला है कि इसी तरह के निष्कर्षों के आधार पर, आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत ट्रस्ट का पंजीकरण रद्द कर दिया है. जांच में यह भी सामने आया कि विश्वविद्यालय के निजी परिसर में MLA/MLC स्थानीय क्षेत्र विकास निधि से 6.60 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य कराए गए. ये कार्य उत्तर प्रदेश जल निगम द्वारा किए गए थे, जिसके अध्यक्ष उस समय आजम खान थे.

सरकार ने छात्रावास के लिए दिये पैसे, फिर सौंपा मालिकाना हक

एजेंसी ने बताया, “ट्रस्ट को राजनीतिक प्रभाव के जरिए मेरठ स्थित दो शैक्षणिक संस्थाओं से 6.24 करोड़ रुपये का चंदा भी मिला. साथ ही, यह भी पता चला कि उत्तर प्रदेश सरकार ने विश्वविद्यालय के निजी परिसर में एक पंडाल, OBC लड़कों के छात्रावास और एक अस्पताल ब्लॉक के निर्माण के लिए 23.41 करोड़ रुपये की मंजूरी दी थी.” एजेंसी ने आगे बताया कि 2015 के सरकारी आदेश में, जिसके तहत पंडाल के लिए 12.16 करोड़ रुपये मंजूर किए गए थे, यह शर्त रखी गई थी कि इसका स्वामित्व उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग के पास रहेगा. इसे बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकेगा और इसे राज्य सरकार के उपयोग के लिए निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा.

हालांकि, 2016 के एक बाद के आदेश में, ED ने कहा कि इन शर्तों में बदलाव कर दिया गया था. एजेंसी ने बताया, “पंडाल का मालिकाना हक जौहर यूनिवर्सिटी को सौंप दिया गया और राज्य सरकार द्वारा इसके इस्तेमाल की शर्त को हटा दिया गया. इस तरह, सरकारी फंड से बनी एक सार्वजनिक संपत्ति को यूनिवर्सिटी की निजी संपत्ति में बदल दिया गया.” एजेंसी ने बताया कि 2015 और 2016 में, जब ये आदेश जारी किए गए थे, तब आजम खान उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. उनके पास शहरी विकास और उत्तर प्रदेश जल निगम जैसे विभाग थे. यूनिवर्सिटी कैंपस में जो काम हुए, उन्हें अंजाम देने वाला उत्तर प्रदेश जल निगम, उन्हीं के शहरी विकास विभाग के अंतर्गत आता था.

निर्माण लागत और खर्च के ब्यौरे में फर्जीवाड़ा

एजेंसी ने बताया, “एक स्वतंत्र मूल्यांकनकर्ता , डिस्ट्रिक्ट वैल्युएशन ऑफिसर ने 10 नवंबर 2023 की अपनी रिपोर्ट में यूनिवर्सिटी कैंपस की 59 इमारतों के निर्माण की लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी है. 114 सेल डीड (बिक्री विलेख) के जरिए हासिल की गई यूनिवर्सिटी की जमीन की कीमत 4.63 करोड़ रुपये लगाई गई है. इस तरह, पूरे कैंपस की कुल लागत 499.09 करोड़ रुपये बैठती है.”

ED के अनुसार, कैंपस की कुल लागत में से केवल 72.63 करोड़ रुपये ही वैध स्रोतों से आए हैं. “जांच से पता चला है कि बाकी बचे 426.46 करोड़ रुपये इस मामले में ‘अपराध से प्राप्त आय’ हैं, जिन्हें गलत तरीकों से जुटाया गया था.” ED ने कहा कि ट्रस्ट के पदाधिकारी 426.46 करोड़ रुपये की इस रकम का स्रोत साबित नहीं कर सके, जो इस मामले में अपराध से हासिल की गई राशि (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) है. इसलिए, PMLA के प्रावधानों के तहत मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन और इमारतों को अस्थायी रूप से जब्त (अटैच) कर लिया गया है. इनकी मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1,170 करोड़ रुपये है. इससे पहले, इस मामले में ED ने 19 अगस्त को यूनिवर्सिटी और उससे जुड़ी जगहों पर तलाशी ली थी, जिसके दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे.

इसके उलट, एजेंसी का कहना है कि ट्रस्ट ने अपने इनकम टैक्स रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च (capital expenditure) दिखाया है. इसके अलावा, इस 78.32 करोड़ रुपये की राशि में से 12.29 करोड़ रुपये का चंदा फर्जी (non-genuine) पाया गया. इसका मतलब यह हुआ कि यूनिवर्सिटी के लिए इमारतों के निर्माण और जमीन खरीदने के मद में ट्रस्ट का वास्तविक खर्च केवल 66.03 करोड़ रुपये ही है.

छापेमारी के बाद एक्शन

19 अगस्त को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में अपनी पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली समेत लगभग 10 जगहों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की. इस दौरान, रामपुर में जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ी जगहों की गहन तलाशी ली गई, जिससे कई महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत और वित्तीय दस्तावेज जब्त किए गए.

इसके बाद 13 अक्टूबर को ED की एक टीम रामपुर जिला जेल पहुंची और वहां आजम खान से उनकी बैरक में आमने-सामने बैठकर करीब 8 घंटे तक कड़ी पूछताछ की. इस पूछताछ और चल रही जांच के दौरान मिले सबूतों के आधार पर, रामपुर के अजीमनगर पुलिस स्टेशन में आजम खान और जौहर ट्रस्ट के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी का एक नया FIR दर्ज किया गया. अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्रवाई में, ED ने जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है, जिनकी कीमत 426.46 करोड़ रुपये है.

आजम खान की बढ़ीं मुश्किलें! जौहर यूनिवर्सिटी में वित्तीय गड़बड़ी के मामले में ED ने दर्ज की FIR

News Source: ANI

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