UP CM: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव का नाम लिए बिना उन पर तंज कसा और राज्य के मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी दिनचर्या पर सवाल उठाए. उन्होंने यह भी कहा कि अखिलेश के पास लोगों से मिलने और उनके बारे में सोचने का कभी समय नहीं था. उन्होंने दावा किया कि SP प्रमुख के पास युवाओं और किसानों के लिए कोई विज़न नहीं था. आदित्यनाथ ने बुलंदशहर में एक सभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं, जहां उन्होंने 574 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत वाली 57 विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया.
कहा- 2017 से पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी
उन्होंने कहा कि पूरे देश को नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व का लाभ मिल रहा है. उनके मार्गदर्शन और नेतृत्व में हम विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर आगे बढ़ रहे हैं. हालांकि, 2017 से पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी. आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की ओर इशारा करते हुए कहा कि तब ‘बबुआ’ दोपहर में उठते थे और दोपहर 2 बजे तक तैयार होते थे. शाम 5 बजे जिम का समय होता था और उसके बाद वे अपनी ही महफिलों में व्यस्त हो जाते थे. बीजेपी नेता ने आगे कहा कि अखिलेश लोगों को बहुत कम समय देते थे और दावा किया कि वे चुनाव इसलिए हार रहे हैं क्योंकि भगवान राम ने यह सुनिश्चित किया है कि वे सत्ता से बाहर रहें.
अखिलेश पर साधा निशाना
उन्होंने कहा कि जनता के लिए समय कहां था? लोगों से मिलने का समय कहां था? उनके पास युवाओं, गरीबों, महिलाओं, देश का पेट भरने वाले किसानों या व्यापारियों और उद्यमियों के लिए कोई विज़न नहीं था. उन्होंने अतीत में कुछ नहीं किया और भगवान राम ने यह सुनिश्चित किया है कि वे भविष्य में भी कुछ करने की स्थिति में न रहें. कहा कि पिछली SP सरकार लोगों को मुफ़्त राशन और LPG कनेक्शन देने में नाकाम रही थी, जो काम BJP सरकार कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना का फ़ायदा, जो अब गरीबों को मिल रहा है, पहले भी दिया जा सकता था, लेकिन नहीं दिया गया.
बंद चीनी मिलें फिर होंगी शुरू
कहा कि आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत युवाओं और गरीब परिवारों को लाखों रुपये का जो हेल्थ इंश्योरेंस कवर मिलना चाहिए था, वह 2017 से पहले भी दिया जा सकता था, लेकिन समाजवादी पार्टी या कांग्रेस ने ऐसा कभी नहीं किया. कहा कि आज गरीबों, महिलाओं और युवाओं के लिए योजनाए हैं. समाज के हर वर्ग के लिए नई योजनाएं हैं. उन्होंने दावा किया कि 2007 से 2017 के बीच उत्तर प्रदेश में 29 चीनी मिलें बंद हो गईं, जिनमें से 21 को बहुत कम कीमत पर बेच दिया गया. डबल-इंजन वाली बीजेपी सरकार बंद मिलों को फिर से शुरू करने के लिए काम कर रही है.
News Source: PTI
