Home Latest News & Updates देहरादून से उठी नई पहल : जमीयत उलेमा बोली- गाय को मिले राष्ट्रीय पशु का दर्जा, बकरीद पर संयम रखें मुस्लिम

देहरादून से उठी नई पहल : जमीयत उलेमा बोली- गाय को मिले राष्ट्रीय पशु का दर्जा, बकरीद पर संयम रखें मुस्लिम

by MayankRai 24 May 2026, 2:28 PM IST (Updated 24 May 2026, 2:29 PM IST)
24 May 2026, 2:28 PM IST (Updated 24 May 2026, 2:29 PM IST)
देहरादून से उठी नई पहल : जमीयत उलेमा बोली- गाय को मिले राष्ट्रीय पशु का दर्जा, बकरीद पर संयम रखें मुसलमान

Jamiat Ulema: बकरीद से पहले उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक ऐसा संदेश सामने आया है, जिसने सामाजिक और धार्मिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है. मुस्लिम समाज के बड़े संगठन जमीयत उलेमा ने एक ओर जहां गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई है, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम समाज से अपील की है कि ईद उल अजहा पर कुर्बानी के दौरान कानून, शरई हिदायतों और सामाजिक सौहार्द का पूरा ध्यान रखा जाए.

देहरादून में की उलेमा ने बैठक

देहरादून के आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा दार-ए-अरकम में आयोजित बैठक में संगठन ने साफ कहा कि कुर्बानी इबादत है, प्रदर्शन नहीं. इसलिए सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और गलियों में कुर्बानी से बचा जाए और केवल निर्धारित स्थानों पर ही यह अमल किया जाए. जमीयत ने सोशल मीडिया पर कुर्बानी के फोटो और वीडियो पोस्ट न करने की भी अपील की, ताकि किसी प्रकार का विवाद या गलतफहमी पैदा न हो.

सफाई पर रखें विशेष ध्यान

संगठन ने सफाई व्यवस्था पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि कुर्बानी के बाद सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाना न कानूनन सही है और न ही इस्लाम इसकी इजाजत देता है. साथ ही लोगों से अफवाहों और भड़काऊ बातों से दूर रहने की अपील की गई. संगठन की इस बैठक में जिस तरह से मुस्लिम समाज ने एक अच्छी पहल की उसकी चर्चा हर तरफ है. आमतौर पर विवाद की घटनाएं और उत्तेजित करने वाले बयानों के जरिए चर्चा में रहने वाले उन तमाम लोगों के लिए देहरादून उलेमा का यह मैसेज काफी मायने रखेगा. जमीयत उलेमा देहरादून के कोषाध्यक्ष अब्दुल सत्तार ने कहा यह देश हम सभी का है और यह हमारा नैतिक दायित्व भी बनता है कि हम सभी की भावनाओं का ख्याल रखें.

सरकार को भेजेंगे प्रस्ताव

इस बैठक में जमीयत उलेमा ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने का प्रस्ताव रखा जिसे उलेमा के सभी सदस्यों ने पारित कर दिया. कोषाध्यक्ष अब्दुल सत्तार ने बताया कि हम इस पारित प्रस्ताव को अब सीएम पुष्कर सिंह धामी को भेजेंगे और उनसे गुजारिश करेंगे कि इस पहल को स्वीकार करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर लागू कराने का प्रयास करें. इसके साथ ही बैठक में साफ सफाई पर विशेष ध्यान रखने की बात की गई ताकि किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हो. इसके साथ ही उलेमा मुस्लिम समाज से अपील करता है कि जो भी प्रतिबंधित जानवर हैं उनकी कुर्बानी से बचा जाए. कुर्बानी उसी स्थान पर की जाए जहां प्रशासन द्वारा स्थान तय किया गया है.

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