Home Top News बारिश ने बिगाड़ी सूरत की ‘सूरत’, जलमग्न हुईं 250 दुकानें! 200 करोड़ से अधिक का नुकसान?

बारिश ने बिगाड़ी सूरत की ‘सूरत’, जलमग्न हुईं 250 दुकानें! 200 करोड़ से अधिक का नुकसान?

by Nikul Patel 9 July 2026, 12:05 PM IST
9 July 2026, 12:05 PM IST
Waterlogging In Surat

Waterlogging In Surat: देश में इस समय मानसून की वजह से कई राज्यों में बारिश देखी जा रही है. इस बीच भारत के पश्चिमी राज्य गुजरात में भी बारिश ने कहर बरपा रखी है. जी हां, गुजरात में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी क्षेत्रों में भारी वर्षा का असर अब सूरत में साफ दिखाई दे रहा है.

शहर के सरथाणा क्षेत्र में खाड़ियां उफान पर आ गई हैं, जिसके चलते कई रिहायशी इलाकों और व्यावसायिक परिसरों में पानी भर गया है. खाड़ी का पानी लोगों के घरों और दुकानों में घुस जाने से जन जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

घरों के कमरों में पानी भरा

मिली जानकारी के अनुसार, सूरत में स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है, बल्कि पिछले कई वर्षों से हर मानसून में इसी तरह की स्थिति बनती रहती है. सरथाणा के वालम नगर और शुभम पार्क जैसी सोसायटियों में खाड़ी का पानी घुस गया है. कई घरों के कमरों में पानी भर जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

गंदे पानी के कारण बदबू फैल रही है और संक्रमण का खतरा भी बढ़ गया है. स्थानीय निवासी अपने घरों से पानी निकालने में जुटे हैं, लेकिन लगातार जल भराव के कारण हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं.

200 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान

सबसे अधिक नुकसान सरथाणा स्थित पोदार आर्केड में देखने को मिला है. यहां करीब 250 दुकानें पिछले 24 घंटे से अधिक समय से पानी में डूबी हुई हैं. दुकानों में भरे पानी के कारण व्यापारी अपना सामान तक नहीं निकाल पा रहे हैं. व्यापारियों का कहना है कि लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये के माल खराब हो चुके हैं और कुल नुकसान 200 करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका है.

व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों से कई बार शिकायत की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. उनका कहना है कि जब अधिकारियों से मदद मांगी गई तो जवाब मिला कि यह उनकी जिम्मेदारी के दायरे में नहीं आता. इस रवैये से व्यापारियों में भारी नाराजगी है. उनका कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की उचित व्यवस्था की गई होती तो इतना बड़ा नुकसान नहीं होता.

प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग

स्थानीय दुकानदार रमेश नकुम ने बताया कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद दुकानों से पानी नहीं निकला है. पानी में डूबे सामान के कारण व्यापारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है. उन्होंने प्रशासन से तत्काल राहत और मुआवजे की मांग की है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सरथाणा क्षेत्र में खाड़ी में बाढ़ की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं किया गया. हर मानसून में खाड़ी का पानी रिहायशी इलाकों और बाजारों में घुस जाता है, जिससे आम नागरिकों और व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है.

फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन प्रभावित लोग जल्द से जल्द पानी निकासी, राहत कार्य और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं. सूरत में खाड़ी के इस कहर ने एक बार फिर शहरी जल निकासी व्यवस्था और मानसून पूर्व तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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