India Pak Match: भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हर मैच का क्रेज दोनों देशों में होता है. जब भी भारत-पाकिस्तान की टीमें मैदान पर आमने-सामने होती हैं, तो खिलाड़ियों और दर्शकों की नजरें हर गेंद और हर गोल पर टिकी रहती हैं. लोग सारे काम छोड़कर मैच देखते हैं. लोगों के इसी पागलपन ने अब एक नया रिकॉर्ड बना दिया है. भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए क्रिकेट और हॉकी के मैच एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मुकाबले बन गए हैं.
भारत ने दोनों खेलों में जीता गोल्ड
ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (OCA) के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच पुरुषों का क्रिकेट फाइनल और हॉकी सेमी-फाइनल एशियाई खेलों के इतिहास में सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मैचों में शामिल हैं. इन मुकाबलों ने न सिर्फ दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया, बल्कि एशियाई खेलों की लोकप्रियता भी बढ़ाई. हॉकी सेमी-फाइनल में भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 4-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई. इसके बाद भारत ने मलेशिया को हराकर गोल्ड मेडल जीता.
इसी तरह क्रिकेट फाइनल में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 19 रनों से हराया और गोल्ड मेडल अपने नाम किया. दोनों खेलों में भारत की जीत ने देश के खेल प्रेमियों को जश्न मनाने का मौका दिया. रिकॉर्ड्स का हवाला देते हुए, OCA ने बताया कि एइची-नागोया एशियाई खेलों में खिलाड़ियों को शानदार माहौल मिला. इन मैचों की लोकप्रियता यह दिखाती है कि भारत-पाकिस्तान के बीच खेल का कंपटीशन दर्शकों के बीच कितना जबरदस्त रोमांच पैदा करती है.
ऐतिहासिक बने भारत-पाक के मुकाबले
OCA कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तैयब इकराम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “इन खेलों के प्रसारण को अब तक की सबसे ज्यादा व्यूअरशिप मिली. इसकी वजह दो बड़े मैच थे: पाकिस्तान-भारत क्रिकेट मैच सबसे ज़्यादा देखा जाने वाला मैच था और उससे एक दिन पहले पाकिस्तान-भारत हॉकी सेमी-फाइनल मैच खेलों के इतिहास में अब तक का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला मैच था.” हालांकि उन्होंने दोनों मैचों के व्यूअरशिप आंकड़े नहीं बताए, जिससे यह नहीं पता चल पाया कि किसकी व्यूअरशिप ज्यादा थी. उन्होंने कहा “पहली बार, OCA ने इन खेलों में सुरक्षा का सिद्धांत अपनाया. हर लिहाज से ये खेल सुरक्षित रहे – खिलाड़ियों, एशियाई फेडरेशनों और नेशनल ओलंपिक कमेटियों के लिए.”
दुबे और तिलक ने बदला मैच का रुख
भारत ने शनिवार को खेले गए फाइनल मुकाबले में पाकिस्तान को 19 रनों से शिकस्त दी. भारत ने पाकिस्तान के सामने 212 रनों का लक्ष्य रखा था. इसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 6 विकेट के नुकसान पर 192 रन ही बना सकी. लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने शुरुआत काफी कसी हुई की. कप्तान साहिबजादा और माज सदाकत ने पहले विकेट के लिए 33 रन जोड़े. यह साझेदारी चौथे ओवर में उस वक्त टूटी जब वाशिंगटन सुंदर ने फरहान को आउट कर दिया. जल्द ही पाकिस्तानी टीम तास के पत्तों की तरह बिखरने शुरू हो गई और 39 रनों के स्कोर पर ही 3 विकेट खो दिए. अक्षर पटेल ने पांचवें ओवर में विकेटकीपर उस्मान खान को 3 और सातवें ओवर में सदाकत को 23 रनों पर अपना शिकार बनाया.
जल्द ही तीन विकेट गिरने के बाद पारी का जिम्मा हसन नवाज और सईम अयूब ने संभाला. दोनों बल्लेबाजों ने संभलकर बल्लेबाजी करते हुए चौथे विकेट के लिए 87 रनों की साझेदारी की. इस दौरान ऐसा लग रहा था कि अगर पाक बल्लेबाज इसी तरह बैटिंग करते रहे तो लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर लेंगे. लेकिन ऐसा नहीं हुआ और शिवम दुबे ने अयूब को अपने जाल में फंसा लिया. सैम अयूब को 29 रनों पर आउट कर दिया.

टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी भारतीय टीम की शुरुआत तेज रही. वैभव सूर्यवंशी ने 9 गेंदों पर 15 रन बनाए, जिसमें 2 छक्के शामिल रहे. इसके बाद भारत ने 3.2 ओवर में 50 रन पूरे कर लिए. भारत को पहला झटका वैभव के रूप में लगा. इसके बाद संजू सैमसन भी 4 गेंद में 2 रन बनाकर आउट हो गए. 6 ओवर के बाद भारत का स्कोर 2 विकेट के नुकसान पर 81 बनाए. अभिषेक शर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों पर 61 रनों की तूफानी पारी खेली. उनकी पारी में 7 छक्के और 3 चौके भी शामिल रहे. अभिषेक के आउट होने के बाद ईशान किशन और श्रेयस ने पारी को संभालने की कोशिश की. इस दौरान ईशान ने 18 गेंदों में 20 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि श्रेयस अय्यर ने 24 गेंदों पर 21 रन ही बनाए. टीम इंडिया ने 14.1 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 133 रन बनाए. इसके बाद शिवम दुबे और तिलक वर्मा ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाज करते हुए पारी को तेज गति दी. दोनों बल्लेबाजों के बीच में 25 गेंदों में 50 रनों की शानदार पारी हुई. इस तरह भारत ने 6 विकेट के नुकसान पर 211 रन बनाए और पाकिस्तान को 212 रनों का पहाड़ जैसा लक्ष्य दिया.
हॉकी में लगातार दूसरी बार जीता गोल्ड
जापान के आइची-नागोया भारत की पुरुष हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए एशियाई खेलों में अपना गोल्ड मेडल लगातार दूसरी बार जीता है . यह जीत एशियाई खेलों में भारत का पांचवां पुरुष हॉकी गोल्ड मेडल भी था. इससे पहले भारत ने 1966, 1998, 2014 और 2023 में जीत हासिल की थी. इस उपलब्धि के साथ, कबड्डी और क्रिकेट के बाद हॉकी तीसरी भारतीय टीम स्पोर्ट बन गया जिसने इस एशियन गेम्स में लगातार दो बार गोल्ड मेडल जीता.
भारत ने लगातार दबाव बनाए रखा और 12वें मिनट में अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया. हरमनप्रीत सिंह ने ड्रैग-फ्लिक से कोई गलती नहीं की और भारत को बढ़त दिला दी. मलेशिया ने लगभग तुरंत जवाब दिया; 14वें मिनट में शेल्लो सिल्वेरियस ने बाईं ओर एक एरियल पास पकड़ा और फिर मुश्किल एंगल से हाफ-वॉली पर गेंद को गोल में पहुंचा दिया. पहला क्वार्टर 1-1 पर खत्म हुआ; मलेशिया ने डिफेंस मजबूत रखा और भारत के अटैक को नाकाम किया. 23वें मिनट में जुगराज सिंह ने भारत को फिर से बढ़त दिलाई; उन्होंने पेनल्टी कॉर्नर को शानदार ड्रैग-फ्लिक से गोल में बदला. हाफ-टाइम तक भारत 2-1 से आगे था. तीसरे क्वार्टर में भी भारत टीम का दबदबा बना रहा, लेकिन वे साफ मौके बनाने में संघर्ष करते रहे. हालांकि, 43वें मिनट में उन्होंने अपनी बढ़त बढ़ाई; मनदीप सिंह के शॉट के डिफेंडर के शरीर से टकराने (डिफ्लेक्शन) के बाद भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला.
हार्दिक सिंह ने स्ट्रोक लिया और गोलकीपर को गलत दिशा में भेजते हुए स्कोर 3-1 कर दिया भारत चौथे गोल के लिए दबाव बनाता रहा और 53वें मिनट में उन्हें कई पेनल्टी कॉर्नर मिले. कई कोशिशों और टीवी रिव्यू के बाद पेनल्टी कॉर्नर बरकरार रखा गया और आखिरकार 55वें मिनट में भारत को सफलता मिली. अभिषेक दाईं ओर से आगे बढ़े और गेंद डिफ्लेक्ट होकर शिलानंद लाकरा के पास पहुंची. उन्होंने करीब से कोई गलती नहीं की और भारत को 4-1 की बढ़त दिला दी. दो मिनट बाद रिव्यू में दिलप्रीत सिंह को धक्का दिए जाने की पुष्टि होने पर भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला. हरमनप्रीत ने इस सेट-पीस को गोल में बदलकर 57वें मिनट में स्कोर 5-1 कर दिया. भारत ने आखिरी मिनटों में आसानी से बढ़त बनाए रखी और गोल्ड मेडल जीत लिया.

‘बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स में हमेशा चुनौतियां होती हैं’
जापान के आइची और नागोया में आयोजित एशियन गेम्स में इस बार खर्चा कम करने के लिए पारंपरिक ‘एथलीट्स विलेज’ नहीं बनाया गया, जिसके कारण खिलाड़ियों रहने और आने-जाने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा. इसको लेकर जापान की काफी आलोचना भी हो रही है. पारंपरिक एथलीट्स विलेज के बजाय आयोजकों ने 17,000 खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने के लिए होटल के कमरों, अस्थायी लकड़ी के कंटेनरों और एक क्रूज शिप का इस्तेमाल किया. खर्च कम करने के ये उपाय बुरी तरह नाकाम रहे.
इस पर कोऑर्डिनेशन कमेटी के अध्यक्ष तैयब इकराम ने कहा कि इतने बड़े पैमाने के मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स के संचालन में हमेशा चुनौतियां आती हैं. उन्होंने कहा “हमें पता है कि कुछ शिकायतें थीं और कुछ मुद्दों पर ध्यान दिलाया गया था. बेशक कुछ चुनौतियां थीं, लेकिन हमने उन चुनौतियों का सामना जिस तरह से किया, उस पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए. हमने अपने एथलीटों को बेहतरीन सुविधाएं, लॉजिस्टिक्स और कम्युनिकेशन देने की कोशिश की. हमने ओलंपिक गेम्स, एशियन गेम्स और दूसरे कॉन्टिनेंटल गेम्स जैसे कई गेम्स आयोजित किए हैं और इनके संचालन में हमेशा कुछ न कुछ चुनौतियां आती ही हैं.”
एथलीटों के रहने की व्यवस्था के बारे में उन्होंने कहा, “एथलीटों ने इसे बहुत पसंद किया. यह ढलने की बात थी. यह गेम्स आयोजित करने का एक अलग मॉडल था, जिसमें ‘व्हाइट एलिफेंट’ (यानी ऐसे बड़े विलेज जिनका बाद में कोई इस्तेमाल न हो) नहीं बनाए गए. हां, कुछ चीजें हैं जिनमें हमें अभी भी सुधार करने की जरूरत है, लेकिन यह एक सफल मॉडल था.”
54 वर्ल्ड रिकॉर्ड और 212 एशियन गेम्स रिकॉर्ड टूटे
OCA के डायरेक्टर जनरल हुसैन अल-मुसल्लम ने बताया कि आइची-नागोया एडिशन के दौरान 54 वर्ल्ड रिकॉर्ड, 11 जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड, 89 एशियन रिकॉर्ड और 212 एशियन गेम्स रिकॉर्ड टूटे. यह उपलब्धि तब तक नहीं मिल सकती थी जब तक आयोजन समिति एथलीटों के लिए बेहतरीन माहौल न मिले. अगर एथलीट अच्छी नींद नहीं लेते, अच्छा खाना नहीं खाते और उन्हें अच्छा ट्रांसपोर्ट नहीं मिलता, तो वे अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते. हमें खुशी है कि आयोजन समिति पर कोई बड़ा आर्थिक बोझ नहीं पड़ा.”
OCA के लिए गेम्स की आर्थिक सफलता पर अल-मुसल्लम ने कहा, “इन गेम्स में, OCA की मार्केटिंग और स्पॉन्सरशिप से 2023 में चीन के हांग्जो में हुए पिछले एशियन गेम्स के मुकाबले 19 प्रतिशत ज़्यादा कमाई हुई है. ऐसा इसलिए है क्योंकि स्पॉन्सर, पार्टनर, टीवी राइट्स होल्डर और सभी अलग-अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म एशियन गेम्स पर भरोसा करते हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि एशियाई लोग खेल के मामले में एकजुट हैं.”
एशियन गेम्स में बेटियों का कमाल: तीरंदाजी में कुमुद मोहोद और गोल्फ में प्रणवी उर्स ने जीता गोल्ड
News Source: ANI
