J-K Strike: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में तनावपूर्ण हालात को देखते हुए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई, जबकि पड़ोसी जिले किश्तवाड़ में इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई. अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में बंद से आम जनजीवन प्रभावित हुआ. प्रदर्शनकारी भद्रवाह में एक दिन पहले पुलिस फायरिंग में मारे गए 30 वर्षीय युवक के मामले में कार्रवाई की मांग कर रहे थे. शनिवार को लगातार दूसरे दिन डोडा ज़िले में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं, जबकि विरोध-प्रदर्शनों के बीच पड़ोसी ज़िले किश्तवाड़ में इंटरनेट की स्पीड कम कर दी गई.
युवक की मौत के बाद जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन
शुक्रवार को भद्रवाह के जाई इलाके में हुई फायरिंग की घटना में चीका गांव के रहने वाले आरिफ़ हुसैन की मौत हो गई. पुलिस का दावा है कि फायरिंग तब हुई जब हाथापाई के दौरान उसने एक पुलिसकर्मी से सर्विस राइफल छीनने की कोशिश की. इस घटना में जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) के तीन जवान भी घायल हो गए. हालांकि, स्थानीय लोगों ने पुलिस के दावे को खारिज कर दिया और शुक्रवार को हुसैन के अंतिम संस्कार के दौरान भद्रवाह में ज़बरदस्त विरोध-प्रदर्शन किया. उन्होंने CBI जांच और दोषियों के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की मांग की. सीनियर CPI(M) नेता और विधायक एमवाई तारिगामी ने दुख जताया और घटना की गहन, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की.
निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग
तारिगामी ने कहा कि शुक्रवार को डोडा में मारे गए हुसैन के परिवार के दुख और पीड़ा में मैं शामिल हूं. उनकी मौत से इलाके में गहरा दुख और अशांति फैल गई है. घटना की गहन, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके. ज़िम्मेदारी तय की जानी चाहिए और न्याय सुनिश्चित किया जाना चाहिए. पुलिस अधिकारी ने किसी भी तरह के आतंकी कनेक्शन की बात को खारिज किया, लेकिन कहा कि इन लोगों पर मवेशियों की तस्करी में शामिल होने का शक है. उन्होंने बताया कि SOG टीम ने जब उन्हें रोका तो वे संदिग्ध तरीके से घूम रहे थे, जिसके बाद हाथापाई हुई.
इलाकों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत एक ओपन FIR दर्ज की गई है. इन धाराओं में 109 (हत्या की कोशिश), 121 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए जान-बूझकर चोट पहुंचाना या गंभीर चोट पहुंचाना), 132 (सरकारी कर्मचारी को ड्यूटी करने से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल) और 307 (मौत, चोट या रोक लगाने की तैयारी के बाद चोरी) शामिल हैं. लोगों का आरोप था कि हुसैन बेगुनाह है और उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रभावित इलाकों में दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे.
भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात
अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संवेदनशील जगहों पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया था. जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग ने शुक्रवार को आदेश दिया कि 17 से 19 जुलाई तक डोडा ज़िले में मोबाइल डेटा सर्विस और पब्लिक वाई-फ़ाई (ब्रॉडबैंड इंटरनेट सर्विस सहित) को अस्थायी रूप से बंद रखा जाए. यह आदेश जम्मू के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस की सिफ़ारिश पर जारी किया गया. उन्होंने कहा कि देश-विरोधी तत्वों या शरारती तत्वों द्वारा हाई-स्पीड इंटरनेट सर्विस का गलत इस्तेमाल किए जाने की आशंका है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती है.
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News Source: PTI
