Kerala Drugs: केरल में ड्रग्स की तस्करी में तीन शिक्षकों और एक डॉक्टर की संलिप्तता सामने आने पर राज्य में हड़कंप मच गया है. केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन और गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने बुधवार को राज्य में ड्रग्स के इस्तेमाल और तस्करी के आरोप में तीन शिक्षकों की गिरफ्तारी पर हैरानी जताई. ये तीनों शिक्षक कीर्तना, काव्या और नीश्मा पेराम्ब्रा ब्लॉक रिसोर्स सेंटर (BRC) में काम करते थे, जो समग्र शिक्षा केरल (SSK) पहल के तहत चलता है. इन पर MDMA तस्करी करने वाले गिरोह का हिस्सा होने का आरोप है. सतीसन ने यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना को बहुत गंभीर और चौंकाने वाला बताया. कहा कि इससे राज्य में ड्रग्स के नेटवर्क के फैलाव का पता चलता है. उन्होंने दावा किया कि एक ड्रग्स मामले में एक डॉक्टर की भी भूमिका सामने आई है.
‘ऑपरेशन तूफान’ से मिली सफलता
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के ड्रग्स-विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन तूफान’ को सख्ती से लागू करने की वजह से ऐसे लोगों की भूमिका का पता चल रहा है. इससे पहले दिन में चेन्निथला ने भी कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि शिक्षक ड्रग्स ढोने और बेचने का काम कर रहे हैं. इस गैर-कानूनी गतिविधि से होने वाली कमाई को उनके ज़रिए बांटा जा रहा है.
उन्होंने कहा कि यह वाकई हैरान करने वाला है. मंत्री ने कहा कि वडकारा में शिक्षकों की गिरफ्तारी के बाद सामने आए ड्रग ऑपरेशन में और भी लोग शामिल थे और उन्हें भी जल्द ही पकड़ लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि हम दवा आपूर्ति के स्रोत तक पहुंचने का भी प्रयास कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मनोवैज्ञानिकों की मदद से इस बात की जांच की जा रही है कि क्या तीनों शिक्षकों द्वारा उनके द्वारा पढ़ाए गए स्कूलों में किसी बच्चे को या किसी अन्य शिक्षक द्वारा नशीली दवाएं दी गई थीं.
QR कोड से चलता था नशीला नेटवर्क
कीर्तन और काव्या से पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने नीशमा को गिरफ्तार किया था. जांचकर्ताओं को मामले में और लोगों के शामिल होने की जानकारी मिलने के बाद वडकारा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक द्वारा एसआईटी का गठन किया गया था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि संदिग्ध व्यक्ति खाड़ी देश के एक फ़ोन नंबर पर मैसेज भेजता था और पेमेंट करने के लिए उसे एक QR कोड मिलता था. पुलिस ने बताया कि पेमेंट कन्फर्म होने के बाद सप्लायर खरीदार को उस जगह की फ़ोटो भेजते थे जहां नशीले पदार्थ छिपाकर रखे गए थे, ताकि उन्हें वहां से उठाया जा सके. जांचकर्ताओं को पता चला कि QR कोड कीर्तिना के बैंक अकाउंट से जुड़ा था. गिरफ्तारी के बाद कीर्तिना ने इस काम में काव्या के शामिल होने की बात बताई.
टोल-फ्री नंबर 1064 जारी
चेन्निथला ने यह भी कहा कि सरकार के ड्रग-विरोधी अभियान ‘ऑपरेशन तूफ़ान’ को मंज़ूरी मिलने के बाद भ्रष्टाचार से निपटने के लिए एक नई पहल ‘प्रोजेक्ट ज़ीरो-विजिलेंस व्हिसल’ शुरू की जा रही है. उन्होंने कहा कि उन्होंने यह नाम तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय से मिलने के बाद तय किया, जिनका चुनाव चिह्न ‘सीटी’ (whistle) था और जिन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘व्हिसलब्लोअर’ अभियान शुरू किया है.
चेन्निथला ने कहा कि केरल में अब आम लोग टोल-फ्री नंबर 1064 पर एक फ़ोन कॉल करके ‘प्रोजेक्ट ज़ीरो-विजिलेंस व्हिसल’ के तहत भ्रष्टाचार की घटनाओं की जानकारी दे सकते हैं. उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अभिनेता निविन पॉली इस पहल के ब्रांड एंबेसडर होंगे. मंत्री ने कहा कि जिस तरह राज्य के लिए ‘ऑपरेशन तूफ़ान’ ज़रूरी है, उसी तरह भ्रष्टाचार को खत्म करना भी ज़रूरी है.
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News Source: PTI
