Israel Defence Minister: पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर अब ब्रेक लगता हुआ दिख रहा है. 15 जून को अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने इसकी घोषणा करते हुए ट्रूथ सोशल पर कहा, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ समझौता अब पूरा हो गया है. सभी को बधाई!” आने वाले शुक्रवार को दोनों देश स्विट्जरलैंड में व्यक्तिगत रूप से शांति समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे. इसके साथ ही इन दोनों के बीच युद्ध और संघर्ष आधिकारिक रूप से समाप्त हो जाएंगे.
वहीं, ईरान और अमेरिका के बीच इस शांति समझौते के बाद इजरायल ने एक बड़ा ऐलान किया है. उसने साफतौर पर कह दिया है कि वह लेबनान, सीरिया और गाजा में कब्जे वाली जमीन से पीछे नहीं हटेगा. बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए इस समझौते में यह बात या शर्त शामिल है कि लेबनान सहित सभी सक्रिय मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और स्थायी रूप से समाप्त कर दिया जाएगा. इजरायल लगातार लेबनान में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला करते रहा है और यह संगठन ईरान के द्वारा समर्थन प्राप्त करता रहता है. आइए जानते हैं कि इजरायल ने क्या कुछ कहा है.
कब्जे वाली जमीन से पीछे नहीं हटेगा इजरायल- रक्षा मंत्री
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने सोमवार को कहा कि ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच अंतरिम समझौते के लंबित रहने तक इजरायल लेबनान में कब्जा की गई जमीन से पीछे नहीं हटेगा. बता दें कि इस अंतरिम समझौते की घोषणा के बाद इजरायल काट्ज की ये पहली आधिकारिक इजरायली टिप्पणी थी. पाकिस्तान ने कहा है कि दोनों पक्ष (ईरान और अमेरिका) शुक्रवार को जिनेवा में समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मिलेंगे.
ईरान को इजरायल की चेतावनी
इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने कहा कि इजरायल लेबनान, सीरिया और गाजा पट्टी में अपने कब्जे वाले क्षेत्रों में अनिश्चित काल तक रहने की योजना बना रहा है. ईरान ने युद्ध को लेकर हुए अंतरिम समझौते को लेबनान में हिज्बुल्लाह पर इजरायल के हमलों को रोकने से जोड़ दिया है. काट्ज ने यह भी चेतावनी दी कि अगर ईरान लेबनान में इजरायली हमलों को लेकर इजरायल पर हमला करता है, तो इजरायल ईरान पर “भारी बल” से हमला करेगा. जानकारी के अनुसार, पिछले ढाई वर्षों में, इजरायल ने गाजा, लेबनान और सीरिया में लगभग 1,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र पर अपना नियंत्रण कर लिया है.
ईरान-अमेरिका डील पर पाक पीएम ने क्या कहा था?
बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव को खत्म करने के लिए पाक को मध्यस्थता की बड़ी जिम्मेदारी मिली थी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा, “हमें अमेरिका और ईरान के बीच गहन चर्चा के बाद एक शांति समझौते पर पहुंचने की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है. दोनों पक्षों ने लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियान की तत्काल और स्थायी समाप्ति की घोषणा की है.” ईरान और अमेरिका के बीच इस शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर किया जाएगा.
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News Source: PTI
