Farmers Protest: कर्नाटक में गन्ने की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों किसान शनिवार को सड़कों पर उतर आए. किसानों ने बेलगावी, धारवाड़, विजयपुरा और बागलकोट सहित कई प्रमुख जिलों में राजमार्गों को जाम कर दिया. गन्ने की खरीद कीमत बढ़ाने की मांग को लेकर उत्तरी कर्नाटक के किसानों ने शनिवार को अपना आंदोलन तेज कर दिया है. किसानों ने बेलगावी, धारवाड़, विजयपुरा और बागलकोट सहित कई प्रमुख जिलों में राजमार्गों को जाम कर विरोध प्रदर्शन किया. बेलगावी बस स्टैंड पर किसानों ने बसों के सामने धरना दिया, जबकि धारवाड़ में सड़क जाम कर दिया. आंदोलन के उग्र रूप को देखते हुए बेलगावी और धारवाड़ जिला प्रशासन ने निषेधाज्ञा लागू कर राजमार्गों को जाम करने पर पूरी तरह रोक लगा दी है.
मांग रहे 5,500 रुपए प्रति टन का लाभकारी मूल्य
गन्ना किसान अपनी उपज के लिए 5,500 रुपए प्रति टन का लाभकारी मूल्य तय करने, ‘फेयर एंड रेमुनेरेटिव प्राइस’ (FRP) के लिए बेस रिकवरी को दोबारा 9.5% पर लाने और केंद्र की इथेनॉल नीति की समीक्षा करने की मांग कर रहे हैं. आंदोलन के समर्थन में बेलगावी में किसानों ने पूरे कर्नाटक में बंद का आह्वान किया है. ‘कर्नाटक राज्य रैथा संघ’ और ‘हसीरु सेना’ के मानद अध्यक्ष शशिकांत गुरुजी ने किसानों से अपील की कि वे गन्ना किसानों के आंदोलन के समर्थन में शनिवार को राज्य के हर गांव, कस्बे और शहर में स्वेच्छा से बंद का पालन करें. शुक्रवार शाम गुरलापुर क्रॉस पर विरोध प्रदर्शन स्थल पर किसानों को संबोधित करते हुए गुरुजी ने कहा कि बेलगावी जिला प्रशासन द्वारा जारी निषेधाज्ञा को ध्यान में रखते हुए वे अपना आंदोलन शांतिपूर्ण ढंग से जारी रखें. पूरे कर्नाटक के किसानों से इस बंद को स्वेच्छा से समर्थन देने की अपील करने के साथ-साथ गुरुजी ने कन्नड़ फिल्म उद्योग के अभिनेता-अभिनेत्रियों से भी किसानों के आंदोलन में शामिल होने और उनके इस ‘न्यायपूर्ण संघर्ष’ को समर्थन देने का आग्रह किया.
समाधान तक जारी रहेगा आंदोलन
उन्होंने कहा कि अगर फिल्म जगत के लोग किसानों के साथ खड़े नहीं होते हैं, तो किसान समुदाय को सिनेमाघरों का बहिष्कार करना चाहिए और फिल्में देखना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने किसानों से यह भी अपील की कि वे दूध और सब्जियों जैसी आवश्यक वस्तुओं की बिक्री रोककर इस बंद का समर्थन करें. गुरुजी ने जोर देकर कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि राज्य सरकार और चीनी मिल मालिक गन्ना किसानों की समस्याओं का कोई ठोस समाधान नहीं निकाल लेते. धारवाड़ में किसानों ने निगाडी गांव के पास सड़क जाम करके एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शन कर रहे किसानों ने केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ नारे लगाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि गन्ने की ज्यादातर मिलें राजनेताओं की हैं और वे ही गन्ने के MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) में बढ़ोतरी को रोक रहे हैं. उधर, बेलगावी जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रदर्शन करने और सड़कें जाम करने पर रोक लगा दी है.
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