India Forex Reserves: भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है. देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 23 अक्टूबर को खत्म हुए हफ्ते में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.27 अरब डॉलर घटकर 719.75 अरब डॉलर रह गया. इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सोने के भंडार की कीमत में आई कमी है. हालांकि, इस बीच बैंकिंग सेक्टर से राहत देने वाली खबर भी सामने आई है.
सोने ने दिया झटका
RBI की तरफ से शुक्रवार को जारी वीकली स्टैटिस्टिकल सप्लीमेंट के मुताबिक, देश के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 2.65 अरब डॉलर की गिरावट आई है. इसके बाद भारत के सोने के भंडार का कुल मूल्य घटकर 103.15 अरब डॉलर रह गया. यानी विदेशी मुद्रा भंडार में आई कमी के पीछे सोने की घटती वैल्यू का बड़ा योगदान रहा.
विदेशी करेंसी का मोर्चा
जहां सोने के भंडार ने निराश किया, वहीं विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों यानी फॉरेन करेंसी एसेट्स ने राहत दी. इस बीच विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 1.36 अरब डॉलर बढ़कर 593.21 अरब डॉलर पहुंच गईं. ये भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा हैं. इसके अलावा स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) में 2.7 करोड़ डॉलर की बढ़ोतरी हुई. फिर ये 18.61 अरब डॉलर पर पहुंच गए. हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की रिजर्व पोजीशन 40 लाख डॉलर घटकर 4.79 अरब डॉलर रह गई.
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अभी भी मजबूत स्थिति
विदेशी मुद्रा भंडार में साप्ताहिक गिरावट जरूर आई है, लेकिन बड़ी तस्वीर राहत देने वाली है. RBI के मुताबिक, मार्च 2026 के अंत की तुलना में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अभी भी 28.64 अरब डॉलर ज्यादा है. विदेशी मुद्रा भंडार देश को अंतरराष्ट्रीय भुगतान करने और रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव की स्थिति संभालने में मदद करता है.
बैंक लोन में जबरदस्त तेजी
इस रिपोर्ट में बैंकिंग सेक्टर से अच्छी खबर भी मिली है. 15 अक्तूबर, 2026 तक बैंक क्रेडिट में सालाना आधार पर 18.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. पिछले साल इसी अवधि में ये बढ़ोतरी 11.6 प्रतिशत थी. कुल बैंक क्रेडिट बढ़कर 227.43 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं, बैंकों में जमा राशि 16.7 प्रतिशत बढ़कर 278.76 लाख करोड़ रुपये हो गई. पिछले साल इसकी ग्रोथ 9.5 प्रतिशत थी. इसके अलावा देश की ब्रॉड मनी सप्लाई (M3) में 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 9.2 प्रतिशत था. कुल मिलाकर, सोने की कीमतों ने विदेशी मुद्रा भंडार को झटका दिया है, लेकिन बैंकिंग सेक्टर की मजबूत ग्रोथ अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत दे रही है.
News Source: ANI
