Home Latest News & Updates दिल्ली-NCR वाले ध्यान दें! बढ़ते प्रदूषण के बीच 5 नवंबर से लागू होंगी ये पाबंदियां, वर्क फ्रॉम होम के निर्देश

दिल्ली-NCR वाले ध्यान दें! बढ़ते प्रदूषण के बीच 5 नवंबर से लागू होंगी ये पाबंदियां, वर्क फ्रॉम होम के निर्देश

by Neha Singh 31 October 2026, 10:55 AM IST (Updated 31 October 2026, 10:57 AM IST)
31 October 2026, 10:55 AM IST (Updated 31 October 2026, 10:57 AM IST)
Delhi Restrictions

Delhi Restrictions: वायु प्रदूषण को रोकने और नियंत्रित करने के लिए एहतियाती उपायों के तहत, ‘वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग’ (CAQM) ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के पांच जिलों में सरकारी और निजी कार्यालयों को 5 नवंबर से 20 नवंबर तक अपने 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ ही काम करने का निर्देश दिया है. बाकी कर्मचारी ‘वर्क फ्रॉम होम’ (घर से काम) करेंगे. आयोग ने इसी अवधि के दौरान पूरे NCR में धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण गतिविधियों पर भी रोक लगाने का आदेश दिया है.

फरीदाबाद से लेकर नोएडा तक वर्क फ्रॉम होम के निर्देश

30 अक्टूबर के एक आदेश में, CAQM ने कहा, “दिल्ली (NCT) और गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, गाजियाबाद तथा गौतम बुद्ध नगर जिलों में सरकारी और निजी कार्यालय 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी घर से काम करेंगे. यह नियम उन औद्योगिक इकाइयों और आवश्यक सेवाओं पर लागू नहीं होगा, जहां इस तरह की व्यवस्था संभव नहीं है.”

तोड़फोड़ और निर्माण कार्य पर प्रतिबंध

आयोग ने आगे निर्देश दिया कि पूरे NCR में धूल उड़ाने वाली तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा. इस प्रतिबंध के दायरे में राजमार्ग, सड़कें, फ्लाईओवर, ओवरब्रिज, बिजली ट्रांसमिशन लाइनें, पाइपलाइन और दूरसंचार कार्यों जैसी सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी आएंगी. हालांकि, रेलवे, मेट्रो सेवाओं, हवाई अड्डों, अंतर-राज्य बस टर्मिनलों, अस्पतालों, जलापूर्ति और स्वच्छता, राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा से जुड़ी गतिविधियों तथा राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है.

नवंबर में बढ़ता है वायु प्रदूषण

इन एहतियाती उपायों के पीछे का कारण बताते हुए, CAQM ने 2018 से 2025 तक नवंबर महीने के पिछले दैनिक ‘वायु गुणवत्ता सूचकांक’ (AQI) डेटा का हवाला दिया. इससे पता चलता है कि दिल्ली-NCR में, विशेष रूप से नवंबर की शुरुआत से मध्य तक, प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है. आदेश में कहा गया है, “इस दौरान, स्थानीय उत्सर्जन स्रोतों, मौसमी कृषि अवशेषों और बायोमास को जलाने, तथा अन्य घटनाओं से होने वाला उत्सर्जन प्रदूषण के बोझ को और बढ़ा देता है. वहीं, प्रतिकूल मौसमी स्थितियां – जैसे हवा की धीमी गति, वायुमंडलीय सीमा परत का कम होना और हवा का कम मिश्रण – प्रदूषकों के फैलाव को सीमित कर देती हैं.”

CAQM ने ये निर्देश ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021’ की धारा 12 के तहत जारी किए हैं. यह अधिनियम आयोग को NCR और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता की रक्षा करने और उसमें सुधार लाने के लिए कदम उठाने का अधिकार देता है. आयोग ने गौर किया कि जांच की अवधि के दौरान कुछ दिनों में AQI का स्तर ‘गंभीर’ और ‘अत्यधिक गंभीर’ श्रेणियों तक पहुंच गया था. आयोग ने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य प्रदूषण के स्रोतों पर उत्सर्जन को कम करना है.

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News Source: ANI

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