Delhi News : दिल्ली में 24 साल बाद मतदाता सूची का सबसे बड़ा सत्यापन अभियान शुरू होने जा रहा है. 30 जून से चुनाव आयोग स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन शुरू करेगा. इस अभियान के लिए 13 हजार से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO), करीब 1300 सुपरवाइजर और लगभग 30 हजार बूथ लेवल एजेंटों को तैनात किया गया है. अभियान 29 जुलाई तक चलेगा, जबकि अंतिम मतदाता सूची 7 अक्टूबर को प्रकाशित की जाएगी.
लगाए जा रहे विशेष जागरूकता शिविर
घर-घर सत्यापन शुरू होने से पहले राजधानी के विभिन्न पोलिंग बूथों पर विशेष जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं. इन शिविरों में मतदाताओं को SIR की प्रक्रिया समझाई जा रही है. एन्यूमरेशन फॉर्म भरने की जानकारी दी जा रही है और बूथ स्तर पर मतदाताओं की मैपिंग की जा रही है ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से छूट न जाए. चुनाव आयोग के अनुसार प्रत्येक पंजीकृत मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म भरना होगा. इसे BLO के माध्यम से या ऑनलाइन भी जमा किया जा सकेगा.
आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी
चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और त्रुटिरहित बनाना है. इसके तहत मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित और अपात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे, जबकि सभी पात्र नागरिकों का नाम सूची में सुनिश्चित किया जाएगा. आयोग के अनुसार, 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट प्रकाशित होगी. इसके बाद 4 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी और 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी होगी.
हालांकि, SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही इस पर सियासत तेज हो गई है. आम आदमी पार्टी का आरोप है कि हर चुनाव से पहले उसके समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की जाती है. पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर तैनात रहने और मतदाताओं की फॉर्म भरने में मदद करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से न कटे.
बूथ एजेंटों को प्रशिक्षण दिया
कांग्रेस ने भी अभियान को लेकर अपने कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों को प्रशिक्षण दिया है. पार्टी का कहना है कि पहले भी विपक्ष समर्थक मतदाताओं के नाम हटाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. इसलिए इस बार हर बूथ पर निगरानी रखी जाएगी और जरूरत पड़ने पर दावे और आपत्तियां भी दाखिल की जाएंगी.
बीजेपी ने किया पलटवार
विपक्ष के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. पार्टी का कहना है कि SIR पूरी तरह चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया है और इसका उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और अद्यतन बनाना है. बीजेपी का आरोप है कि विपक्ष बिना वजह भ्रम फैलाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है.
दिल्ली में वर्ष 2002 के बाद पहली बार इतने बड़े स्तर पर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन कराया जा रहा है. ऐसे में यह अभियान न सिर्फ चुनाव आयोग के लिए प्रशासनिक रूप से अहम माना जा रहा है, बल्कि आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक दलों के लिए भी एक बड़ा मुद्दा बन चुका है.
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