Magh Mela in Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान संगम में मकर संक्रांति स्नान से पहले प्रशासन ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं.
Magh Mela in Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान संगम में मकर संक्रांति स्नान से पहले प्रशासन ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं. 15 जनवरी को एक करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है. पौष पूर्णिमा (3 जनवरी) के अवसर पर 31 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों द्वारा पवित्र स्नान करने के बाद माघ मेले के दूसरे प्रमुख अनुष्ठान मकर संक्रांति स्नान के दौरान अपेक्षित भारी भीड़ को संभालने के लिए अधिकारियों ने व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं. अधिकारियों ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, स्वच्छता, सुरक्षा और सुगम परिवहन पर विशेष जोर दिया गया है. उन्होंने बताया कि इस अवसर के लिए 12,100 फीट से अधिक लंबे स्नान घाट तैयार किए गए हैं, जिनमें चेंजिंग रूम, शौचालय और पैदल मार्ग जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं. तीर्थयात्रियों की पैदल दूरी कम करने के लिए घाटों के पास पार्किंग की व्यवस्था की गई है.

एक लाख से अधिक वाहनों के लिए पार्क की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि 42 अस्थायी पार्किंग स्थल विकसित किए गए हैं, जिनमें एक लाख से अधिक वाहनों को पार्क करने की क्षमता है. इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं को मेला क्षेत्र में घूमने में सहायता के लिए बाइक-टैक्सी सेवाएं और गोल्फ कार्ट की व्यवस्था की गई है. पिछले वर्ष मकर संक्रांति पर लगभग 28.95 लाख श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया था. इस वर्ष लगभग तीन गुना अधिक लोगों के आने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने एक व्यापक भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की है. माघ मेला अधिकारी ऋषिराज ने कहा कि पवित्र संगम पर पर्याप्त जलस्तर सुनिश्चित करने के लिए कानपुर स्थित गंगा बैराज से प्रतिदिन लगभग 8,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जबकि प्रयागराज में नदियों में गिरने वाले सभी 81 नालों को नियंत्रित किया गया है और जल की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जा रही है.

3,300 सफाईकर्मियों की तैनाती
मेले की स्वच्छता व्यवस्था में लगभग 3,300 सफाईकर्मियों की तैनाती, 25,880 शौचालयों की स्थापना, 11,000 कूड़ेदान और सक्शन मशीनों का उपयोग शामिल है, जिसका उद्देश्य मेले क्षेत्र को खुले में शौच मुक्त और प्रदूषण मुक्त रखना है. सुरक्षा के मोर्चे पर माघ मेला के पुलिस अधीक्षक नीरज पांडे ने बताया कि मेले क्षेत्र को 17 पुलिस थाना क्षेत्रों और 42 पुलिस चौकियों में विभाजित किया गया है, जो 20 अग्निशमन केंद्रों, सात अग्निशमन चौकियों, 20 निगरानी टावरों, एक जल पुलिस स्टेशन और नियंत्रण कक्ष तथा चार उप-नियंत्रण कक्षों के अधीन है. सुरक्षा के लिए अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया है. उन्होंने बताया कि एकतरफा आवागमन के लिए 8 किलोमीटर से अधिक लंबी गहरे पानी की बैरिकेडिंग और 2 किलोमीटर लंबी नदी-किनारे की बैरिकेडिंग भी लगाई गई है. अधिकारियों ने बताया कि भीड़ की निगरानी, घटना रिपोर्टिंग और समग्र सुरक्षा निगरानी के लिए मेले और शहर के क्षेत्रों में एआई-सक्षम प्रणालियों सहित 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं.
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