Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के दो शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. कई मामलों में दोनों शूटरों की पुलिस को तलाश थी.
Delhi Police: दिल्ली पुलिस ने गुरुवार को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के दो शूटरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया. कई मामलों में दोनों शूटरों की पुलिस को तलाश थी. पुलिस ने बताया कि दोनों शूटरों ने हाल ही में जबरन वसूली के लिए एक जिम संचालक और एक व्यवसायी पर गोलियां चलाई थी. आरोपियों की पहचान गाजियाबाद निवासी 19 वर्षीय दीपक और रोहिणी निवासी 17 वर्षीय नाबालिग के रूप में हुई है. पुलिस उपायुक्त (उत्तर) राजा बंथिया ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि गिरोह के दो सक्रिय सदस्य हथियारों के साथ बुराड़ी इलाके से गुजरेंगे. सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक टीम ने हिरंकी गांव के पास जाल बिछाया. लगभग 1.25 बजे पुलिस ने संदिग्धों को एक स्कूटर पर देखा और उन्हें रुकने का इशारा किया.
कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली
डीसीपी ने बताया कि पुलिस दल को देखते ही पीछे बैठे युवक ने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें दो गोलियां चलीं. एक गोली कांस्टेबल की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी. पुलिस दल ने जवाबी कार्रवाई की और एक गोली पीछे बैठे युवक के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह गिर गया. स्कूटर सवार के पास पिस्तौल भी थी और उसने भागने की कोशिश की, लेकिन थोड़ी देर पीछा करने के बाद उसे काबू कर लिया गया. घायल आरोपी को इलाज के लिए बुरारू के एक सरकारी अस्पताल में ले जाया गया. पुलिस ने उसके पास से दो स्वचालित पिस्तौल, कारतूस और एक चोरी का स्कूटर बरामद किया. डीसीपी ने बताया कि दोनों आरोपियों ने सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को दो स्थानों पर गोलीबारी की थी. पहली घटना में बाहरी दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित आरके फिटनेस जिम पर गोलीबारी की गई, जो सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रोहित खत्री और उनकी पत्नी का है.
कारोबारी से मांगी थी 5 करोड़ की रंगदारी
दूसरी घटना पूर्वी दिल्ली के विनोद नगर स्थित एक व्यवसायी के घर पर हुई, जहां पीड़ित को 5 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग मिली थी. आरोपियों ने जांचकर्ताओं को बताया कि उसे हमलों के लिए 2 लाख रुपये देने का वादा किया गया था और उसे पहले ही 50,000 रुपये की शुरुआती रकम मिल चुकी थी. अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लगभग दो से तीन महीने पहले सोशल मीडिया के माध्यम से बिश्नोई गिरोह के सदस्यों के संपर्क में आए थे. वे विदेश से काम कर रहे हैंडलर रणदीप मलिक और अनिल पंडित के साथ एक एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग एप्लिकेशन के माध्यम से सीधे संपर्क में थे. उन्होंने आगे बताया कि हैंडलरों ने अपने स्थानीय सहयोगियों के माध्यम से दोनों के लिए हथियार और गोला-बारूद की व्यवस्था की.
ये भी पढ़ेंः मध्य प्रदेश में भीषण हादसाः पिकअप और ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर, एक ही परिवार के 5 सदस्यों की मौत, 10 गंभीर
