Vastu Idol Rules: घर के मंदिर में एक भगवान की एक से ज्यादा मूर्तियां रखना सही है या नहीं. चलिए जानते हैं क्या हैं वास्तु नियम.
20 January, 2026
Vastu Idol Rules: वास्तुशास्त्र के नियमों को घर की ऊर्जा के लिए बहुत जरूरी माना जाता है. वास्तुशास्त्र में घर की हर चीज को सही जगह और सही तरीके से रखने के बारे में बताया गया है. आज हम बात करेंगे हमारे भगवान की. कई लोग मंदिर में एक ही भगवान की दो या तीन मूर्तियां रख लेते हैं और उनकी पूजा करते हैं. लेकिन वे असमंजस में रहते हैं कि क्या मंदिर में एक ही भगवान की एक से ज्यादा मूर्तियां या तस्वीर रखना सही है या नहीं. चलिए जानते हैं मूर्तियों के लिए वास्तु के नियम क्या कहते हैं.

क्या है वास्तु नियम
घर में एक ही भगवान की एक से ज्यादा मूर्तियां रखने से उनकी ऊर्जा में टकराव होता है. इससे घर में ऊर्जा का संतुलन बिगड़ जाता है. वास्तु शास्त्र में कहा गया है- एक देवता, एक मूर्ति, एक आसन. यानी एक ही देवता की एक मूर्ति होनी चाहिए. एक से ज्यादा मूर्ति रखने से पूजा का फल कम हो जाता है. ऐसा करने से घर में समृद्धि नहीं होती और क्लेश होता है. इसके अलावा घर के मुखिया पर मानसिक तनाव बढ़ता है.
क्यों अशुभ है एक से ज्यादा मूर्तियां
माना जाता है कि घर में गणेश जी की एक से ज्यादा मूर्तियां रखने से बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता कम हो जाती है. वास्तु शास्त्र में घर में दो हनुमान की मूर्तियां या तस्वीर रखने से घर के लोगों में क्रोध बढ़ता है. वहीं दो लक्ष्मी जी की मूर्तियां होने पर धन आर्थिक तंगी आ सकती है. वास्तु के अनुसार, घर में एक से ज्यादा शिवलिंग होने पर परिवार में अशांति आती है. इसके अलावा अगर आपके घर में भगवान विष्णु की एक से ज्यादा मूर्तियां होती हैं तो वैवाहिक जीवन में संबंध खराब हो सकते हैं. हालांकि माता दुर्गा के सौम्य रूप, भगवान राम, राधा-कृष्ण और बाल गोपाल की एक से ज्यादा मूर्तियां रखी जा सकती हैं. बस ध्यान देना होगा कि आप उनकी देखभाल सही तरीके से करें.

भगवान की मूर्तियों से जुड़ें अन्य जरूरी नियम
- संख्या के अलावा वास्तुशास्त्र के अन्य नियमों को भी मानना चाहिए. जैसे मंदिर में खंडित या टूटी मर्तियां नहीं रखनी चाहिए. टूट जाने पर मूर्तियों को किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर देना चाहिए और नहीं मूर्ति स्थापित करनी चाहिए.
- मूर्तियों का चेहरा एक दूसरे के सामने नहीं होना चाहिए. कई लोग जगह की कमी होने पर मूर्तियों को बहुत पास पास रख देते हैं और उनका चेहरा एक दूसरे के सामने आ जाता है. मूर्तियां आमने-सामने नहीं रखनी चाहिए, इससे घर में मतभेद नहीं होने चाहिए.
- इसके अलावा आपको भगवान के रौद्र रूप को भी घर में नहीं रखना चाहिए. हमेशा घर में ऐसी मूर्ति या तस्वीर लाइए, जो शांत और आशीर्वाद देने वाली मुद्रा में हो.
- मंदिर की सफाई करना बहुत जरूरी. आपको ध्यान देना चाहिए कि मूर्तियों की धूल तो नहीं जम रही. अगर मूर्तियां धूल से गंदी हो गई हैं तो उनकी सफाई करें.
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