Cashew Capital of the World: शाही मेवे की बात हो, तब काजू का जिक्र सबसे पहले होता है. क्या आप जानते हैं कि, कौन सा शहर ‘कैश्यू कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ कहलाता है?
20 January, 2026
जब भी हम सूखे मेवों की बात करते हैं, तो काजू का नाम टॉप पर आता है. गाजर का हलवा हो, या शाही पनीर, काजू के बिना सब अधूरा लगता है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा काजू कहां प्रोसेस होते हैं? या वो कौन सा शहर है जिसे दुनिया की काजू कैपिटल कहा जाता है? अगर नहीं, तो चलिए आज हम आपको भारत के एक ऐसे शहर की सैर कराते हैं, जिसने कई दशकों से पूरी दुनिया के स्वाद को अपने काबू में कर रखा है.
कैश्यू कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड
भारत के केरल का कोल्लम (Kollam) शहर ऑफिशियली ‘कैश्यू कैपिटल ऑफ द वर्ल्ड’ है. ये शहर भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया की काजू कैपिटल के नाम से जाना जाता है. अरब सागर के किनारे बसा ये खूबसूरत शहर सालों से काजू प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट का सबसे बड़ा सेंटर बना हुआ है. वैसे, कोल्लम को ये नाम ऐसे ही नहीं मिला, इसके पीछे एक लंबी कहानी है. दरअसल, 20वीं शताब्दी के दौरान, कोल्लम दुनिया के सबसे बड़े काजू प्रोसेसिंग सेंटर बनकर उभरा. यहां सैकड़ों प्रोसेसिंग यूनिट्स यानी कारखाने हैं. कोल्लम की खासियत ये है कि यहां के कारीगर काजू को साफ करने और उसे प्रोसेस करने में इतने माहिर हैं कि दुनिया भर में इसकी मांग रहती है. इसके तटीय इलाकों ने बिजनेस को और आसान बना दिया, जिससे कच्चे काजू को बाहर से मंगवाना और तैयार माल को विदेशों में भेजना बहुत आसान हो गया.

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इकोनॉमी की रीढ़
काजू का बिजनेस कोल्लम की इकोनॉमी की जान है. दिलचस्प बात ये है कि इस बिजनेस ने न सिर्फ भारत को फॉरेन करेंसी दिलाई, बल्कि लोकल लोगों को बड़े लेवल पर रोजगार भी दिया. कोल्लम की काजू इंडस्ट्री हजारों लोगों के घर का चूल्हा जलाता है. इसके अलावा कोल्लम की काजू इंडस्ट्री की सबसे खास बात यहां की वर्कफोर्स है. यहां के कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों में महिलाओं की संख्या बहुत ज्यादा है. कई दशकों से यहां की महिलाएं काजू की छंटाई और प्रोसेसिंग कर रही हैं. ये इंडस्ट्री इन महिलाओं को फाइनेंशियली मजबूत बनाने में बड़ी भूमिका निभा रहा है.
ये शहर भी नहीं पीछे
हालांकि कोल्लम को काजू की राजधानी कहा जाता है, लेकिन अगर हम भारत में काजू के प्रोडक्शन की बात करें, तो महाराष्ट्र इसमें सबसे आगे है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक और तमिलनाडु भी काजू के बड़े उत्पादक राज्य हैं. इन राज्यों से कच्चा काजू कोल्लम लाया जाता है, जहां उसे रिफाइन और पैक करके अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे देशों में भेजा जाता है.

इंटरेस्टिंग फैक्ट्स
एक टाइम ऐसा था जब पूरी दुनिया के कुल प्रोसेस होने वाले काजू का आधे से ज्यादा हिस्सा अकेले कोल्लम में तैयार होता था. कोल्लम में काजू प्रोसेसिंग का हुनर एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को विरासत में मिलता रहा. यहां के कारीगरों जैसा कौशल दुनिया में शायद ही कहीं और मिले. कोल्लम के एक्सपोर्ट की वजह से ही भारत दुनिया भर में प्रोसेस्ड काजू के सबसे भरोसेमंद सप्लायर के रूप में अपनी पहचान बना पाया. इस शहर की इंडस्ट्रियल पहचान, उसकी साख और विकास की कहानी पूरी तरह से काजू के बागानों और फैक्ट्रियों से जुड़ी हुई है. यानी गली बार जब आप अपने खाने में, या मिठाई की प्लेट में काजू का आनंद लें, तो केरल के इस छोटे से शहर ‘कोल्लम’ को जरूर याद कीजिएगा.
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