Gold-Silver Price: अगर आप काफी टाइम से सोने और चांदी में इन्वेस्ट करने की सोच रहे थे, लेकिन लगातार बढ़ती कीमतों से डर रहे थे, तो ये खबर आपको काफी राहत देने वाली है.
30 January, 2026
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आज की खबर आपके चेहरे पर बड़ी मुस्कान ला सकती है. पिछले कुछ टाइम से आसमान छू रही सोने-चांदी की कीमतों में आज एक बड़ा करेक्शन यानी गिरावट देखने को मिली है. शुक्रवार, 30 जनवरी को सोने और चांदी, दोनों के भाव अपने रिकॉर्ड लेवल से काफी नीचे आ गए हैं. यह उन खरीदारों के लिए एक अच्छा मौका है, जो ऊंचे दामों की वजह से अपनी खरीदारी टाल रहे थे.
फीकी पड़ी सोने की चमक
आज सोने की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इंडियन मार्केट में सोने के दाम लगभग 3% तक गिर गए हैं. 24 कैरेट सोने की बात करें तो इसकी कीमत अब 1,70,620 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है. वहीं, कल यही भाव 1,83,962 रुपये के करीब था. यानी सीधे तौर पर प्रति 10 ग्राम पर 8,000 रुपये से ज्यादा की कमी आई है. ये एक बड़ी गिरावट है जो बाजार में इनस्टेबिलिटी का इशारा दे रही है. अगर हम अलग-अलग प्योरिटी के हिसाब से आज के गोल्ड रेट्स देखें, तो वो कुछ इस तरह हैं-
24 कैरेट : 1,70,620 रुपये प्रति 10 ग्राम (999 गोल्ड)
22 कैरेट : 1,56,400 रुपये प्रति 10 ग्राम
18 कैरेट सोना: 1,27,970 रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी में बड़ी गिरावट
वैसे, सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी पसंद करने वालों के लिए भी अच्छी खबर है. चांदी की कीमतों में शुक्रवार को करीब 4.3% की बड़ी गिरावट देखी गई. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में 17,000 रुपये से ज्यादा की कमी आई. चांदी का भाव जो 4 लाख रुपये प्रति किलो के करीब पहुंच गया था, वो अब गिरकर 3,95,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया है. ये गिरावट बताती है कि इन्वेस्टर्स अब सतर्क हो गए हैं. यानी मार्केट में अब प्रोफिट बुकिंग का टाइम शुरू हो गया है.
क्यों गिर रहे हैं दाम?
कीमती मेटल्स के दाम रोज ऊपर-नीचे होते हैं, इसके पीछे कई कारक हैं. सबसे पहला कारण है डॉलर की मजबूती. इंटरनेशनल मार्केट में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है. जब डॉलर मजबूत होता है, तो इंटरनेशनल इन्वेस्टर्स के लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे सोने की डिमांड घटती है और कीमतें नीचे आती हैं. दूसरा कारण है, प्रोफिट बुकिंग. सोने और चांदी ने हाल ही में रिकॉर्ड हाई लेवल टच किया था, इसलिए कई बड़े इन्वेस्टर्स ने इस मौके का फायदा उठाकर प्रोफिट बुकिंग की, जिससे बाजार में सोने-चांदी की कीमतें गिर गईं.
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फेडरल रिजर्व
इसके अलावा इन्टरेस्ट रेट भी इस गिरावट की वजह है. दरअसल, अमेरिका में फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया. जब इन्टरेस्ट रेट हाई होते हैं, तब इन्वेस्टर्स गोल्ड के बजाय बॉन्ड में इन्वेस्ट करना पसंद करते हैं, जिससे सोने पर दबाव बनता है. हालांकि, दुनिया में चल रहीं वॉर जैसी टेंशन की वजह से अभी भी सोने को सेफ इन्वेस्टमेंट माना जा रहा है, जिससे कीमतों को लो लेवल पर भी सपोर्ट मिल रहा है.
आम आदमी पर असर
शादियों का सीजन हो या इन्वेस्टमेंट का इरादा, भारतीयों के लिए सोना हमेशा पहली पसंद रहा है. ताजा गिरावट उन लोगों के लिए एक राहत की तरह है जो ऊंचे दामों की वजह से खरीदारी टाल रहे थे. ये मौका उन लोगों के लिए बेहतरीन हो सकता है जो लंबे टाइम के सोने और चांदी में इन्वेस्टमेंट करने की सोच रहे हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि लॉन्ग टर्म में गोल्ड अब बी अच्छा रिटर्न दे सकता है. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि मार्केट में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. यानी कोई भी इन्वेस्टमेंट करने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें.
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