Delhi Forest Department: दिल्ली वन विभाग ने अपने ग्रीन एक्शन प्लान (GAP) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 70.82 लाख पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है.
Delhi Forest Department: दिल्ली वन विभाग ने अपने ग्रीन एक्शन प्लान (GAP) के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 70.82 लाख पौधरोपण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को प्रभावी बनाने के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इस बार विभाग एक विशेष वैज्ञानिक तकनीक ‘कैनोपी ओपनिंग’ (Canopy Opening) को अपनाने पर विचार कर रहा है.
क्या है ‘कैनोपी ओपनिंग’ तकनीक?
दिल्ली वन विभाग के अफसरों की फरवरी में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान इस विधि पर चर्चा की गई. इसके तहत घने पेड़ों के ऊपरी हिस्से (छतरियों) की चुनिंदा छंटाई की जाती है. इससे जंगल की जमीन तक सूरज की रोशनी पहुंच पाती है, जो नए पौधों के विकास के लिए जरूरी है. यह तकनीक प्रकाश, पानी और पोषक तत्वों के साथ पुराने और नए पेड़ों के लिए काफी कारगर होती है, जिससे नए लगाए गए पौधों के पनपने में काफी सुधार होता है. इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका त्रि-स्तरीय मॉडल है, जो दिल्ली के प्रदूषण से लड़ने में सहायक होगा. ऊपरी परत: इसमें ऊंचे देशी पेड़ लगाए जाएंगे. मध्य परत: छोटे पेड़ और झाड़ियां होंगी जो धूल के कणों और प्रदूषकों को रोकने का काम करेंगी. जमीनी परत: घास और निचली वनस्पतियां मिट्टी के कटाव को रोकेंगी और नमी बनाए रखेंगी. यह मॉडल न केवल नाइट्रोजन ऑक्साइड और सल्फर डाइऑक्साइड जैसी हानिकारक गैसों को अवशोषित करेगा, बल्कि कार्बन डाइऑक्साइड को सोखकर दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
मार्च तक पूरा हो शेष पौधरोपण
फिलहाल विभाग इस दृष्टिकोण को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है. इस दौरान पौधारोपण मॉडल और रोपण एजेंसियों के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने पर भी चर्चा की गई. वृक्ष प्राधिकरण ने बताया कि 2025-26 योजना के तहत 4.81 लाख पेड़, 41.82 लाख झाड़ियां और 2.03 बांस के पौधे लगाए गए, जबकि 5.03 पौधे मुफ्त वितरित किए गए. बैठक के दौरान प्राधिकरण अध्यक्ष ने 2025-26 के लिए शेष पौधरोपण लक्ष्य को मार्च 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया और सभी रोपण एजेंसियों को जीएपी पोर्टल पर विस्तृत पौधारोपण डेटा अपलोड करने के लिए कहा. अधिकारियों ने कहा कि बेहतर निगरानी के लिए पोर्टल को संशोधित करने का प्रस्ताव है. चेयरमैन ने यह भी निर्देश दिया कि राजधानी में किए गए पौधरोपण का तीसरे पक्ष से ऑडिट किया जाए. शुरुआत में उपग्रह-आधारित मूल्यांकन के बाद जमीनी सत्यापन किया जाए, जिसमें वन विभाग को एक उपयुक्त एजेंसी की पहचान करने का काम सौंपा जाए.
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News Source: PTI
