EPFO: भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के बुढ़ापे और सामाजिक सुरक्षा का सबसे बड़ा संरक्षक है. फिलहाल वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPFO अपने 7 करोड़ से ज्यादा सक्रिय सदस्यों को 8.25% की दर से सालाना ब्याज दे रहा है. कर्मचारियों की सुविधाओं को डिजिटल और बेहद आसान बनाने के लिए ईपीएफओ ने एक बड़ा तकनीकी और संरचनात्मक बदलाव किया है, जिसे ‘ईपीएफओ 3.0’ नाम दिया गया है. इसके तहत अब कर्मचारियों को एटीएम और यूपीआई के जरिए सीधे अपने पीएफ खाते से पैसे निकालने की सुविधा मिलने जा रही है.
खाता हस्तांतरण की भी सुविधा
संगठन के केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा कि सरकार अब भविष्य निधि (पीएफ) की अंतिम निकासी के लिए ‘ऑटो सेटलमेंट’ प्रक्रिया शुरू करने जा रही है. श्री कृष्णमूर्ति के अनुसार, ईपीएफओ वर्तमान में अंतिम पीएफ निकासी के साथ-साथ खाता हस्तांतरण की प्रक्रिया को पूरी तरह से स्वचालित करने पर काम कर रहा है. इसका मतलब यह है कि जब कोई कर्मचारी अपनी नौकरी बदलता है, तो उसका पीएफ खाता बिना किसी कागजी कार्रवाई या फॉर्म भरे स्वचालित रूप से नए नियोक्ता के पास स्थानांतरित हो जाएगा.

इस नई डिजिटल प्रणाली का मुख्य उद्देश्य पीएफ दावों के निपटान में होने वाली देरी को खत्म करना और आवेदकों के बैंक खातों में तुरंत पैसा ट्रांसफर करना है. फिलहाल अग्रिम निकासी की सीमा पहले ही 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी गई है. इस नई स्वचालित पहल से करोड़ों नौकरीपेशा लोगों का समय बचेगा और पीएफ दावा खारिज होने की दर भी काफी कम हो जाएगी.
कर्मचारियों के हितों की रक्षा कैसे करता है EPFO?
ईपीएफओ मुख्य रूप से तीन योजनाओं के माध्यम से कर्मचारियों को वित्तीय और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करता है:
- कर्मचारी भविष्य निधि योजना : यह कर्मचारियों के लिए एक अनिवार्य बचत योजना है. इसमें कर्मचारी और कंपनी (नियोक्ता) दोनों मिलकर कर्मचारी के मूल वेतन और डीए का 12-12% योगदान करते हैं। यह पैसा सेवानिवृत्ति के समय ब्याज सहित एक बड़ी एकमुश्त पूंजी के रूप में प्राप्त होता है.
- कर्मचारी पेंशन योजना: कंपनी के 12% योगदान में से 8.33% पेंशन फंड (ईपीएस) में जाता है. यदि कोई कर्मचारी लगातार 10 वर्ष की सेवा पूरी कर लेता है, तो वह 58 वर्ष की आयु के बाद जीवन भर मासिक पेंशन का हकदार हो जाता है.
- कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना: इसके तहत, यदि किसी कर्मचारी की नौकरी के दौरान अप्रत्याशित मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार/नामित व्यक्ति को 7 लाख रुपये तक का मुफ्त जीवन बीमा कवर दिया जाता है. इसके लिए कर्मचारी के वेतन से कोई कटौती नहीं की जाती है, इसका पूरा खर्च कंपनी द्वारा वहन किया जाता है.
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क्या ATM और UPI से भी मिलेगा पैसा?
अब ईपीएफओ 3.0 के क्रांतिकारी अपडेट के तहत यह सुविधा हकीकत बनने जा रही है.
- यूपीआई निकासी: ईपीएफओ ने नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के सहयोग से अपने यूपीआई आधारित सिस्टम का परीक्षण पूरा कर लिया है. अब सदस्य अपने मोबाइल पर आधार ओटीपी और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए कुछ ही मिनटों में पीएफ का पैसा सीधे अपने बैंक खाते में ट्रांसफर कर सकेंगे. इसके जरिए कुल पीएफ बैलेंस का अधिकतम 75 फीसदी तक पैसा निकाला जा सकता है.
- एटीएम निकासी: ईपीएफओ इंटरनेट या स्मार्टफोन तक सीमित पहुंच वाले दूरदराज के क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए विशेष ‘पीएफ-लिंक्ड एटीएम कार्ड’ जारी करने जा रहा है. इस कार्ड की मदद से कर्मचारी किसी भी एटीएम मशीन पर जाकर सीधे अपने पीएफ खाते से आपातकालीन धनराशि निकाल सकेंगे.
- सुरक्षा नियम (25% लॉक-इन): एटीएम और यूपीआई से पैसे निकालने की आजादी के बीच कर्मचारियों के बुढ़ापे की सुरक्षा के लिए एक सख्त नियम बनाया गया है. किसी भी परिस्थिति में खाते की शेष राशि का कम से कम 25% हमेशा आरक्षित रखना होगा, जिसे सेवानिवृत्ति से पहले नहीं निकाला जा सकता है.

ईपीएफओ 3.0 के तहत लागू किए गए अन्य नए नियम (नवीनतम नियम) कर्मचारियों की जेब ढीली करने, सुविधा और क्लेम रिजेक्शन (आवेदन अस्वीकृति) की समस्या को खत्म करने के लिए 15 प्रमुख सुधार लागू किए गए हैं.
- ऑटो-सेटलमेंट सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपए की गई : पहले, बीमारी, शिक्षा या शादी जैसे कारणों के लिए केवल 1 लाख तक के दावे ऑटो-सेटलमेंट किए जाते थे. अब यह सीमा बढ़ाकर 5 लाख कर दी गई है. छोटे और मध्यम स्तर के दावे अब केवल 3 दिनों के भीतर सीधे बैंक खातों में जमा किए जाते हैं.
- 13 कारणों को घटाकर 3 श्रेणियों में बांटा गया: पहले पीएफ निकालने के लिए 13 अलग-अलग कठिन कानूनी कारण बताने पड़ते थे, जिसके कारण अक्सर आवेदन खारिज कर दिए जाते थे. उन्हें अब केवल तीन श्रेणियों में सरलीकृत कर दिया गया है: आवश्यक आवश्यकताएं, आवास और विशेष परिस्थितियां.
- विवाह और शिक्षा के लिए निकासी की सीमा बढ़ाई गई: नए नियमों के तहत किसी बच्चे या खुद की उच्च शिक्षा के लिए रोजगार के दौरान अब 10 बार तक आंशिक निकासी की जा सकती है (पहले यह सीमा बहुत कम थी). इसी तरह शादी के खर्च के लिए सेवा अवधि के दौरान 5 बार तक पैसा निकाला जा सकता है.
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- बेरोजगारी नियमों में बदलाव: अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है तो वह तुरंत 75% तक रकम निकाल सकता है ताकि वह अपने घर का खर्च चला सके. शेष 25% को 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद ही पूरी तरह से निकाला जा सकता है, ताकि कर्मचारी की दीर्घकालिक बचत बरकरार रहे.
- पेंशन (ईपीएस) निकासी पर नया 3 साल का नियम: पेंशन फंड की सुरक्षा के लिए, अब नौकरी छोड़ने के कम से कम 3 साल बाद ही पेंशन का पैसा निकाला जा सकता है (पहले यह अवधि केवल 2 महीने थी). इसका उद्देश्य पेंशन फंड को समय से पहले खत्म होने से बचाना है ताकि बुढ़ापे में मासिक पेंशन सुरक्षित रहे.
- वेतन सीमा 25,000 रुपये बढ़ाने पर विचार: सरकार ईपीएफओ के दायरे में अनिवार्य वेतन सीमा 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये करने की अंतिम प्रक्रिया में है. इससे संगठित क्षेत्र के लाखों और कर्मचारियों को पीएफ और सरकारी पेंशन का सीधा सुरक्षा कवर मिल सकेगा.
- डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र और चेहरा प्रमाणीकरण: बुजुर्ग पेंशनभोगियों को अब बैंकों या ईपीएफओ कार्यालयों में जाने की जरूरत नहीं है. वे घर बैठे केवल मोबाइल कैमरे का उपयोग करके फेस ऑथेंटिकेशन टेक्नोलॉजी (FAT) का उपयोग करके अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं.

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किस परिस्थिति में कोई कर्मचारी कितना पैसा निकाल सकता है?
- गंभीर बीमारी के इलाज के लिए: कर्मचारी के 6 महीने के मूल वेतन या कुल कर्मचारी शेयर (जो भी कम हो) के बराबर.
- स्वयं, भाई-बहन या बच्चों का विवाह: कर्मचारी के कुल योगदान का 50% तक (ब्याज सहित).
- घर/प्लॉट खरीदने या घर बनाने के लिए: प्लॉट के लिए 24 महीने और घर खरीदने/बनाने के लिए 36 महीने और डीए या कुल जमा (जो भी कम हो).
- बच्चों की उच्च शिक्षा: कर्मचारी के कुल योगदान का 50% तक.
- नौकरी छूटने/बेरोजगारी पर: आप नौकरी छूटने के 1 महीने के बाद 75% तक राशि निकाल सकते हैं.
- अंतिम निपटान: सेवानिवृत्ति पर (58 वर्ष की आयु में) या लगातार 12 महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहने की स्थिति में, खाते में जमा राशि का 100% (ब्याज सहित).
नियमों को सरल बनाने के साथ-साथ टैक्स प्रक्रिया को भी स्पष्ट रखा गया है।
- अगर कोई कर्मचारी 5 साल की लगातार सेवा (नौकरी) पूरी करने के बाद पैसे निकालता है तो निकाली गई पूरी रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है.
- यदि 5 साल की सेवा से पहले 50,000 रुपये से अधिक निकाले जाते हैं, तो 10% टीडीएस काटा जाता है (बशर्ते पैन कार्ड जुड़ा हुआ हो). अगर पैन कार्ड लिंक नहीं है तो अधिकतम दर (34.6%) पर टीडीएस काटा जा सकता है.

यूएएन (UAN) कैसे एक्टिवेट करें?
यदि आप पहली बार अपने पीएफ खाते का उपयोग कर रहे हैं, तो सबसे पहले आपको अपना यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (यूएएन) सक्रिय करना होगा. सबसे पहले ईपीएफओ सदस्य पोर्टल पर जाएं. होम पेज के नीचे दाईं ओर ‘एक्टिवेट यूएएन’ लिंक पर क्लिक करें. अपना यूएएन नंबर, आधार नंबर, नाम, जन्म तिथि और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर दर्ज करें. ओटीपी दर्ज करें और फिर ‘प्राधिकरण पिन प्राप्त करें’ पर क्लिक करें. आपके फोन पर एक ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करें और सबमिट करें.
इसके बाद पासवर्ड प्राप्त करें. आपका यूएएन सक्रिय हो जाएगा और आपके मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से एक डिफ़ॉल्ट पासवर्ड भेजा जाएगा (जिसे आप बाद में बदल सकते हैं). कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के नए नियमों के तहत आप किसी भी बैंक के ATM या UPI-सक्षम ATM नेटवर्क का उपयोग करके अपने PF का पैसा निकाल सकेंगे. नेशनल फाइनेंशियल स्विच (एनएफएस) और इंटरऑपरेबल एटीएम नेटवर्क के कारण यह सुविधा सभी बैंकों के एटीएम पर काम करेगी.
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