Import curbs on Silver: भारत में अप्रैल के महीने में चांदी का आयात दोगुने से अधिक बढ़कर 411 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था. 2025-26 में, ऊंची कीमतों के कारण आयात में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि होकर 12 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा.
Import curbs on Silver: पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. ईरान और अमेरिका अपने बीच मामले को शांत करने के लिए अभी तक जो भी प्रयास किए हैं, उसका कुछ खास और ज्यादा सकारात्मक प्रभाव देखने को नहीं मिला है. पश्चिम एशिया में इन दोनों में जारी तनातनी के बीच दुनिया की एनर्जी सप्लाई के लिए अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अभी भी बाधित बताया जा रहा है. इससे विश्व के कई देशों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है. उनकी अर्थव्यवस्था डगमगाने लगी है. कई जगहों पर महंगाई बढ़ने लगी है. इससे भारत भी अछूता नहीं है. इस बीच भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला किया है.
जी हां, केंद्र की मोदी सरकार ने चांदी के आयात पर अभी प्रतिबंध लगा दिया है. मतलब कि जब तक यह बैन लागू रहेगा तब तक भारत में विदेशों से चांदी नहीं आ सकेगी. सरकार ने यह कदम अपने उस फैसले के कुछ दिनों बाद उठाया है, जिसमें उसने सोने और चांदी के आयात पर लगने वाली इंपोर्ट ड्यूटी को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था. अब सरकार ने चांदी को बाहर से मंगाने पर ही रोक लगा दी है. आइए सरकार के इस बड़े एक्शन के पीछे की वजह को जानते हैं.
विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित करने के लिए फैसला
मिली जानकारी के मुताबिक, कीमती धातुओं पर उच्च सीमा शुल्क (high customs duties) लगाने के कुछ ही दिनों के भीतर, सरकार ने शनिवार को चांदी के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया. उसने इसे आयातित माल की लाइसेंस व्यवस्था के तहत रख दिया. केंद्र सरकार ने 13 मई को सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था. प्रभावी शुल्क (3 प्रतिशत आईजीएसटी सहित) 18 प्रतिशत से अधिक है.
गैर-जरूरी आयात पर अंकुश लगाकर विदेशी मुद्रा के आउट फ्लो को नियंत्रित करने के लिए इसे बढ़ाया गया था. बाजार के जानकार बताते हैं कि देश के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है. इसके अलावा देश के बढ़ते व्यापार घाटे को नियंत्रित करने पर भी सरकार का ध्यान है.
बता दें कि बीते दिनों पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से 7 खास अपील की थी, जिसमें अगले एक साल तक सोने की खरीदारी न करने, विदेश न जाने, पेट्रोल-डीजल का अधिक इस्तेमाल न करने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करने को कहा था. यह सभी अपील कहीं न कहीं देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने के लिए की गई थी.
आयात के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता
विदेश व्यापार महानिदेशालय ने एक अधिसूचना में कहा कि सोने और प्लैटिनम से जड़ी चांदी सहित चांदी की आयात नीति को “तत्काल प्रभाव से मुक्त से प्रतिबंधित कर दिया गया है.” प्रतिबंधित श्रेणी के अंतर्गत आने वाली वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी लाइसेंस की आवश्यकता होती है. हालांकि, आयात पर प्रतिबंध 100 प्रतिशत निर्यात उन्मुख इकाइयों (EOUs) और विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) इकाइयों द्वारा किए गए आयात पर लागू नहीं होंगे, बशर्ते कि ऐसे आयातित सामान घरेलू बाजार में न बेचे जाएं.
अप्रैल में चांदी का आयात दोगुने से भी अधिक
यहां बता दें कि वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में अप्रैल के महीने में चांदी का आयात दोगुने से अधिक बढ़कर 411 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था. 2025-26 में, ऊंची कीमतों के कारण आयात में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि होकर 12 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा. मात्रा के हिसाब से, पिछले वित्तीय वर्ष में यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन हो गया. बीते दिनों चांदी का भाव लगभग 2.53 लाख रुपये प्रति किलोग्राम रहा. इस धातु का इस्तेमाल कई उद्योगों में किया जाता है. इनमें बिजली के स्विच और सौर पैनल से लेकर रासायनिक उत्प्रेरक और चिकित्सा उपकरण शामिल हैं.
विदेशी मुद्रा भंडार में 6.295 अरब डॉलर की बढ़त
आरबीआई के अनुसार, पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में भारत का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 7.794 बिलियन अमेरिकी डॉलर घटकर 690.693 बिलियन अमेरिकी डॉलर हो गया था. लेकिन अब इस भंडार में मजबूती दिखी है. शुक्रवार को देश का केंद्रीय बैंक यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने बताया कि 8 मई को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 6.295 अरब अमेरिकी डॉलर बढ़ा. यह अब 696.988 अरब अमेरिकी डॉलर का हो गया है.
पश्चिम एशिया तनाव शुरू होने से पहले इस साल 27 फरवरी को समाप्त हुए सप्ताह के दौरान देश का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 728.494 अरब अमेरिकी डॉलर के अब तक के सबसे हाई पर पहुंच गया था. उसके बाद कई हफ्तों तक इसमें गिरावट देखी गई क्योंकि रुपये में दबाव आ गया था और आरबीआई को डॉलर की बिक्री के जरिए विदेशी मुद्रा भंडार में हस्तक्षेप करना पड़ा था.
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News Source: PTI
