Home Top News स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमला अस्वीकार्य, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया मुद्दा

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमला अस्वीकार्य, भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया मुद्दा

by Amit Dubey
0 comment
India at United Nations

India at United Nations: भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत ही खास है क्योंकि यहां से वह 30 से 50 फीसदी तक कच्चे तेल और गैस का आयात करता है. भारत इसी समुद्री मार्ग से ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों से तेल का आयात करता है.

India at United Nations: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारत सहित दुनिया के कई देशों को प्रभावित किया है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस तनातनी से सबसे अधिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज प्रभावित हुआ है. दुनिया की एनर्जी सप्लाई (तेल, गैस) के लिए अहम यह समुद्री रास्ता ईरानी कब्जे में बताया जा रहा है. ईरान इस रास्ते से कुछ देशों को छोड़कर बाकी के देशों के जहाजों पर आने-जाने की पाबंदी लगा दी है. अमेरिका चाहता है कि इस रास्ते से पहले की तरह जहाजों की आवाजाही हो, लेकिन ईरान से इसे रोक रखा है.

इस तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कई जहाजों को निशाना भा बनाया गया. बीते दिनों भारत के झंडे वाले जहाज हाजी अली पर भी अटैक किया गया था, इससे जहाज समुद्र में डूब गया था. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर बढ़ते हमले को लेकर भारत ने संयुक्त राष्ट्र में इसका मुद्दा उठाया है. इतना ही नहीं भारत ने सख्त संदेश देते हुए कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों पर हमला अस्वीकार्य है. आइए जानते हैं पूरी खबर.

जहाजों को निशाना बनाना अस्वीकार्य- भारत

मिली जानकारी के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य ( Strait of Hormuz) में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल को खतरे में डालना और नेविगेशन की स्वतंत्रता में बाधा डालना “अस्वीकार्य” है.

एनर्जी और सप्लाई फ्लो की सुरक्षा पर संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (UNECOSOC) की एक विशेष बैठक में हरीश की टिप्पणियां ओमान के तट पर भारतीय ध्वज वाले एक वाणिज्यिक पोत पर हुए हमले के कुछ दिनों बाद आईं हैं. बता दें कि ओमान के अधिकारियों ने सोमालिया से आ रहे जहाज के सभी 14 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया, लेकिन यह तुरंत पता नहीं चल पाया कि हमला किसने किया था.

अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से सम्मान हो- हरीश

हरीश ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद (UNECOSOC) की बैठक में, उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण उत्पन्न हालिया ऊर्जा और उर्वरक संकट के प्रति भारत के दृष्टिकोण को साझा किया.

उन्होंने कहा, “संकट से निपटने के लिए अल्पकालिक और संरचनात्मक उपायों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संयोजन आवश्यक है.” उन्होंने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, नागरिक चालक दल को खतरे में डालना और होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता में बाधा डालना अस्वीकार्य है. इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से सम्मान किया जाना चाहिए.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और भारत

भारत के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत ही खास है क्योंकि यहां से वह 30 से 50 फीसदी तक कच्चे तेल और गैस का आयात करता है. भारत इसी समुद्री मार्ग से ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात समेत अन्य देशों से तेल का आयात करता है. अब यह समुद्री मार्ग प्रभावित हो गया है तो भारत ने अपने खास मित्र रूस से कच्चे तेल की सप्लाई को और अधिक बढ़ा दी है. हालांकि, ईरान एक मित्र राष्ट्र के नाते भारतीय जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जाने देने की बात कहता रहा है. वहीं, इस दौरान वह अपने दुश्मन देशों के जहाजों को बिल्कुल भी गुजरने नहीं दे रहा है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए अहम

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, दुनिया का बहुत ही महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है. यह जब से ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव में युद्ध का केंद्र बना है, तब से इसने दुनिया की अर्थव्यवस्था को काफी प्रभावित किया है. फारस और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह समुद्री मार्ग 33 किमी चौड़ा और करीब 167 किमी लंबा है. दुनिया की एनर्जी सप्लाई इस रास्ते पर बहुत ही अधिक निर्भर है. रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का करीब 20 से 25 फीसदी तेल और गैस का व्यापार इसी समुद्री मार्ग से होता है. यह रास्ता एशियाई बाजारों तक करीब 80 फीसदी से अधिक तेल की सप्लाई का माध्यम है.

यह भी पढ़ें: आज नहीं तो कल खुलेगा Hormuz, ग्लोबल इकोनॉमी को उबरने में कितना लगेगा समय?

News Source: PTI

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?