Jantar Mantar : धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला छात्रों के भविष्य की रक्षा और राष्ट्रविरोधी ताकतों को रोकने के लिए लिया गया है. इसी बीच खबर सामने आई है कि केंद्र सरकार ने कॉकरेच जनता पार्टी (CJP) की तीन शर्तों को मान लिया है. साथ ही केंद्र की तरफ से इन शर्तों को मंगलवार तक लिखित रूप में दे दिया जाएगा. इसी कड़ी में सीजेपी ने भी जंतर मंतर से अपना धरना खत्म करने का ऐलान किया है.
सभी शर्तों को किया स्वीकार : जेपी नड्डा
कांस्टीट्यूशन क्लब में दोनों पार्टियों (BJP और CJP) की तरफ से एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सभी शर्तों को स्वीकार किया गया. इसी बीच जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सौरभ दास और आशुतोष रांका के साथ हमारी तीसरी बैठक थी. एक बार फिर हमने लंबी चर्चा की. वे आज एक लिखित ड्राफ्ट लेकर आए थे जिसमें उन्होंने आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों के बारे में चार बातें रखीं. इसके साथ ही उन्होंने बाकी दो मांगें भी उठाईं, जिसमें कोई बदले की कार्रवाई न की जाए और नीट पीड़ितों को मुआवजा दिया जाए. इसके अलावा पांच-सूत्रीय चार्टर पर विचार किया जाए. उन्होंने आगे कहा कि हमने इन मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की.
उन्होंने यह भी बताया कि पहला बिंदु यह था कि कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए और कोई FIR दर्ज नहीं की जानी चाहिए. अगर पहले से ही कोई FIR दर्ज की गई है, चाहे दिल्ली पुलिस ने की हो या फिर BJP शासित राज्यों में तो सरकार उन्हें उन FIR की कॉपी उपलब्ध कराएगी.
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हमारी पहली मांग मान ली गई : CJP
इसी कड़ी में CJP के आशुतोष रांका ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हमने सरकार के प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दौर की बातचीत की है. जंतर-मंतर पर हमारा विरोध प्रदर्शन 37 दिनों से चल रहा था. इस विरोध प्रदर्शन की तीन मुख्य मांगें थीं. पहली मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा थी. दूसरी मांग यह थी कि प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी कानूनी मामले और FIR वापस लिए जाएं. भविष्य में भी उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज न किया जाए. तीसरी मांग NEET पेपर लीक के बाद अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये का मुआवजा थी. कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. इसका मतलब है कि हमारी पहली मांग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मान ली गई हैं.
VIDEO | Delhi: After talks between the CJP delegation and the government, during a joint press conference, with Union Ministers Jitendra Singh and JP Nadda, CJP 's Saurav Das says, "The CJP declares that we withdraw the agitation in good faith and understanding that the agreed… pic.twitter.com/4kmBNDFER3
— Press Trust of India (@PTI_News) July 25, 2026
सरकार सभी FIR को लेगी वापसी
वहीं, सौरव दास ने कहा कि हमारी दूसरी मांग यह थी कि न केवल दिल्ली में बल्कि बीजेपी शासित और बीजेपी-गठबंधन वाले सभी राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं. इस मांग को सरकार ने मान लिया है. साथ ही हम इस बात पर भी सहमत हुए हैं कि भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी या CJP टीम और आयोजकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. इसी समझ के आधार पर हमने सरकार के साथ एक ड्राफ्ट यानी लिखित गारंटी साझा की है और सरकार ने कहा है कि वे मंगलवार तक इसे हमारे साथ साझा करेंगे.
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