Home Top News जेवर एयरपोर्ट पर कार्गो फ्लाइट की शुरुआत, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को मिलेगी रफ्तार

जेवर एयरपोर्ट पर कार्गो फ्लाइट की शुरुआत, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को मिलेगी रफ्तार

by Sachin Kumar 17 June 2026, 4:42 PM IST (Updated 17 June 2026, 5:19 PM IST)
17 June 2026, 4:42 PM IST (Updated 17 June 2026, 5:19 PM IST)
Noida International Airport freight operations

Jewar Airport : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) से 15 जून को कमर्शियल पैसेंजर फ्लाइट्स की शुरुआत हो गई थी. इसी बीच बुधवार को कार्गो प्लेन की एंट्री के साथ ही माल ढुलाई का कार्य भी शुरू हो गया. चेन्नई और नोएडा के बीच जाने वाली पहली कार्गो फ्लाइट का वॉटर कैनन सैल्यूट के साथ स्वागत किया गया. जेवर एयरपोर्ट पर AISATS मल्टी-मॉडल कार्गो हब (MMCH) ने अपने इंटीग्रेटेड कार्गो टर्मिनल पर डोमेस्टिक फ्लाइट को हैंडल किया. इस विमान में जल्दी खराब होने वाली वस्तुएं थी, जैसे कि कंसोलिडेशन शिपमेंट्स, ऑटो पार्ट्स और मोबाइल डिवाइस शामिल थे.

एक नए अध्याय की शुरुआत

अधिकारियों ने कहा कि एयर कार्गो हैंडलिंग, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को एक साथ लाकर जेवर एयरपोर्ट को लॉजिस्टिक्स गेटवे के तौर पर एक बड़ा कदम है. AISATS के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर रामनाथन राजामणि ने बताया कि कार्गो फ्लाइट की लैंडिंग से कार्गो और लॉजिस्टिक्स यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. समय के साथ जिस तरह सप्लाई चेन जुड़ती जा रही है उससे इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि MMCH को कार्गो हैंडलिंग, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए विकसित किया गया है.

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कार्गो इकोसिस्टम होगा मील का पत्थर साबित

रामनाथन राजामणि ने कहा कि लॉजिस्टिक्स सुविधा से व्यापार को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही उत्तर भारत में व्यवसायों को मदद मिलेगी और ग्लोबल कॉमर्स में भारत की बढ़ती भूमिका में योगदान मिलेगा. एफकॉम होल्डिंग्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक परसुरामन ने कहा कि चेन्नई-नोएडा के बीच एयर कार्गो इकोसिस्टम के लिए मील का पत्थर साबित होगा. साथ ही ग्लोबल कॉमर्स में भारत की बढ़ती भूमिका को भी मजबूती मिलेगी.

इसके अलावा इस इलाके में मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और एग्रीकल्चर सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी. साथ ही बेहतर बिजनेस को भी सपोर्ट मिलेगा. वहीं, YEIDA के एडिशनल CEO शैलेंद्र कुमार भाटिया ने बताया कि AISATS द्वारा विकसित इस कार्गो हब में दवाइयां, ताज़े फूल, फल और सब्जियों के लिए कोल्ड स्टोरेज जोन भी बनाए गए हैं.

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