Noorjahan Mango: मध्य प्रदेश के कट्टीवाड़ा में आमों की रानी ‘नूरजहां’ अपने भारी-भरकम वजन और आसमान छूती कीमत से सबको चौंका रही है. किसानों ने बताया कि इस सीज़न में 3.3 किलोग्राम वजन वाला एक आम 3,800 रुपए में बिका. आम उत्पादकों ने बताया कि महीने के अंत तक कुछ आमों का वजन चार किलोग्राम तक पहुंच सकता है. इस बेशकीमती और शाही फल की सुरक्षा में कोई कमी न रहे, इसलिए पूरे बाग की रखवाली के लिए खास तौर पर 10 सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. इंदौर से 250 किलोमीटर दूर अलीराजपुर ज़िले का कट्टीवाड़ा इलाका ‘नूरजहां’ और आम की दूसरी किस्मों की खेती के लिए खास तौर पर जाना जाता है.
दूसरे राज्यों में भी बढ़ी मांग
कट्टीवाड़ा के आम उत्पादक भरतराज सिंह जाधव ने बताया कि उनके बाग में ‘नूरजहां’ आम के दो पुराने और 11 नए कलम किए हुए पेड़ हैं. उन्होंने कहा कि नए पेड़ों पर भी फल लगने लगे हैं और भविष्य में पैदावार बढ़ने की उम्मीद है. जाधव ने बताया कि इस सीज़न में ‘नूरजहां’ आम की पैदावार अच्छी रही है. मेरे बाग में अब तक का सबसे बड़ा ‘नूरजहां’ आम 3.30 किलोग्राम का था, जिसे मैंने 3,800 रुपए में बेचा. उन्होंने कहा कि उनके बाग में ‘नूरजहां’ आम के पेड़ों पर अभी भी कई फल लगे हैं और उनका आखिरी वज़न तोड़े जाने के बाद ही पता चलेगा. जादव के अनुसार, ‘नूरजहां’ आम की मांग अभी न सिर्फ़ मध्य प्रदेश से, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात से भी आ रही है.
खेती में नहीं होता केमिकल का इस्तेमाल
किसान ने बताया कि उन्हें हाल ही में तमिलनाडु से भी इस फल के बारे में पूछताछ के लिए कॉल आए थे. उन्होंने बताया कि इस सीज़न में उनके बाग के ‘नूरजहां’ आम संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और स्पेन तक पहुंचे हैं. हालांकि इसे सीधे एक्सपोर्ट नहीं किया गया था. लोग इसे अपने जान-पहचान वालों के ज़रिए विदेश ले गए थे. जादव ने बताया कि उनके बाग में आम की अलग-अलग किस्मों के लगभग 2,500 पेड़ हैं.
उन्होंने बताया कि बाग की सुरक्षा के लिए दस गार्ड तैनात किए गए हैं क्योंकि ‘नूरजहां’ आम की कीमत ज़्यादा होने के कारण इसकी खास देखरेख की ज़रूरत होती है. उन्होंने आगे कहा कि हम ‘नूरजहां’ आम की खेती में केमिकल का इस्तेमाल नहीं करते हैं. हम पेड़ों की देखभाल के लिए जंगल और प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाले ऑर्गेनिक अवशेषों का इस्तेमाल करते हैं.
जून तक पक जाता है फल
आम के एक और स्थानीय किसान शिवराज जादव ने बताया कि उनके बाग में ‘नूरजहां’ के छह पेड़ हैं. उन्होंने कहा कि इन पेड़ों पर अभी कई ऐसे फल लगे हैं जिनका वज़न लगभग तीन किलो है, और कुछ बड़े फल अभी पूरी तरह पके नहीं हैं. मुझे उम्मीद है कि कुछ आमों का वज़न चार किलो तक हो सकता है. आम उत्पादकों के अनुसार, ‘नूरजहां’ के पेड़ों पर जनवरी में फूल आने लगते हैं और जून तक फल पककर बिक्री के लिए तैयार हो जाते हैं. उन्होंने बताया कि कुछ दशक पहले ‘नूरजहां’ आमों का अधिकतम वज़न 4.5 किलोग्राम तक होता था, जो अब जलवायु परिवर्तन और पुराने पेड़ों की उत्पादन क्षमता कम होने के कारण आम तौर पर घटकर 3.5 से 3.8 किलोग्राम के बीच रह गया है.
News Source: PTI
